Friday, July 27, 2018

कोटा का टनाटन मखनिया लस्सी

दूसरी बार राजस्थान के कोटा शहर में पहुंच गया हूं। एक बार फिर बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन। कुछ घंटे का खाली समय है, तो रेलवे स्टेशन के आसपास के बाजार में घूमने लगता हूं। चौराहे पर नृत्य रत दो प्रतिमाएं लगी हैं। काफी सुंदर हैं। आगे बढ़ने पर घंटाघर दिखाई देता है। लाल रंग के छोटे से भवन के ऊपर घड़ी लगी है। सही समय बता रही है। अब कुछ खाने की इच्छा है। तो एक मिठाई की दुकान पर पहुंचा। टनाटन मखनिया लस्सी। जी हां यही नाम है। टनाटन मखनिया लस्सी। 

लस्सी 15 रुपये का एक गिलास। लस्सी वाकई टनाटन है। इसमें मक्खन भी है। बीकानेर मिष्टान भंडार में ये मखनिया लस्सी मिलती है। यह मिठाई की दुकान रेलवे स्टेशन रोड पर है। यहां रसगुल्ला महज 160 रुपये किलो मिल रहा है। पर अभी ये रसगुल्ले खाने का बिल्कुल ही मन नहीं है। लस्सी पीकर ही मन तृपत हो गया है। तो आगे चलते हैं।

हां ये तो बताना भूल ही गया कि कोटा शहर खाने पीने के लिए काफी शानदार शहर है। यहां रेलवे स्टेशन के आसपास कई अच्छे भोजनालाय है, जहां वाजिब दरों पर आप पेटपूजा कर सकते हैं। मैं शेरे पंजाब वेज नान वेज रेस्टोरेंट में पहुंचा हूं। खाना अच्छा है पर मीनू देखकर आगे बढ़ जाता हूं। कई बार कई रेस्टोरेंट का मीनू देखने की इच्छा रहती है। आगे नजर आता है असली वीरांगना भोजनालय। दरअसल यहां पर दो वीरांगना भोजनालय हैं। दोनों असली होने का दावा करते हैं। पर मैं जा पहुंचा हूं चित्रकूट वालों का अन्नपूर्णा भोजनालय में। यहीं पर एक थाली का आर्डर कर देता हूं। यह थाली 70 रुपये  की है। इसमें सब कुछ है रोटी चावल, सब्जी, दाल रायता आदि। खाना अच्छा है। पर आप कोटा रेलवे स्टेशन के आसपास राजस्थानी दाल बाटी भी खा सकते हैं। वह भी काफी सस्ते में। तो दाल बाटी, मिठाई या फिर थाली खाएं कोटा आपको सारे विकल्प देता है।
कोटा रेलवे स्टेशन पर पहुंच गया हूं। कोटा जंक्शन पर काफी सुंदर पेंटिंग से दीवारों को सजाया गया है। रेलवे स्टेशन पर रिटायरिंग रूम भी काफी अच्छी हालत में हैं। हालांकि उनकी दरें काफी रियायती नहीं हैं। कोटा से अब हमारी अगली मंजिल सवाई माधोपुर है। वैसे तो दिन में सवाई के लिए कई ट्रेनें हैं पर 22981 कोटा श्रीगंगानगर सुपरफास्ट एक्सप्रेस शाम 5.20 बजे कोटा से चलती है। ट्रेन यहीं से बनकर चलती है इसलिए इस ट्रेन में जगह आसानी से मिल गई। यह ट्रेन राजस्थान के एक कोने से दूसरे कोने का सफर तय करती है। कोटा से यह ट्रेन समय पर चल पड़ी है। सहयात्री भी अच्छे हैं। बातों बातों में सवाई माधोपुर पहुंच गए। रास्ते मे ट्रन लाखेरी में रूकी। लाखेरी बूंदी जिले का नगरपालिका स्तर का शहर है। बूंदी कोटा से सटा हुआ जिला है। कोटा बूंदी सभी राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में आते हैं। इसके बाद का स्टेशन था इंद्रगढ़ सुमेरगंज मंडी। जैसे एक तरफ रामगंज मंडी है उसी तरह कोटा के दूसरी तरफ सुमेरगंज मंडी। सुमेरगंज मंडी राजस्थान के बूंदी जिले में आता है। छोटा सा व्यापारिक कस्बा है। यहां जैन समाज के लोग अच्छी संख्या में हैं।
(KOTA, RAJSTHAN, CHAMBAL,  TANATAN LASSI )
-        विद्युत प्रकाश मौर्य
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