Wednesday, October 3, 2018

मॉनसून के मौसम में मैजिक मशरूम की तलाश


डिंडिगुल से कोडाईकनाल के लिए हमारा बस का सफर शुरू हो चुका है। यहां 30 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बातालगुंडु नामक कस्बा आया। यहां पर बस स्टैंड में जाकर रुकी। यह कोडाई की तरफ जाने के लिए आखिरी समतल क्षेत्र का कस्बा है। यहां थेनी और मदुरै की तरफ से आने वाली बसें भी मिल जाती हैं। कुछ मिनट ठहराव के बाद बस आगे बढ़ चली। तकरीबन 8 किलोमीटर आगे जाकर थेनी के लिए मोड़ आया। यहां से कोडाई की दूरी 52 किलोमीटर रह गई है। पर यहीं से मनोरम रास्ता शुरू हो जाता है। साथ ही शुरू हो जाती है पहाड़ों के लिए चढ़ाई। सड़क के किनारे रिजार्ट को साइनबोर्ड दिखाई देने लगे हैं।

बस में मेरे आसपास चार नौजवान हैं जो मौज मस्ती के लिए चेन्नई से कोडाई जा रहे हैं। एक युवा साथी से बातचीत शुरू हुई। वे चेन्नई सुपर किंग्स में जॉब करते हैं। उम्र 21-22 है पर राजनीति में गहरी रुचि रखते हैं। उन्हें केंद्र सरकार से बहुत शिकायत है। वे तमिलनाडु के साथ केंद्र की सभी सरकारों पर अन्याय करने के आरोप लगाते हैं। वे चोल राजाओं के योगदान को याद करते हैं।

 थोड़ी आत्मीयता बढ़ने पर बताते हैं कि वे मैजिक मशरूम की तलाश में कोडाईकनाल जा रहे हैं। मैं ये शब्द सुनकर थोड़ा चौंकता हूं। आखिर क्या है मैजिक मशरूम। वे बताते हैं- मैजिक मशरूम कोडाईकनाल के जंगलों में मानसून के दिनों में ही उगता है। यह जून से सितंबर अक्तूबर तक मिलता है। हमारे तमिल साथी बताते हैं इसके सेवन में हल्का हल्का नशा होता है। स्थानीय स्तर पर इसका सेवन अपराध में नहीं आता , पर इस बाहर लेकर जाना और इसका व्यापार करना अपराध में आता है। तो काफी नौजवान मैजिक मशरूम की तलाश में कोडाईकनाल आते हैं।


साइलोसबीन मशरूम को मैजिक मशरूम कहा जाता है। इसका इतिहास बहुत पुराना है। यह अवसाद रोधी दवा के रुप में भी काम करता है। पर इसका इस्तेमाल ड्रग्स के तौर पर हो रहा है। कोडाईकनाल में यह टूरिस्टों को सहजता से नहीं मिल पाता पर स्थानीय लोगों को मिल जाता है।
जादुई मशरूम बेहद प्रभावी ढंग से अवसाद का इलाज कर सकती है। मस्तिष्क के प्रमुख तंत्र की गतिविधि को फिर से शुरूकर सकने में सक्षम है। यह शोध साइंटिफिक रिपोर्ट्स पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। शोध में बताया गया कि ये वह मरीज थे जिनका इलाज पांरपरिक उपचार के जरिए सफल नहीं हो पाया था। हालांकि मैजिक मशरूम को आंशिक तौर पर खतरनाक भी माना जाता है, और इसकी गिनती नशे के तौर ली जाने वाली सामग्री में होती है। पर कोडाईकनाल में मॉनसून के दिनों में मैजिक मशरूम वैसे ही उग आती है जैसे बिहार यूपी में भांग।


बातों बातों में सफर कट गया और हमलोग कोडाईकनाल पहुंच चुके हैं। मैं बस स्डैंड में जाकर उतरा। साफ सुथरा बस स्टैंड। इसके अंदर ही कई टूर ऑपरेटर और लोकल साइट दर्शन कराने वालों के दफ्तर हैं। पर मेरा बुक किया हुआ होटल बस स्टैंड के बिल्कुल सामने है। जेसी ग्रैंड के सभी कमरों की खिड़कियां सड़क की ओर खुलती हैं। व्यू अच्छा है। कमरा भी बड़ा और सुसज्जित है। चेकइन की औपचारिकता के बाद घूमने निकल पड़ता हूं, कोडाईकनाल की सड़कों पर।

अरे हां , मैजिक मशरूम का क्या हुआ ... उसे अब मैं भूल चुका हूं... 
( KODAI KANAL, MAGIC MUSHROOM, TAMILNADU, HILL STATION ) 
-      विद्युत प्रकाश मौर्य

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