Saturday, April 28, 2018

बीरपाड़ा से जयगांव वाया मदारीहाट-हासीमारा


पश्चिम बंगाल के अलीपुर दुआर जिले के बीरपाड़ा में हम अगली बस का इंतजार कर रहे हैं। हमें जाना है जयगांव पर हमें अगली बस मिली मदारी हाट तक की। स्थानीय लोगों ने बताया कि आप मदारी हाट तक चले जाएं,  वहां से जयगांव की बस मिल जाएगी।


बीरपाड़ा से मदारी हाट सिर्फ   12    किलोमीटर है। तो हम जल्द ही मदारीहाट पहुंच गए । मदारीहाट में उतरकर हम बस का इंतजार करने लगे पर देर तक कोई बस नहीं आई। हमारे साथ एक परिवार भी बस का इंतजार कर रहा है। उन लोगों को भी जयगांव जाना हैं। वे  लोग हिंदी  में बातें कर रहे हैं। उनकी हिंदी  भोजपुरी मिली हुई है। दरअसल दुआर्स इलाके में बड़ी संख्या में बिहार और यूपी से  कई सौ साल पहले के  माइग्रेट किए हुए लोग रहते हैं। ये लोग इधर के चाय बगानों में श्रमिक के तौर पर आए थे। हमलोग चौराहे   पर खड़े हैं लोग बता रहे हैं बस फालकाटा से भी आ सकती है और सिलिगुड़ी की तरफ से भी। मदारीहाट से जयगांव   30  किलोमीटर है। हां आप फालाकाटा से भी जयगांव पहुंच सकते हैं। 

शाम के सात   बज गए हैं। अब अंधेरा छाने लगा है। पर छोटे से कसबे मैं आश्वस्त हूं अगर बस नहीं आई तो सामने एक गेस्ट हाउस दिखाई दे रहा है। रात को यहीं रुक जाएंगे। फिर सुबह सुबह आगे का सफर शुरू करेंगे। पर थोड़ी देर में सिलिगुड़ी से आने वाली बस आ गई। हमलोग फटाफट इसमें जा बैठे। इसमें जगह भी मिल गई।


हमारी बस तेजी से से दौड़ रही है। पहले हाशीमारा रेलवे स्टेशन आयाजो न्यू हासीमारा कहलता है। जयगांव जाने के लिए हासीमारा निकटतम रेलवे स्टेशन है। इसके बाद ओल्ड हासीमारा आया। हासीमारा में हमें कुछ आवासीय होटल के बोर्ड दिखाई देते हैं। मतलब की रात हो जाए तो यहां भी रुकने का इंतजाम है। थोड़ी देर में हमलोग जयगांव बाजार पहुंच गए हैं। सरपट भागती बस ने हमें जयगांव बस स्टैंड में उतार दिया।




पर अब हमें मालूम नहीं की जाना कहां है। बस स्टैंड के आसपास आवासीय होटल नहीं दिखाई दे रहे हैं। पर वहां से शेयरिंग आटो रिक्शा मिला जिसमें   7    रुपये प्रति सवारी की दर से हम भूटान गेट ले जा रहे हैं। तो हम भी बाकी सवारियों के साथ उसमें बैठकर भूटान गेट पहुंच गए। अब हमें एक होटल की तलाश करनी थी रात में रुकने के लिए।

थोड़ी खोजबीन के बाद जयगांव के भूटान के गेट के सामने लिंक रोड पर   होटल आराम    हमारा ठिकाना बना। जयगांव में रहने के लिए किफायती और बेहतरीन जगह है। स्टाफ का व्ययवहार भी दोस्ताना है। हमें उन्होने तीसरी मंजिल पर डबल बेड रुम दिया   600    रुपये प्रतिदिन की दर पर. होटल में अच्छा भोजनालय भी है। हालांकि होटल आराम को बुक करने से पहले मैंने अनादि को वहीं छोड़कर आसपास के तीन और होटल देखे पर मुझे आराम ही बेहतर लगा।



















हमने उनके भोजनालय में ही रात का डिनर लिया। भोजन के बाद थोड़ी देर हमलोग जयगांव बाजार की सड़कों पर घूमने निकले। यह बाजार देर रात खुला रहता है। भूटान से भी लोग बड़ी संख्या में खरीददारी करने आते हैं।

जयगांव फुंटशोलिंग के बारे में हमारे हमारे फेसबुक मित्र बिबेक शाह ने भी काफी जानकारी दी थी। वे हासीमारा में रहते हैं। पर उनसे इस यात्रा के दौरान मिलना नहीं हो सका।

यात्रा मार्ग-  बाघपुल - बागरकोट- उदयबाड़ी- दमदिम- माल बाजार- चालसा- नगरकाटा-लुकसान - बनारहाट- बिनागुड़ी तेलीपाड़ा- एथलबाड़ी – बीरपाड़ा- मदारीहाट- न्यू हासीमारा- ओल्ड हासीमारा- जयगांव )
-        विद्युत प्रकाश मौर्य  vidyutp@gmal.com
   (DUARS TEA GARDEN, BIRPARA, MADARIHAT, HASIMARA, JAIGAON, ARAM LODGE )


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