Thursday, April 26, 2018

राजधानी थिंपू से प्यारे शहर पारो की ओर

थिंपू में 23 तारीख की सुबह होटल गासिल में नास्ते में पराठा  लिया। पुनाखा के लिए परमिट लेने के बाद हमलोग पारो के लिए निकल पड़े। वैसे पुनाखा बाद में जाना है, पर परमिट सोमवार से शुक्रवार तक ही बनता है, इसलिए ये कार्य निपटा लिया। तकरीबन 60 किलोमीटर दूरी है थिंपू और पारो के बीच। शेयरिंग कार वाले 200 रुपये प्रति यात्री लेते हैं। बस में किराया कम है, पर बस दिन भर में सिर्फ दो बार ही चलती हैं। उनमें भी एडवांस बुकिंग होती है। न सिर्फ सैलानियों बल्कि स्थानीय यात्रियों को भी अचानक पारो जाना पड़े तो शेयर टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है। 

हालांकि पारो के लिए सुबह से लेकर शाम तक, रात्रि 8 बजे तक भी टैक्सियां खूब मिलती हैं। हमें टैक्सी स्टैंड से पहले ही एक टैक्सी वाले मिल गए। हम दो सवारी तो थे, पर उन्हें और दो सवारी नहीं मिली। लिहाजा वे हमें लेकर पारो चल पड़े।

पारो चू और वांगचू का संगम
हमलोग चोजुम में पारो चू और वांगचू के संगम पर रुके। संगम पर सामने एक मंदिर बना हुआ। तमाम लोग इंडोभूटान फ्रेंडशिप ब्रिज पर खड़े होकर तस्वीरें खिंचवा रहे थे। इस संगम से एक रास्ता हा के लिए जाता है। चीन सीमा पर स्थित हा शहर की दूरी यहां से 80 किलोमीटर है।


रास्ते में होली वाटर मतलब पवित्र जल – थिंपू से पारो की  सड़क बेहतरीन बनी है। अचानक ड्राईवर साहब सड़क के किनारे गाड़ी रोकते हैं और होली वाटर की ओर इंगित करते हैं। पहाड़ों से आता एक पानी का सोता है जिसे लोग होलीवाटर कहते हैं और यहां से पानी भरकर ले जाते हैं। तो हमने भी दो बोतल होली वाटर भर लिया। इसे दिल्ली ले जाएंगे।

पारो एयरपोर्ट और होटल – पारो शहर आने से पहले हमें ली मीरिडयन होटल दिखाई देता है। पारो शहर से 5 किलोमीटर पहले पारो का एयरपोर्ट है। यह भूटान का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यहां से भारत के शहर कोलकाता, बागडोगरा के लिए नियमित फ्लाइट है।

काठमांडू समेत कुछ और शहरों के लिए भी उड़ाने हैं। पारो शहर दो तरह पहाडों के बीच घाटी में है। इसलिए एयरपोर्ट के ठीक बगल में ऊंची पहाड़ी है। इसलिए पारो एयरपोर्ट को दुनिया के सबसे खतरनाक एयरपोर्ट में गिना जाता है। यहां विमान की लैंडिंग और टेकऑफ दोनों ही मुश्किल कार्य है। पर यहां आजतक कोई बड़ा विमान हादसा भी नहीं हुआ।
सिटी होटल पारो – पारो में हमारे रहने का इंतजाम सिटी होटल में है। यह होटल मुख्य बाजार में स्थित है। इसके मालिक एक नेपाली गुरंग हैं। होटल की दूसरी मंजिल पर रिसेप्शन और भोजनालय है। 1500 रुपये प्रतिदिन के इस होटल का कमरा काफी सुसज्जित है। रेस्टोरेंट भी काफी साफ सुथरा है। हांलाकि रेस्टोरेंट निरामिष नहीं है। पर हमें यहां पसंद का शाकाहारी खाना मिल गया। खाने के बाद हमलोग पारो दर्शन के लिए निकल गए।

आल सीजन्स होटल, पारो – वैसे तो पारो में सस्ते होटल कम दिखाई देते हैं। पर मुख्य बाजार में स्थित होटल ऑल सीजन्स का किराया 850 रुपये प्रतिदिन से आरंभ होता है। इस होटल में रेस्टोरेंट है। अब पारो में ऑल सीजन्स वेज होटल खुल गया है। इसके कमरे 1200 से 1800 के मध्य के हैं। इसमें शाकाहारी भोजनालय उपलब्ध है। ये रही पारो में ठहरने खाने पीने की बात तो अब घूमने चलते हैं। 
- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 
( CITY HOTEL PARO, BHUTAN, ALL SEASONS )