Monday, November 5, 2018

कुर्ग मतलब कॉफी और क्या...

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क्या आपको पता है देश में कुल कॉफी के उत्पादन का 40 फीसदी हिस्सा कुर्ग में होता है।  इसलिए कुर्ग और कॉफी एक दूसरे के पर्याय हैं। मडिकेरी शहर के 30 किलोमीटर पहले से कॉफी के बाग दिखाई देने लगते हैं। जानी मानी कॉफी निर्माता कंपनियां नेस्ले, ब्रू और टाटा सभी कुर्ग से कॉफी प्राप्त करती हैं।
कुर्ग में कॉफी के हरे भरे पौधों को देखकर दिल खुश हो जाता है। कॉफी के फूल को अत्यंत ही खूबसूरत होते हैं। इनके साथ वक्त गुजारना रुमानी अनुभूति है। तमाम होम स्टे कुर्ग में कॉफी बगानों के बीच बने हैं। वहीं कुर्ग आने वाले बड़ी संख्या में सैलानी कॉफी के बाग देखने के लिए जाते हैं।

कॉफी की खेती के लिए कुर्ग का मौसम बेहतरीन है। कर्नाटक में कुर्ग के अलावा कॉफी की खेती चिकमंगलूर जिले में होती है। कुर्ग से लगे केरल के कई हिस्सों में भी कॉफी उगाई जाती है। देश के कुल कॉफी उत्पादन का 53 फीसदी कर्नाटक में होता है तो 28 फीसदी केरल में।  

कहा जाता है कि 17वीं सदी में बाबा बुढन यमन से भारत में कॉफी लेकर आए थे। 1854 में एक अंग्रेज जॉन फावलेर ने कुर्ग क्षेत्र में पहले कॉफी स्टेट का निर्माण किया। इसके बाद तो कॉफी लोग इस क्षेत्र में कॉफी उगाने लगे। कुर्ग में कुल 270 तरह के पेड़ पौधे हैं, उनके बीच सालों भर सदाबहार मौसम में यहां बेहतरीन किस्म की कॉफी का उत्पादन होता है। अब पूरे कर्नाटक में सालाना 1.40 लाख टन कॉफी का उत्पादन होता है। कुर्ग को कॉफी कप ऑफ इंडिया भी कहते हैं। यहां अरेबिका और रुबुस्टा कॉफी का उत्पादन होता है।


कॉफी का निर्माण – आपके कप तक पहुंचने से पहले कॉफी की प्रोसेसिंग होती है। पौधे से कॉफी हमें बिन्स के तौर पर मिलता है। इन्हें दो तरीके से प्रोसेस किया जाता है। एक ड्राई तरीका है तो दूसरा वेट। इसके बाद इसे ग्राइंडिंग मशीन में पीसा जाता है। गुणवत्ता के लिहाज से कॉफी कई प्रकार की होती है। प्योर कॉफी में कुछ नहीं मिलाया जाता। जबकि सस्ती कॉफी में चिकोरी मिलाया जाता है। कुर्ग में प्योर कॉफी 500 रुपये किलो मिल जाती है। पर बाहर जाकर इसका भाव कई गुना हो जाता है।  


कॉफी की दुकानें – पूरे मडिकेरी शहर के हर कोने  में कॉफी के छोटे बड़े कई शो रुम हैं। कई जगह आप यहां कॉफी ग्राइंडिंग मशीन में पीसते हुए भी देख सकते हैं। मडिकेरी बस स्टैंड के ठीक सामने हमारी मुलाकात वी  श्रीधर से होती है। वे एक कॉफी शॉप चलाते हैं। उनके पास ग्राइंडिंग मशीनें लगी हैं। वे बताते हैं कि मैं देश के किसी भी कोने में कॉफी आपको कूरियर से भी भेज सकता हूं। पहले ऑर्डर को कोई कूरियर चार्ज नहीं दूसरे आर्डर से कूरियर चार्ज देना होगा।

फिल्टर कॉफी का आनंद – श्रीधर मुझे फिल्टर कॉफी बनाने के तरीके से अवगत कराते हैं। वे बताते हैं कि कॉफी पीना सेहत के लिए गुणकारी है। पर आपको इंस्टेट कॉफी नहीं पीना चाहिए। इसमें डस्ट की मात्रा होती है। कहा जाता है कि सबसे बेहतर है फिल्टर कॉफी का सेवन करना। यह आपको तरोताजा रखता है।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com
(COORG, COFFEE, KARNATKA  ) 

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