Tuesday, March 27, 2018

इंडियन म्युजियम कोलकाता मतलब जादू घर

तो आइए चलते हैं देश के सबसे पुराने संग्रहालय की सैर पर। कोलकाता का इंडियन म्युजियम। कोलकाता वाले इसे जादू घर भी कहते हैं। क्यों भला। इतना विशाल संग्रह है कि जादुई लगता है। साल 1814 में स्थापित इंडियन म्युजियम ने 2014 में अपनी स्थापना के 200 साल पूरे किए। अगर आप कोलकाता पहुंचे हैं और इतिहास में थोड़ी भी रूचि है तो इंडियन म्युजियम जरूर पहुंचिए। नहीं -नहीं सिर्फ इतिहास ही क्यों विज्ञान खास कर जीव विज्ञान, मानव विकास, भू भौतिकी जैसे विषयों के छात्र हैं शोधकर्ता हैं तो भी ये संग्राहलय आपके लिए महत्व रखता है।

इंडियन म्यूजियम कोलकाता शहर के मुख्य इलाके चौरंगी में स्थित है। कोलकाता में कहीं से भी यहां पहुंचना आसान है। मेट्रो का निकटम स्टेशन एस्प्लानेड हो सकता है। प्रवेश के लिए 20 रुपये का टिकट है। यह हर रोज 10 से 5 बजे तक खुला रहता है। टिकट काउंटर के पास बैगेज लेफ्ट यानी क्लाक रुम की सुविधा उपलब्ध है। म्युजिम के अंदर पानी, टायलेट आदि की भी सुविधा है। यहां से आप संग्रहालय का प्रकाशन, चित्रों के कलेक्शन अलबम आदि चाहें तो खरीद भी सकते हैं।
जब 1991 में पहली बार कोलकाता आना हुआ था तो एक दिन पूरा समय इंडियन म्युजियम के नाम किया था। कई साल बाद कई कोलकाता यात्रा के बाद साल 2017 में एक बार इंडियन म्युजियम के लिए कुछ घंटे का वक्त निकाला।
संग्रहालय में प्रवेश करते ही बायीं तरफ मानव विकास, जीवाष्म आदि की गैलरी है। यहां आप अत्यंत पुराना पेड़ देख सकते हैं तो पत्थर में तब्दील हो गया। कई जानवरों की कंकाल देख सकते हैं।
दाहिनी तरफ अलग अलग कालखंड के मूर्तियों की गैलरी है। ये मूर्तियां बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के अलग अलग स्थलों से लाकर यहां प्रदर्शित की गई हैं। संग्रहालय में मध्य प्रदेश के सतना के पास भरहूत से प्राप्त कलाकृतियों का विशाल संग्रह है।
इंडियन म्युजियम का भवन दो मंजिला है। पहली मंजिल पर दाहिनी तरफ जाने पर आप इजिप्ट गैलरी में पहुंचे। यहां आप सैकड़ो साल पुरानी ममी देख सकते है। ममी वाली गैलरी में फोटोग्राफी प्रतिबंधित है।
इंडियन म्युजियम में आधार तल पर  बायीं तरफ जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया की गैलरी है। इस गैलरी में आप अलग अलग तरह के धातुओं का विशाल संग्रह देख सकते हैं। यहां पर आप धातुओं के बनने की कहानी को भी समझने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसा एक पत्थर देख सकते हैं जो मुड़ जाता है। यहां आप अलग अलग तरह के क्रिस्टल का भी संग्रह देख सकते हैं।

एशिया का सबसे बड़ा संग्रहालय - इंडियन म्युजियम में प्राचीन वस्तुओं, युद्ध सामग्री, गहने, कंकाल, ममी, जीवाश्म और मुगल चित्रों का दुर्लभ संग्रह है। इसकी स्थापना डॉक्टर नथानियल वालिक नामक डेनमार्क के वनस्पतिशास्त्री ने 2 फरवरी सन 1814 में की थी। हालांकि इसकी स्थापना की योजना कई सालों से बन रही थी। 

संग्रहालय आम जनता के लिए 1840 में खोला गया। वर्तमान भवन जिसमें यह संग्रहालय है इसका निर्माण 1867 में आरंभ हुआ और 1875 में पूरा हुआ। अब यह एशिया का सबसे पुराना और भारत का सबसे बड़ा संग्रहालय है। इतना ही नहीं यह विश्व के प्राचीनतम संग्रहालयों में शुमार है।

अब इस संग्रहालय का भवन भी आइकोनिक भवनों की श्रेणी में आ गया है। दो मंजिला विशाल भवन के बीच में बड़ा सा आंगन है। अगर आप घूमते घूमते थक गए हैं तो यहां थोड़ी देर आराम भी फरमा सकते हैं। (https://indianmuseumkolkata.org/)
-        विद्युत प्रकाश मौर्य vidyutp@gmail.com