Sunday, March 4, 2018

सिलचर का अरुणाचल जंक्शन रेलवे स्टेशन

अरुणाचल जंक्शन रेलवे स्टेशन। जंक्शन इसलिए है क्योंकि यहां से जिरीबाम के लिए रेलवे लाइन जाती है। बदरपुर जंक्शन से सिलचर मार्ग पर सिलचर से ठीक पहले का स्टेशन है अरुणाचल जंक्शन। मैं अगरतला पैसेंजर आने से एक घंटा पहले ही यहां पहुंच चुका हूं। अरुणाचल कालीबाड़ी से रेलवे लाइन पकड़कर पैदल चलता हुआ। तो स्टेशन से पहले मासिमपुर बाजार के एक दुकान पर सुबह के नास्ते के लिए बैठ जाता हूं। ताजी पूरियां तली जा रही हैं। 20 रुपये में पूरी सब्जी की थाली। होटल की सफाई व्यवस्था अच्छी है। पर गैस के जमाने में मिट्टी के तेल का स्टोव जलाकर पूरियां तल रहे हैं। कहते हैं इससे गैस की तुलना में तेज आंच मिलती है। मैं नास्ता करके प्लेटफार्म पर पहुंच जाता हूं।
हालांकि कछार का सबसे बड़ा शहर और प्रमुख रेलवे स्टेशन सिलचर है। पर मणिपुर को रेल लिंक सिलचर से न करके अरुणाचल जंक्शन जो सिलचर से 6 किलोमीटर पहले का स्टेशन है, वहां से प्रदान किया गया है। अरुणाचल से जिरीबाम तक पहले मीटर गेज लाइन थी, उसे अब ब्राडगेज में बदला जा चुका है।
हालांकि अरुणाचल जंक्शन एक छोटा सा रेलवे स्टेशन है। फिलहाल यहां सिर्फ एक प्लेटफार्म है। दूसरी लाइन पर लो लेवल का प्लेटफार्म है। अभी यहां यात्रियों की ज्यादा आवाजाही नहीं है। हालांकि स्टेशन साफ सुथरा नजर आ रहा है। मीटर गेज लाइन के समय के पुराने भवन अब भी दिखाई दे रहे हैं। मैं जब 2103 में इस लाइन पर सफर कर रहा था। तब यह सिलचर अगरतला मार्ग मीटर गेज हुआ करता था।
अब ब्राडगेज पर भी सिलचर से अगरतला के लिए पैसेंजर ट्रेन चलती है। सुबह 8 बजे सिलचर से 55664 अगरतला पैसेंजर चलती है। मीटरगेज के समय भी सुबह एक पैसेंजर ट्रेन चलती थी। अब ब्राडगेज के सिलचर अगरतला पैसेंजर में 3एसी, स्लिपर और 2एस क्लास है। एक दिन पहले आनलाइन मुझे 2एस में सीट नहीं मिली, पर स्लिपर क्लास में साइड लोअर बर्थ मिल गई है। हालांकि दिन का सफर है, पर अच्छा है। ट्रेन अरुणाचल जंक्शन पर समय से कुछ मिनट बाद पहुंच गई। सेना के कई लोग अपने भारी भरकम सामान के साथ ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। इसमें एक खूबसूरत महिला अधिकारी भी हैं। मैं अपने कोच में पहुंच गया। हमारी सीट पर एक नन्ही बच्ची विराजमान है। उनकी मां मौसमी राय से मेरा परिचय होता है और फिर बातों का सिलसिला शुरू हो जाता है। ट्रेन बराक घाटी के एक एक स्टेशन को पार करती हुई आगे बढ़ती जा रही है।
काठाकाल जंक्शन आ गया। यहां से मिजोरम के लिए रेलवे लाइन जा रही है। फिलहाल में मिजोरम में सिर्फ एक स्टेशन है बैराबी। पर उससे पहले ये ट्रेन असम के हेलाकांडी जिला के तमाम हिस्सों से गुजरती है। पंचग्राम के बाद बदरपुर जंक्शन आ गया। यहां ट्रेन का ठहराव पांच मिनट का है। स्टेशन पर चहल पहल है। खाना और नास्ता के काउंटर वाले आवाजे लगा रहे हैं। पर इन आवाजों में मुझे कहीं घोष बाबू की कैंटीन नजर नहीं आई, जो मुझे पिछली यात्रा के दौरान मिली थी। पर ब्राडगेज आने के बाद बदरपुर जंक्शन की रौनक बढ़ गई है। बढ़े भी क्यों न भला । इस मार्ग पर अब दिल्ली के लिए त्रिपुर सुंदरी तो बेंगलुरू के लिए हमसफर, गुवाहाटी के लिए कंचनजंगा जैसी ट्रेनें चलने लगी हैं।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 
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