Monday, October 8, 2018

कोडाईकनाल - मोयर्स प्वाइंट और गुना की गुफाएं...

कोडाईकनाल की सैर करते हुए हम पहुंच गए हैं मोयर्स प्वाइंट। यहां पर खूब भीड़ है। जंगल में मंगल है। खाने पीने की दुकाने हैं। मैंने एक बार फिर कच्चे आम खाए। तो मोयर्स प्वाइंट क्या है। ये एक ब्रिटिश अधिकारी का नाम है। उसने कोडाई कनाल से केरल के मुन्नार जाने का रास्ता बनाया था। उसकी याद में बना है ये प्वाइंट। सर थॉमस मोयर ने 6 जून 1929 को कोचीन की तरफ जाने वाली सड़क के निर्माण कार्य की शुरुआत करवाई थी। इस सड़क के निर्माण में उसका बड़ा योगदान रहा। 14 फरवरी 1932 को मद्रास के गवर्नर सर जॉर्ज फ्रेडरिक स्टेनली ने इस सड़क का उदघाटन किया।

 हालांकि अब मोयर्स के रास्ते से वाहनों को जाने की अनुमति नहीं है। क्योंकि घने जंगल हैं। इन जंगलों में बेशकीमती चंदन के पेड़ हैं। इन जंगलों में वन्य जीव रहते हैं। इसलिए रास्ते को संरक्षित किया गया है। कोडाईकनाल को भौगोलिक रूप से देखा जाए तो केरल के इडुकी जिले और वहां से प्रमुख हिल स्टेशन मुन्नार से ज्यादा दूर नहीं हैं।

मोहक मगर खतरनाक गुना केव्स – 21 मौत हो चुकी हैं यहां मोयर प्वाइंट से आगे बढ़कर हमलोग पहुंचे हैं गुना केव्स। इससे पहले हमें बस से ही ग्रीन वैली दिखाई गई। बहुत ही गहरी घाटी है, इसलिए इसे सुसाइडल प्वाइंट भी कहते हैं। यहां से कूद जाने के बाद कुछ अता पता नहीं चलेगा। तो हम खतरनाक गुफाओं की ओर जा रहे हैं। इसका नाम डेविल्स किचेन है। 


पर कमल हासन की तमिल फिल्म गुना की 1992 में यहां शूटिंग हुई उसके बाद इसका नाम गुना केव्स रख दिया गया। यहां एक खतरनाक कुआं है जिसे अब जंजीर लगाकर बंद कर दिया गया है। शराब के नशे में यहां अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है। 15 साल पहले तक 20 लोगो की मौत हुई थी। 2013 में आखिरी बार एक युवक की यहां मौत हुई। यहां एक व्यू प्वाइंट और पेड़ की जड़ों के साथ सुंदर नजारे बनते हैं। 


यहां पर मेरी मुलाकात अनिल कुमार सिंह से हुई जो लखनऊ में बीएचईएल में इंजीनियर हैं। वे बीएचयू आईटी 1999 -2003 के एलुमनी हैं। तो गुना केव्स में हिंदी फिल्म गुमराह की भी शूटिंग हुई है जैसा कि हमारे गाइड महोदय ने बताया। गुना केव्स को 1821 में ब्रिटिश अधिकारी बीएस वार्ड ने तलाश किया था। इसकी ऊंचाई 2230 मीटर है।

पीलर रॉक मोयर प्वाइंट से 3 किलोमीटर और गुना केव्स के पास ही है। यह 122 मीटर ऊंची चट्टान है, जो विशाल स्तंभ के शक्ल में है। यहां पर भी खाने पीने की दुकानें सजी रहती हैं। 1992 से पहले गुना केव्स और पीलर रॉक तक बहुत कम लोग ही पहुंचते थे। पर अब यहां हर रोज मेला लगा रहता है।

हमलोग आगे बढ़ रहे हैं गोल्फ कोर्स की ओर। सड़क के किनारे जंगलों में 148एकड़ में फैला विशाल गोल्फ कोर्स है। यहां हिंदी फिल्म सपने साजन के और शिवाजी गणेशन की कई तमिल फिल्मों की शूटिंग हुई। गोल्फ कोर्स के आगे हरी भरी वादियों में एक स्कूल दिखाई दिया। आगे पंबारपुरम में शापिंग कांप्लेक्स है। यहां सभी बस वाले रोकते हैं। आप कुछ शापिंग करें और बस वालों का कमिशन बने। पर मैं पास में बने के सुंदर झरने को देखने दौड़कर पहुंच जाता हूं। इस झरने का नाम फेयरी फाल्स है।

आज के टूर के समापन से पहले हमें बस एक गाइड 500 साल पुराने जामुन के पेड़ से साक्षात्कार कराते हैं। हमलोग बस रुकवा कर इस गौर से देखते हैं। फिर आगे बढ़ जाते हैं। मैं एक बार फिर लेक के पास ही उतर जाता हूं। कोडाई की सारी रौनक तो यहीं है।
(MOYERS POINT, GUNA CAVES, FOUR PILLER ROCKS, GOLF COURSE )
( KODAI KANAL, MAGIC MUSHROOM, TAMILNADU, HILL STATION ) 

-      विद्युत प्रकाश मौर्य

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