Tuesday, March 20, 2018

कोलकाता में कान्हा – 8पीएम – बाई वन गेट वन फ्री...


कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस विमान बंदर पर तीसरी बार उतरा हूं। हमारे साथी अजय ने बता दिया था कि एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर पेट्रोल पंप के पास से आपको हमारे घर के लिए शेयरिंग आटोरिक्शा मिल जाएगा तो 7 रुपये देकर मैं अजय के घर पहुंच गया। मेरी ट्रेन रात को है तो तय किया कि थोड़ा जल्दी हावड़ा रेलवे स्टेशन के आसपास पहुंचकर शाम को थोड़ा कोलकाता शहर घूमा जाए। तो दुर्गानगर रेलवे स्टेशन से दमदम लोकल ट्रेन से। दमदम से मेट्रो ट्रेन से एस्प्लानेड पहुंचा।
यहां पास में ही डेकर्स लेन में प्रभात खबर का दफ्तर है। वहां अपना लगेज रखकर आसपास में घूमने का कार्यक्रम था। प्रभात खबर के कोलकाता संपादक श्री तारकेश्वर मिश्र जी से मुलाकात हुई। मैं उनके साथ महुआ चैनल में काम कर चुका हूं। उन्होंने डायरी और कैलेंडर दिया। उनका स्नेह है अपार है। वहीं हमारे पुराने साथी नवीन श्रीवास्तव से मिलना हुआ जो अमर उजाला जालंधर में हमारे साथ थे।
मैं कोलकाता के लार्ड विलियम बेंटिक स्ट्रीट पर हूं। इससे पहले केसी दास में गया था। पर रसगुल्ले के लिए प्रसिद्ध इस रेस्टोरेंट में आज कुछ खाया नहीं। वैसे केसी दास के डिब्बाबंद रसगुल्ले कई बार ले जा चुका हूं। इस बार बेंटिंग स्ट्रीट पर मुझे कान्हा नजर आता है। यह मिठाइयों की प्रसिद्ध दुकान है। मैं कान्हा में अंदर प्रवेश करता हूं। कूपन लेकर अपनी पसंद का खाने वालों की भीड़ लगी है।
पर कान्हा में एक बोर्ड लगा है। आफ्टर 8पीएम बाई वन गेट वन फ्री। मैंने घड़ी देखी आठ बजने में 5 मिनट रह गए हैं। वहां जाने पर पता चला कि कचौड़ी, ढोकला, समोसे जैसे तमाम स्नैक्स वाले आईटम की कीमत रात आठ बजे के बाद आधी हो जाती है। मतलब एक पर एक फ्री। तो मैं तय करता हूं कि डिनर के बजाए कान्हा में ही कुछ नमकीन और मिठाइयां खाई जाएं। तो मिठाई इस बार राजभोग। कान्हा में खानेपीने वालों की काफी भीड़ जुटती है। मेरे सामने एक नेता टाइप के आदमी खड़े हैं। ऊपर से नीचे तक सफेद, जूते भी सफेद और गले में रस्सी जैसी मोटी सोने की चेन। वे भी मेरी तरह कई तरह के स्वाद ले रहे हैं। हाथ में तीन मोबाइल फोन है, किसी से बीच में बातचीत में भी लगे हैं।  
तीन रुपये की चाय - बेंटिंग स्ट्रीट पर वापस लौटता हूं। एक चाय की दुकान दिखाई दे जाती है। मिट्टी के कप में चाय। दो रेट की चाय है। बड़े कप में10 रुपये की और छोटे कप में तीन रुपये की। तीन रुपये की चाय वह भी महानगर में अब कहां मिलती है। पर जनाब कोलकाता में मिल रही है। वह भी चाय तांबे के विशाल समवार में बन रही है। चाय बनाने के सबसे पुराने तरीके से। चाय पीकर आनंद आ गया। कोलकाता यूं ही आम आदमी का शहर नहीं है।
16 रुपये में भरें पेट - चाय के बाद अब कुछ खाने पीने की बात हो जाए। देश में सबसे सस्ता खाना आप अब भी कोलकाता में खा सकते हैं। कोलकाता के फुटपाथ पर पति पत्नी सब्जी और रोटी बनाकर बेचते नजर आते हैं। सब्जी एक बार बनाकर रख ली जाती है। रोटियां ग्राहक के आने पर बनती हैं। 16 रुपये में 4 रोटी और साथ में सब्जी। अब इससे सस्ता खाना शायद ही कहीं मिल पाता हो।
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( KANAHA, KOLKATA, TEA, ROTI  )