Monday, September 10, 2018

बसव कल्याण से कालबुर्गी की ओर

बसव कल्याण का भ्रमण करने के बाद अब कालबुर्गी जाने की तैयारी में हूं। बसव कल्याण मंदिर से बस स्टैंड जाने का रास्ता पूछता हूं। लोग बतते हैं कि बस स्टैंड दूर है आटो रिक्शा कर लें। आटो से बस स्टैंड पहुंच गया। पर भूख लग गई है। तो आगे की यात्रा से पहले बस स्टैंड के सामने एक होटल में खाने चला गया। थाली 50 रुपये की है। खाने के बाद बस स्टैंड में पहुंचा। बसव कल्याण का बस स्टैंड उतना सुविधाजनक नहीं है जितना की कर्नाटक के दूसरे बस स्टैंड। शायद यह अभी नया बना है। बसव कल्याण के बाजार में आम खूब मिल रहे हैं। स्थानीय आम 30 से 50 रुपये किलो। पर मैं खरीद कर खा नहीं पाया।  संयोग से यहां से कालबुर्गी के लिए सीधी बस मिल गई। बस 3 बजे चल पड़ी है। 

हुमनाबाद से कुछ किलोमीटर चलने के बाद बस ग्रामीण रास्ते पर चल पड़ी। बस में मुझे एक युवक मिला। वह अलीगढ़ से ताले लाकर दक्षिण भारत के अलग-अलग शहरों में सप्लाई करता है। वह बताता है कि ताले बेचते हुए वह दक्षिण के तमाम शहर घूम चुका है। वह मुडबी रोड पर उतर जाता है। यहां उसे दुकानदारों को ताला सप्लाई करना है। मुडबी के बाद तो बस बिल्कुल ग्रामीण रास्ते से चल रही है। कहीं कहीं सड़क कच्ची नजर आ रही है।

एक तरफ पहाड़ दूसरी तरफ खेत। रास्ता मनोरम है। बस चलते हुए कमलापुर पहुंचती है। यहां रेलवे स्टेशन भी है और छोटा सा बाजार है। यहां बस स्टैंड में बस थोड़ी देर रूकी। इस के बाद का सफर हाईवे पर है। अब बस सरपट भाग रही है। कमालापुर कालबुर्गी (गुलबर्ग) जिले का कस्बा है। यहां से कालबुर्गी 41 किलोमीटर है। कमलापुर रेलवे स्टेशन का कोड KMLK है। यह कालबुर्गी –बीदर रेलवे लाइन का स्टेशन है। हालांकि ये लूप लाइन है। इस पर सिर्फ दो पैसेंजर ट्रेनें ही चलती हैं। इस लाइन का उदघाटन दिसंबर 2017 में हुआ है।



बस एनएच 50 पर दौड़ रही है। कुछ किलोमीटर आगे चलने पर महागांव क्रॉस आया। इसके बाद कुरिकोता में एक स्थानीय नदी पर पुल आया। थोड़ी देर बाद बस कालबुर्गी शहर में प्रवेश कर गई है। चौक चौराहों पर बसवन्ना की तस्वीरें लगी हैं।

शाम के 5 बजे मै कालबुर्गी बस स्टैंड पहुंच गया हूं। कालबुर्गी शहर आरंभ होने के बाद बस शहर के बाहरी इलाके यानी बाइपास रोड से होते हुए बस स्टैंड पहुंची है। बाइपास रोड देखकर अंदाजा लग गया कि कालबुर्गी बड़ा शहर है। कालबुर्गी का पुराना नाम गुलबर्ग है। अभी भी रेलवे स्टेशन का नाम गुलबर्ग ही है। यह मुंबई चेन्नई लाइन का प्रमुख रेलवे स्टेशन है।

कालबुर्गी के बस स्टैंड पर काफी भीड़भाड़ है। स्टैंड के अंदर स्टाफ के लिए लाइब्रेरी दिखाई देती है। अब कालबुर्गी से आगे मुझे चेन्नई का सफर करना है। पर यहां बस स्टैंड से सीधे चेन्नई की बस नहीं है। मैं रेलगाड़ी तलाश करता हूं। बस स्टैंड में ही बैठकर मोबाइल में आईआरसीटीसी के एप पर ट्रेन की तलाश शुरू की।


रात 1.10 बजे चेन्नई एक्सप्रेस है यहां से। उसमें तत्काल में एक वेटिंग दिखाई दे रहा है। मैंने टिकट बुक कर लिया। अगर कनफर्म नहीं हुआ तो जनरल टिकट लेकर जाउंगा यह भी मन बना लिया। इसके बाद गुलबर्ग शहर में घूमने निकल पड़ा। पर दो घंटे बाद मोबाइल पर संदेश आया । टिकट कनफर्म हो गया है। साथ ही टिकट अपग्रेड भी हो गया है। मुझे एसी3 में बर्थ मिल गई है। पहली बार मुझे रेलवे में अपग्रेडेशन का लाभ मिला है। हालांकि रेलवे में ये व्यवस्था काफी लंबे समय से चल रही है।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य
( KALBURGI, GULBARGA, KARNATKA )