Saturday, October 13, 2018

मुरगन स्वामी के नाम समर्पित है तमिलनाडु का पलनी शहर

कोडाईकनाल से चली हमारी बस शाम को सात बजे के करीब पलनी बस स्टैंड में पहुंच गई है। ये बस आगे कोवाई ( कोयंबटूर ) जाएगी पर मेरा सफर  पलनी तक ही है। पलनी का बस स्टैंड काफी बड़ा और साफ सुथरा है। बस स्टैंड के अंदर भी एक अच्छी कैंटीन है।
बस स्टैंड के अंदर चार लोग भोजपुरी में गप लड़ाते मिले। पूछने पर पता चला क मोतिहारी के लोग हैं। यहां पर पल्लेदारी का काम करते हैं। उनसे मैं त्रिपुर जाने वाली बस का स्टैंड पूछता हूं। उन्होने बताया कि हर 15 मिनट पर त्रिपुर की बस मिलती है। पर फिलहाल तो मुझे रात्रि विश्राम पलनी में ही करना है। बस स्टैंड के बाहर  सामने मुख्य सड़क पर श्रीराम लॉज होटल में मुझे 400 रुपये में अच्छा कमरा मिल गया। होटल काफी बड़ा है और बस स्टैंड के सामने मुख्य सड़क पर स्थित है। बालकोनी से मुरगन मंदिर दिखाई दे रहा है। पर मैं सुबह दर्शन के लिए जाऊंगा।
इससे पहले शाम को कुछ घंटे पलनी के बाजार की सैर कर लेता हूं। पलनी डिंडिगुल जिले का शहर है। 2011 की जनगणना के मुताबिक शहर की आबादी 70 हजार है। पर शहर किसी जिला मुख्यालय जैसा बड़ा और साफ सुथरा नजर आ रहा है। शहर में बड़ी बड़ी कपड़ों की दुकाने हैं जहां लोग खूब खरीददारी कर रहे हैं।
बस स्टैंड के सामने वाली सड़क पर तीन अच्छे शाकाहारी भोजनालय हैं। इनमें से दो होटलों में मैंने अलग अलग तरह के व्यंजन रात को खाने में लिया। खाने का स्वाद अच्छा है। दरें भी वाजिब हैं। हमने आर्डर किया है वेज पुलाव, दही रायता के साथ। दूसरा डिश है पराठा। पर इसमें पराठे के ऊपर कुरमा उड़ेल दिया गया है। साथ में रायता भी है।

पलनी शहर में सजीले टमटम चलते हुए दिखाई दिए। आजकल टमटम और घोड़े कहां दिखाई देते हैं। पर पलनी में टमटम को खूब सजा संवार कर रखा गया है। टमटम का डिजाइन थोड़ा बग्घी जैसा है। बस स्टैंड के बगल में एक विशाल सरोवर है। पर इसमें पानी नहीं है। पलनी शहर के कई इलाकों में कटहल खूब बिक रहे हैं। पके हुए कटहल बहुत बड़े आकार के हैं। लोग खरीदकर बड़े चाव से खाते हैं।
पलनी शहर और कोडाईकनाल के बीच के पहाड़ी इलाके को पलनी हिल्स के नाम से जाना जाता है। ये हिल एरिया भी वेस्टर्न घाट का हिस्सा माना जाता है। पलनी रेलवे स्टेशन भी है। यह वास्तव में कोडाई कनाल का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन है। पलनी कोयंबटूर-डिंडिगुल- रामेश्वरम रेल मार्ग पर पड़ता है। पहले यह लाइन मीटरगेज हुआ करती थी। साल 2012 में डिंडिगुल पलनी खंड को ब्राडगेज में बदल दिया गया। हालांकि इस लाइन पर रेलगाड़ियां कम ही चलती हैं।
पलनी बस स्टैंड में मैंने देखा कि केरल के प्रमुख तीर्थ स्थलों के लिए यहां से सीधी बसों का संचालन किया जा रहा है। यहां से गुरुवायूर और चेन्नई के लिए सीधी बसों की बुकिंग हो रही है।  
हमारी इस यात्रा में पलनी पहले से तय पड़ाव में शामिल नहीं था। पर कोडाई कनाल में एक सज्जन ने पलनी के मुरुगन टेंपल के बारे में जानकारी दी तो मैंने यहां रुककर मुरुगन स्वामी के दर्शन करना तय किया।
-   ( PALNI HILLS, MURUGAN, TANGA, TAMILNADU, HILL STATION ) 
-      विद्युत प्रकाश मौर्य

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