Wednesday, September 12, 2018

गुलबर्ग से चेन्नई – चेन्नई एक्सप्रेस से वाया रेणीगुंटा

भले ही शहर का नाम कालबुर्गी हो गया है, पर गुलबर्ग रेलवे स्टेशन का नाम अभी नहीं बदला है। गुलबर्ग रेलवे स्टेशन पर कुल 4 प्लेटफार्म हैं। रेलवे स्टेशन पर अच्छी कैंटीन और किताबों की दुकानें हैं। स्टेशन का मुख्य भवन स्तूप के शक्ल में है। रेलवे स्टेशन पर विशाल चित्र लगाकर गुलबर्गा के आसपास के दर्शनीय स्थलों के बारे में जानकारी दी गई है।
यह रेलवे स्टेशन सोलापुर डिविजन में आता है। अब यह लाइन विद्युतीकृत हो चुकी है। गुलबर्ग में चेन्नई एक्सप्रेस का समय रात 1.10 बजे है। पर ट्रेन आधे घंटे लेट से आई। वैसे दक्षिण में रेलगाड़ियां लेट बहुत कम होती हैं।

एक बार फिर चेन्नई एक्सप्रेस में : ट्रेन के इंतजार में मैं रेलवे ट्रेन स्टेटस एप को बार बार खंगाल रहा हूं। कुल चार घंटे का इंतजार। प्लेटफार्म नंबर एक के वातानुकूलित श्रेणी के प्रतिक्षालय में। इस बीच मोबाइल चार्जिंग तो कभी मोबाइल इंटरनेट पर कुछ न्यूज साइट देखते वक्त बीता। ट्रेन आने की घोषणा हुई तो प्लेटफार्म नंबर 2 पर पहुंच गया। दो मिनट का ठहराव है। चेन्नई एक्सप्रेस में मेरा ये दूसरा सफर है। मैं अपने बी2 कोच में पहुंच गया। टीटीई बाबू गेट पर ही मिल गए। सीट नंबर क्या है...मैंने कहा- 25 बस ठीक है। मैं अपनी सीट पर जाकर सो गया। अटेंडेंट ने नई चादरें लाकर दे दीं। चेन्नई एक्सप्रेस में अटेंडेंट लोग बिहार के हैं।


अलविदा कर्नाटक फिर मिलेंगे: 

गुलबर्ग के बाद चेन्नई एक्सप्रेस का आगे का ठहराव है- शाहाबाद, वाडी, यादगीर, कृष्णा, रायचूर, मंत्रालयम रोड, अडोनी, गुंतकल जंक्शन, गूटी जंक्शन, तादीपत्री, कोंडापुरम, मुड्डानुरु, कमलापुरम, कड्डपा, नंदालूर, राजमपेट, कोडुरु, रेनीगुंटा, पुत्तुर, तिरुत्तानी, अरकोनम, पेरांबुर, चेन्नई सेंट्रल। मैं रायचूर तक जगा रहा। उसके बाद नींद आ गई। मेरी सामने वाली सीट पर भाई बहन हैं जो कडप्पा उतरने वाले हैं।  रायचूर कर्नाटक में पड़ता है। इसके बाद आंध्र प्रदेश करनूल जिले का मंत्रालयम रोड स्टेशन आता है। गुंतकल जंक्शन ( अनंतपुर जिला) भी आंध्र प्रदेश का बड़ा रेलवे स्टेशन है। पर मैं वहां सोता रहा। इसके बाद कडप्पा जिला शुरू हो जाता है। यह आंध्र का बड़ा जिला है। इस जिले में कई रेलवे स्टेशन आते हैं।

मेरी नींद खुली तो रेणीगुंटा  रेलवे स्टेशन आ चुका है। यह तिरुपति शहर के पास का स्टेशन है। अच्छी नींद ले चुका हूं। अब नित्य क्रिया से निबट कर तैयार हूं। 

सुबह के नास्ते का समय हो गया है। तो प्लेटफार्म से इडली वड़ा नास्ते में लिया। अक्सर इस रूट की रेलगाड़ियां रेणीगुंटा में देर तक रुकती हैं। यहां स्टेशन के प्लेटफार्म पर आपको अच्छा नास्ता और खाना भी मिल जाता है। अब ट्रेन चलने वाली है। मैं मन ही मन तिरुपति बालाजी को प्रणाम किया। ट्रेन में स्नान करके कपड़े बदल लिए। क्योंकि चेन्नई दोपहर के बाद पहुंचने वाला हूं।
एक बार फिर तमिलनाडु में:  हमारी ट्रेन आंध्र प्रदेश को छोड़कर तमिलनाडु में प्रवेश कर रही है। तिरुवल्लुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन नहीं रूकी। अरकोनम में ट्रेन का ठहराव है। चेन्नई से ठीक पहले पेरांबुर मे भी ट्रेन रुकी। आगे व्यासरपाड़ी जीवा नामक लोकल रेलवे स्टेशन आया। इसके बाद आगे चलकर चेन्नई सेंट्रल से दो किलोमीटर पहले बेसिन ब्रिज जंक्शन में ट्रेन रुक गई। 

बेसिन ब्रिज में ऐसी रूकी की आगे बढ़ने का नाम नहीं ले रही है। यहां से उतरकर जाने का रास्ता भी दिखाई नहीं दे रहा है। इस बीच कई लोकल ट्रेनें भी पास कर गईं। तकरीबन आधे घंटे बाद ट्रेन सरकने लगी। शाम के 5 बजे हैं और मैं एक बार फिर चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर पहुंच चुका हूं। इस बार  शायद पांचवी बार दक्षिण भारत के शहर चेन्नई में पहुंचा हूं। पर इस बार मेरा यहां ठहराव तो महज कुछ घंटे का ही है।

-विद्युत प्रकाश मौर्य vidyut@daanapaani.net
(GULBARGA, YADGIR,RAICHUR , RENIGUNTA, CHENNAI EXPRESS)