Saturday, May 26, 2018

स्वच्छता की मिसाल पेश करता राजधानी थिंपू

थिंपू भूटान की राजधानी है। हो सकता है यह दुनिया की सबसे साफ सुथरी राजधानियों में शुमार हो। हालांकि मैं भारत के बाहर कम गया हूं फिर भी भूटान के थिंप शहर की स्वच्छता को देखकर ऐसा लगता है। थिंपू शहर वांगचू नदी के किनारे समुद्रतल से 2,400 मीटर की ऊंचाई पर बसा है। शहर के केंद्र में 4 समानांतर सड़कें हैं। हर सडक के दोनों तरफ पदयात्रियों के लिए फुटपाथ बने हैं। पर इन फुटपाथ पर कहीं भी अतिक्रमण नहीं है।
शहर की स्वच्छता को बरकरार रखने के लिए शहर को पॉलीथीन मुक्त बनाने की कवायद जारी है। थिंपू की मुख्य सड़क पर मुझे एक मशीन दिखाई देती है। यह आटोमेटिक वेंडिग मशीन 5 रुपये का नोट डालने पर एक बैग देती है। इस बैग में आप कुछ भी खरीददारी कर सकते हैं। आधिकारिक तौर पर यहां पॉलीथीन पर प्रतिबंध है।

थिंपू में लगी बैग वेंडिंग मशीन। 
थिंपू शहर में राह चलते आप कहीं भी कचरा नहीं फेंक सकते। अगर फेंक दिया तो सीसीटीवी में कैद हो जाएंगे और आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है। पूरे शहर में हर जगह कैमरे लगे हुए हैं। इसलिए सावधान रहिए।

ट्रैफिक नियमों की सख्ती – शहर ट्रैफिक नियमों को लेकर बड़ा पाबंद है। हर जगह सड़क पर पार्किंग के लिए जगह निर्धारित किए गए हैं। कई जगह सड़क पर भी पार्किंग बाक्स बना दिए गए हैं। आप यहां शुल्क देकर अपनी गाड़ी खड़ी कर सकते हैं। इसके अलावा कहीं भी पार्किंग की तो जुर्माना भरने के लिए तैयार रहिए।

पैदल यात्री भी जेब्रा क्रासिंग के अलावा कहीं भी सड़क पार नहीं कर सकते। पर जब आप जेब्रा क्रासिंग पर सड़क पार करने के लिए खडे होते हैं तो दोनों तरफ से आने वाली गाड़ियां पदयात्रियों को देखकर बड़े सम्मान से रूक जाती हैं। चाहे वह कितनी भी महंगी एसयूवी हो या फिर किसी भी स्तर की सरकारी गाड़ी वह पैदल चलने वाले को जेब्रा पर पहले रास्ता देती है। इस समय एक पैदल यात्री के तौर पर भी बड़ी शाही एहसास होता है।


कोरोनेशन पार्क – थिंपू शहर में सुबह की सैर के लिए वांगचू नदी के किनारे बना कोरोनेशन पार्क बेहतरीन जगह है। यह पार्क थिंपू के स्टेडियम के ठीक सामने है। लंबे वर्गाकार पार्क में प्रवेश के लिए कोई शुल्क नहीं है। पार्क के अंदर सुनहले रंग की विशाल बुद्ध की प्रतिमा है। यह प्रतिमा मैत्रेय बुद्ध की है। यानी बुद्ध चलायमान मुद्रा में है। भूटान के लोग इसे वाकिंग बुद्धा स्टैचू कहते हैं।

पार्क के अंदर ओपन जिम का भी निर्माण किया गया है। यहां आप सुबह सुबह बिना किसी शुल्क के व्यायाम कर सकते हैं। यहां लगे मशीनों के इस्तेमाल के तरीके की भी जानकारी दी गई है। पार्क में एक फलों के जूस के दुकान भी है। यहां पर लगे एक बोर्ड में फलों के जूस पीने के फायदे भी गिनाए गए हैं।
तो अब पार्क से बाहर चलते हैं। वांगचू नदी के किनारे सुंदर बेंच बनी हैं। यहां बैठ कर सुबह के धूप के मजे लिजिए और नदी के सौंदर्य को निहारिए। वांगचू नदी का जल कल कल बहता हुआ संगीत की स्वर लहरियां उत्पन्न करता है। हमारे होटल भूटान के कमरे में नदी का यह संगीत रात भर सुनाई देता है।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य
( THIMPU CITY, BHUTAN ) 
लहरों का संगीत - थिंपू की एक सुबह - वांगचू नदी के किनारे।