Tuesday, July 10, 2018

मुंबई की विक्टोरियन गोथिक शैली की इमारतें विश्व विरासत की सूची में


मायानगरी मुंबई के शिखर पर नए सितारे जड़ गए हैं। 30 जून 2018 को यूनेस्को ने मुंबई की तीसरे स्थल को विश्व विरासत की सूची में शामिल किया। मुंबई की विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको इमारतों के भव्य क्लस्टर को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल होने के साथ 37 भारतीय स्थल इस सूची में आ चुके हैं।
यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के 42वें सत्र में इस पर फैसला किया गया। एलिफेंटा गुफाओं और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन (विक्टोरिया टर्मिनसके बाद विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको के भवनों की श्रंखला को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया जाना मुंबई को मिला तीसरा ऐसा सम्मान है।
यूनेस्को ने ट्वीट कर जानकारी दी कि यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल के रूप में मुंबई का विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको एनसेंबल्स शामिल कर लिया गया है। पिछले साल गुजरात के अहमदाबाद को विश्व धरोहर शहर घोषित किया गया था। अहमदाबाद विश्व धरोहर शहर घोषित किया जाने वाला भारत का पहला शहर था।

बांबे हाईकोर्ट का भवन विक्टोरियन गोथिक का नमूना
जब मुंबई में आप छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन से गेटवे ऑफ इंडिया की ओर आगे बढ़ते हैं तो विक्टोरियन गोथिक इमारतों के दर्शन होते हैं। दक्षिण मुंबई में स्थित विक्टोरियन गोथिक आर्ट डेको के भवनों को मियामी के बाद दुनिया की सबसे बड़ी भवन श्रंखला में शामिल किया जाता है। बांबे हाईकोर्ट का भवन विक्टोरियन गोथिक शैली का बेहतरीन उदाहरण है। ये भवन में विशाल मैदान के आसपास स्थित हैं इनका निर्माण 19वीं सदी में हुआ था।  बांबे हाईकोर्ट के भवन का निर्माण 1871 में आरंभ हुआ और 1878 में पूरा हुआ। तब 16.44 लाख में बने इस भवन के वास्तुविद जेए फुलेर थे।हाईकोर्ट का भवन 562 फीट लंबा187 फीट चौड़ा और औसतन 90 फीट ऊंचा है। पर इसके केंद्रीय टावर की ऊंचाई 178 फीट है।  

गोथिक शैली की इमारतों में मुंबई यूनीवर्सिटी का फोर्ट कैंपस भी शामिल है। इसके अलावा सिविल और सेशंस कोर्ट की इमारतें इसी शैली में बनी हैं। इसी श्रेणी में राजाबाई क्लाक टावर का भी नाम लिया जा सकता है।

1930 से 1950 के बीच बनी आर्ट डेको इमारतें
इरोज सिनेमा का भवन -  आर्ट डेको बिल्डिंग
मैदान के पश्चिमी इलाके में स्थित आर्ट डेको भवनों का निर्माण 1930 से 1950 के बीच हुआ है। मुंबई की आर्ट डेको बिल्डिंग में आवासीय भवनव्यवसायिक दफ्तरअस्पतालमूवी थियेटर आदि आते हैं। इसी क्षेत्र में रीगल और इरोस सिनेमा घर हैं। चर्चगेट के पास स्थित इरोज सिनेमा का भवन आर्ट डेको शैली का बेहतरी उदाहरण है। इस सिनेमाघर में 1,204 लोगों की बैठने की क्षमता है।  साल 1938 बने इस भवन के वास्तुविद शोरबाजी भेदवार थे।

घुमावदार सीढ़ियां और खूबसूरत बरामदे
पीले बैंगनी और नीले रंगों में रंगी आर्ट डेको बिल्डिंग मुंबई के मरीन ड्राइव पर तीन किलोमीटर के दायरे मे हैं। ज्यादातर भवन अधिकतम पांच मंजिल के हैं। इन भवनों में घुमावदार सीढ़ियांखूबसूरत बरामदे और संगमरमर की फर्श इसकी विशेषताएं हैं।
मैदान एक तरफ बांबे हाईकोर्ट की विशाल बिल्डिंग है तो दूसरी तरफ चर्च गेट रेलवे स्टेशन है। बीच में स्थित यह मैदान मुंबई के लोगों का लोकप्रिय स्थल है। इस मैदान में राजनीतिक रैलियों और धार्मिक कार्यक्रम पर प्रतिबंध है। यहां दुपहरिया में लोग खेलते नजर आ जाएंगे, तो मैदान के चारों तरफ विशाल स्ट्रीट मार्केट है। इन फुटपाथ के बाजार में खाने पीने के सस्ते स्टाल से लेकर लेटेस्ट फैशन तक दिखाई देता है।
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( REMEMBER IT'S A WORLD HERITAGE SITE ) 
मुंबई में विश्व विरासत इमारतों के मध्य से गुजरती बेस्ट की दो मंजिला बस