Friday, July 20, 2018

कोटा से झालावाड़ वाया रामगंज मंडी

रोज सुबह सात बजे कोटा से झालावाड़ के लिए पैसेंजर ट्रेन चलती है। इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली यह पैसेंजर ट्रेन 25 रुपये किराया में 98 किलोमीटर का सफर सुगमता से कराती है। इतनी दूर बस से जाना चाहें तो 100 रुपये लग जाएंगे। सुबह सुबह कोटा जंक्शन पहुंच गया हूं। कोटा झालावाड़ पैसेंजर 7 बजे है। इससे पहले कोटा रतलाम पैसेंजर मिल गई। यह छह बजे ही खुलती है। इसमें जगह मिल गई और मैं रामगंज मंडी तक का सफर इस ट्रेन से करता हूं। 73 किलोमीटर का सफर आराम से गुजरा। रामगंज मंडी में स्टेशन से बाहर निकल कर नास्ता। और क्या पोहा और जलेबी। 20 रुपये में। मेरे पास एक घंटा है। 8.35 में झालावाड़ पैसेंजर आएगी। तब रामगंज मंडी रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क पर चहलकदमी। रामगंज मंडी कोटा जिले का शहर है।


धनिया के लिए मशहूर - पर यह धनिया के लिए मशहूर है। यहां धनिया की बहुत बड़ी मंडी है। बताया जाता है कि मसालों की सबसे बड़ी कंपनी एमडीएच भी धनिया पाउडर बनाने के लिए धनिया रामगंज मंडी से खरीदती है। आसपास के गांव के लोग खूब धनिया बोते हैं। सीजन मे मंडी धनिया के बोरों से पट जाती है। एक दिन में 20 हजार बोरी तक धनिया आ जाता है यहां की मंडी में। साल 2018 में मौसम अनुकूल होने के कारण धनिया का उत्पादन बंपर हुआ है।
झालावाड़ तक रेलमार्ग बन जाने के बाद कोटा से रतलाम के बीच रामगंज मंडी रेलवे स्टेशन अब जंक्शन बन चुका है। कोटा जिले के रामगंज मंडी से झालावाड़ शहर की दूरी 26 किलोमीटर है जो रेल नेटवर्क से अब जुड़ गया है।
साल 2012 से इस मार्ग पर रेल चल रही है पर मार्च 2016 में झालावाड विद्युतीकृत रेल नेटवर्क से जुड़ गया। अब कोटा से झालावाड सिटी के बीच कोटा से वाया रामगंज मंडी पैसेंजर ट्रेन का संचालन होता है। रामगंजमंडी-भोपाल ब्राडगेज रेल परियोजना से कोटा-झालावाड से भोपाल के लिए कम दूरी का वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। नई रेलवे लाइन के भोपाल से रामगंज मंडी तक लगभग 287 किलोमीटर होगी।

इसके तहत रामगंज मंडी जंक्शन से झालावाड़ तक 27 किलोमीटर रेलवे लाइन तो बिछाई जा चुकी है। आगे झालवाड से अकलेरा-ब्यावरा के बीच काम शुरू कर दिया गया है । झालावाड़ से अकलेरा के बीच चार स्टेशन बने हैं। यह सफर आधे घंटे में तय हो जाएगा। इसमें झालरा पाटनजूनाखेड़ाआमेठा और अकलेरा स्टेशन बने हैं।
झालावाड ब्यावरा रूट पर तीन सुरंगे भी बनाई जा रही हैं। सबसे बड़ी टनल घाटोली में बनेगी। झालावाड़ से अकलेरा-ब्यावरा के बीच 14 नए रेलवे स्टेशन और तीन सुरंगे बनेंगी। इसमें एक अकलेरा में दूसरी पिछोला तीसरी घाटोली में होगी। सबसे बड़ी सुरंग एक किलोमीटर की घाटोली में होगी। रामगंजमंडी से भोपाल बड़ी रेल लाइन परियोजना के तहत 165 किलोमीटर के ब्यावरा तक के रूट के लिए अनुमानित लागत 1450 करोड़ रुपये तय की गई है। इस कार्य को 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ब्यावरा मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले का शहर है।

रामगंज मंडी  में एक घंटा गुजर गया है। ठीक 8.35 मे झालावाड पैसेंजर आकर लग गई है। मुझे आसानी से खिड़की वाली सीट मिल गई है। अगला स्टेशन से जुल्मी। हां जी जुल्मी। सही सुना आपने। इसके बाद का स्टेशन झालावाड़ है। रेल पटरियों के दोनों तरफ पथरीले रास्ते हैं। झालावाड़ सिटी रेलवे स्टेशन काफी सुंदर है। यह फिलहाल आखिरी रेलवे स्टेशन है। सारे लोग उतर रहे हैं तो हम भी उनके साथ हो गए।
(KOTA, RAMGANJ MANDI, JHALAWAR CITY, RAJSTHAN, CHAMBAL RIVER )

-    विद्युत प्रकाश मौर्य

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