Tuesday, October 23, 2018

बन्नारी अम्मान मंदिर – सत्यमंगलम के जंगलों में शक्ति की देवी

तमिलनाडु के इरोड जिले में बन्नारी में देवी का अत्यंत सुंदर मंदिर है। मरिअम्मा देवी का यह मंदिर कई कारणों से प्रसिद्ध है। मरिअम्मा को वर्षा की देवी माना जाता है। वे दुर्गा या महाकाली का रूप मानी जाती हैं। साथ ही यह मनोकामना पूरी करने वाली देवी हैं।
कहा जाता है बन्नारी में लोगों ने बाघ और गाय को एक ही घाट पर पानी पीते हुए देखा था। इसलिए इस धरती को पवित्र माना जाता है। कोई 300 साल पहले यहां चरवाहे गाय चराते थे। पर उनकी गाय में से एक गाय दूध निकालने पर भी दूध नहीं देती थी। एक दिन देखा गया कि दिन  में एक खास जगह पर जाकर वह गाय अपने आप दूध देना शुरू कर देती है। बाद में इस स्थल पर माता का मंदिर बना। मंदिर काफी सुंदर और आकर्षक रंगों में रंगा हुआ है। 24 स्तंभों वाला शोभा मंडप श्रद्धालुओं के सहयोग से 1967 में निर्मित कराया गया। अर्थ मंडप और महामंडप मंदिर की शोभा को और बढ़ाते हैं। मंदिर परिसर में  गणेश जी की प्रतिमा भी स्थापित की गई है।

बन्नारी अम्मान मंदिर दक्षिण मुखी है। इसके दोनों तरफ घना जंगल है। यह भी माना जाता है कि तमिलनाडु ने व्यापार करने कर्नाटक जाने वाले व्यापारियों की माता हमेशा से रक्षा करती आई हैं। मंदिर के आसपास के जंगलों में हाथी, सूअर, भालू, हिरण आदि पाए जाते हैं।
मंदिर को लेकर कई तरह के चमत्कारों की कथा कही जाती है। ब्रिटिश काल में एक अंग्रेज वन अधिकारी ने लोगों को मंदिर में होने वाले कुंदम उत्सव के लिए लकड़ियां काटने से रोक दिया। उसके बाद उस अधिकारी को लगातार उल्टी और दूसरी बीमारियां होने लगीं। जब मंदिर के कुंड से पानी लाकर उसे दिया गया तो उसकी तबीयत में सुधार होने लगा।
कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को मारने के लिए संकल्प लेने के लिए आईपीएस विजय कुमार बन्नारी अम्मान मंदिर में पहुंचे थे।

कुंदम उत्सव में आग पर चलते हैं श्रद्धालु - मंदिर में हर साल कुंदम उत्सव का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में शामिल होने के लिए तमिलनाडु के अलग अलग जिलों  लाखों लोग पहुंचते हैं। इस उत्सव में हजारों लोग आग पर चलकर पार हो जाते हैं। आश्चर्य की बात यह होती है जलती आग पर चलते हुए श्रद्धालुओं को कुछ नहीं होता। सुबह 4 बजे शुरू होने वाले इस अनूठे रस्म में बाद दोपहर तक लोग हिस्सा लेते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस क्रिया को करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस उत्सव के दौरान तमिलनाडु रोडवेज विशेष बसें चलाती है। वहीं हजारों पुलिस कर्मी सुरक्षा इंतजाम में लगे रहते हैं।

खुलने का समय – मंदिर सुबह 5.30 बजे खुलता है। यह श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रात्रि 8 बजे तक खुला रहता है। मंदिर के आसपास अब श्रद्धालुओं के लिए अतिथि गृह आदि का प्रबंध है।
कैसे पहुंचे – तमिलनाडु के इरोड जिले में स्थित सत्यमंगलम शहर से बन्नारी की दूरी 13 किलोमीटर है। यह गोबी से 14 किलोमीटर पहले स्थित है। सत्यमंगलम से कर्नाटक की तरफ जाने  वाली सभी बसें बन्नारी में मंदिर के पास रुकती हैं।
- ( SRI BANNARI MARIAMMAN TEMPLE, SATYAMANGLAM, ERODE, TAMILNADU )
- विद्युत प्रकाश मौर्य
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