Thursday, August 23, 2018

केरल के साथ खड़े होने की जरूरत – तबाह हो गया ईश्वर का देश

केरल की एक सड़क - तबाही से पहले और तबाही के बाद
केरल यानी ईश्वर का अपना देश। कभी यह चार शब्द केरल टूरिज्म की टैगलाइन हुआ करते थे। पर अगस्त 2018 में हुई तेज बारिश में केरल के 14 में 11 जिलों में भारी तबाही मची है। अब बारिश कम हो गई है। पानी उतरने लगा है। पर बुरी तरह बर्बाद हो चुके केरल को मदद की दरकार है। इड्डुकी जिले का मुन्नार जो दुनिया के दस बेहतरीन टूरिस्ट डेस्टिनेशन में गिना जाता है, उसके आसपास के रास्ते बर्बाद हो चुके हैं। ज्यादा पुरानी बात नहीं है, पिछले साल अक्तूबर में (2017) में ही तो हम सपरिवार मुन्नार की हसीन वादियों में कुछ दिन गुजार कर आए थे। पर वे मुन्नार के चाय के बगान अब तबाह हो चुके हैं।
केरल ने सौ साल में ऐसी बारिश कभी नहीं देखी। इस बारिश से केरल की कमर कुछ ऐसी टूटी है कि सब कुछ ठीक होने में कुछ साल लग सकते हैं। इस दौर में केरल के साथ मिलकर हाथ बटाने की जरूरत है। आर्थिक मदद, सामान से मदद, दवाओं से मदद जैसे भी हो सके केरल के साथ खड़ा होने की जरूरत है। यह खुशी की बात है कि हर क्षेत्र के लोग केरल की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
बारिश ने कहर कुछ इस तरह ढाया कि केरल का सबसे व्यस्त कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सभी तरह की उडाने रोकनी पड़ी। पेरियार नदी का पानी आसपास के गांव को डूबो चुका है। कई रास्ते तो बुरी तरह तबाह हो चुके हैं। इन सड़को को फिर से बनाने में लंबा वक्त लग सकता है। केरल की आईपीएस अधिकारी रीमा राजेश्वरी ने एक फोटो ट्वीट की है। इसमें एक सड़क है जो पहले ऐसी थी और बाढ़ के बाद वह किस तरह तबाह हो गई है उसे देखा जा सकता है।
हो सकता है एक सैलानी के तौर इन सर्दियों में और नए साल में आप केरल के तमाम हिस्सों का आनंद नहीं ले सकें। पर केरल आने वाले दिनों मे फिर पहले जैसा हरा भरा खिलखिलाता हुआ दिखाई दे इसके लिए हमें केरल के साथ खड़े होने की जरूरत है।

कैसे करें मदद - अगर आप केरलको दान देना चाहते हैं तो केरल सरकार के इस पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन दान दे सकते हैं। 
https://donation.cmdrf.kerala.gov.in/  केरल सरकार को आपकी ओर से दिया गया यह दान आयकर से पूरी तरह से छूट प्राप्त है। आपको 80जी के तहत छूट की रसीद भी साथ ही मिल जाती है।

- vidyutp@gmail.com
(KERALA, FLOOD)