Wednesday, October 17, 2018

पलनी पर्वत पर जाने के लिए अनूठी रेलगाड़ी

पलनी मुरुगन स्वामी मंदिर तक आने जाने के लिए सीढियों के अलावा अनूठी रेलगाड़ी का विकल्प है। यह ढलान पर चलने वाली रेलगाड़ी है, जिसे विंच नाम दिया गया है। इसमें कुल तीन डिब्बे हैं। देखने में खिलौना ट्रेन की तरह लगने वाली यह रेलगाड़ी विद्युत ऊर्जा से धीमी गति से चलती है। तेज ढलाव वाली पटरियों पर यह चढ़ती और उतरती है। मतलब पटरी बदलने की कोई जरूरत नहीं पड़ती। यहां कुल तीन रेलवे ट्रैक बनाए गए हैं। इनमें से एक ट्रैक राशन , सामग्री आदि के परिवहन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जबकि बाकी दो ट्रैक का इस्तेमाल श्रद्धालुओं के लिए किया जाता है। इन रेलगाड़ी के डिब्बे छोटे-छोटे हैं जो चलने से पहले सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिए जाते हैं। यह फुनीकुल रेलवे (FUNICULAR RAILWAY ) का नमूना है। 


ऐसी रेलगाड़ियों का इस्तेमाल ढलाव वाले रास्ते पर किया जाता है। मुझे लगता है यह देश में चलने वाली तमाम रेलगाड़ियों में सबसे अलग और अनूठी है।  इसमें एक लोहे की मजबूत रस्सी चरखी में घूमती है जो तीनो कोच को धीरे धीर ऊपर या फिर नीचे लाने का काम करती है। सुरक्षा के लिहाज से इस रस्सी की हर तीन महीने में जांच की जाती है। हर एक साल बाद इस रस्सी को बदल कर नई लोहे की रस्सी लगाई जाती है।


इस रेलगाड़ी में कुल 36 लोग एक बार में बैठ सकते हैं। आधार तल से पर्वत तक रेलवे ट्रैक की लंबाई 290 मीटर है। आमतौर पर सफर में 8 मिनट का समय लगता है।
पलनी में मंदिर तक पहुंचने के लिए पहली विंच सेवा की शुरुआत 1966 में की गई। पहले विंच की वजन 32 टन है। इसमें 36 लोग सफर कर सकते हैं। इसकी लोकप्रियता को देखते हुए दूसरी विंच सेवा का शुरुआत 1981 में हुई। इसमें तब 18.5 लाख रुपये का खर्च आया था। जब ये ट्रैक भी कम पड़ने लगे तब तीसरे ट्रैक की शुरुआत 1988 में की गई।

पलनी में यह रेलगाड़ी श्रद्धालुओं के बीच बहुत लोकप्रिय है। आमदिनों में इसकी सेवा सुबह 6 बजे शुरू होती है जबकि भीड़भाड़ वाले दिनों में इसकी सेवा सुबह 4 बजे से ही आरंभ हो जाती है। विंच की सेवा बिजली से चलती है। पर कभी बिजली कट जाए तो उसके लिए जेनरेटर का भी इंतजाम रखा गया है।  

दो तरह का किराया सिस्टम - इस रेलगाड़ी में दो तरह का किराया सिस्टम लागू किया गया ह। इसके लिए वापसी का किराया 10 रुपये है। पर इसमें इंतजार करना पड़ता है। अगर आप 50 रुपये वाला टिकट लें तो वेटिंग हॉल में नहीं बैठना पड़ेगा। मैं जब पलनी पहुंचा हूं तो मंदिर तक चढ़ाई तो सीढ़ियों से की, पर वापसी की यात्रा विंच से की। वहीं अगर आप नीचे से ऊपर की ओर जा रहे हैं तो किराया 10 रुपये और 25 रुपये रखा गया है। तीन साल से कम उम्र के बच्चों का किराया नहीं लिया जाता है।

आधार तल पर मंदिर में चढ़ाई के लिए जहां से सीढ़ियां आरंभ होती है, उससे थोडा और आगे जाने पर विंच का स्टेशन है। जब आप पलनी जाएं तो इसकी सेवा का इस्तेमाल जरूर करें। यह काफी आनंददायक सफर है। क्योंकि विंच के ट्रैक के साथ बड़े सुंदर बागीचे हैं। इनमें रंग बिरंगे खुशूबदार फूल भी खिले रहते हैं।
दो बार हादसे हुए - अप्रैल 2004 में पलनी के विंच सेवा में एक हादसा हो गया था। तब विंच ने आगे बढ़कर काउंटर को ध्वस्त कर दिया था। इस हादसे में 34 लोग घायल हो गए थे। उसके बाद से संरक्षा के इंतजाम और कड़े कर दिए गए हैं। इससे पहले 1993 में भी इसी विंच से हादसा हुआ था। तब इसमें दो लोगों की मौत भी हो गई थी।
( TAMILNADU, HILL STATION, PALNI, RAIL, FUNICULAR RAILWAY, WINCH ) 

-      विद्युत प्रकाश मौर्य

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