Monday, February 26, 2018

मिजोरम शाकाहारियों को ज्यादा परेशानी नहीं...

आईजोल में हमारा ठिकाना था होटल चीफ। जारकोट में स्थित पांच मंजिला इस होटल में 40 से ज्यादा कमरे हैं। वैसे जारकोट में और भी कई होटल हैं। कई होटल महंगे भी हैं तो कई सस्ते भी।
चांदमारी रोड पर मिलेनियम होटल है, जिसमें 400 रुपये प्रतिदिन के कमरे भी उपलब्ध है। (अरुण कुमार मैनेजर – 9089525223 ) इसके मैनेजर बिहार में वैशाली जिले के हैं। मिलेनियम होटल में रेस्टोरेंट भी है। यहां 80 रुपये की उत्तर भारतीय शाकाहारी थाली उपलब्ध है। इसमें तवे की रोटी मिल जाती है। आईजोल में जारकोट के अलावा कुछ और इलाके में इससे भी सस्ते होटल हैं। यहां एक गुरुद्वारा भी है। इससे पता चलता है कि शहर में थोड़ी सिख आबादी भी है।
हमें आदित्य गौतम ने चांदमारी रोड पर एक और होटल के बारे में बताया जहां पर उत्तर भारतीय खाना वाजिब दाम पर उपलब्ध हो जाता है। उसका नाम है जोजो कैफे एंड रेस्टोरेंट। चांदमारी चर्च के पास ही केएफसी का आउटलेट है। यहां पर आपको वेज बर्गर मिल सकता है।
बाकी आईजोल में अगर आप विशुद्ध शाकाहारी थाली या भोजनालय की तलाश करेंगे तो आपको निराशा हाथ लग सकती है। पर शाकाहारी लोग बिरयानी, बर्गर आदि खाकर काम चला सकते हैं। असम राइफल्स की कैंटनी में समोसा और पूरी मिल सकता है।
सुबह सुबह जारकोट टैक्सी स्टैंड के पास चाय के साथ पूरी सब्जी की दुकान फुटपाथ पर दिखाई दी। पति पत्नी मिलकर ये दुकान चला रहे थे। 20 रुपये में 4 पूरी। कोई बुरा सौदा नहीं है। बाकी आपको गोलगप्पा और हवा मिठाई भी यहां खाने को मिल सकता है।
बेकरी और बिस्कुट आदि तो खरीद ही सकते हैं। यहां आपको मुरमुरे (भेलपुरी) का रेडिमेड पैकेट मिल जाता है। कोलकाता की कंपनियों के बने ये पैकेट 5 और 10 रुपये के हैं। मैं इन्हें खरीदकर बैग में रख लेता हूं।इमरजेंसी में ये नास्ते के रुप में सहायक सिद्ध होते हैं।

मिजोरम में हिंदी - मिजोरम के एक चर्च में हिंदी सर्विस का बोर्ड दिखाई देता है। द्वारपुई चर्च में हर रविवार को दोपहर 3 बजे हिंदी सर्विस होती है।यानी यहां ऐसे लोगों को ख्याल रखा गया है जो सिर्फ हिंदी समझ सकते हों। बाकी ज्यादातर चर्च में प्रार्थना मिजो भाषा में होती है।
मैं शाम को जारकोट के चर्च में पहुंचा हूं। वहां सारी प्रार्थना और संगीतमय कार्यक्रम मिजो भाषा में हो रहे हैं।  पर एक जगह मुझे ज्ञानदीप हिंदी प्रशिक्षण संस्थान का बोर्ड नजर आता है। यहां पर लिखा है कि चौथी कक्षा से ऊपर के लिए हिंदी और स्पोकेन इंग्लिश की कोचिंग उपलब्ध है। मतलब कि यहां कुछ लोग हिंदी जरूर सीखना चाहते हैं।
महंगी बाइक का टशन – पूरे आईजोल शहर में मुझे कहीं सस्ती बाइक या स्कूटर के दर्शन नहीं हुए। यहां लोग महंगी बाइक शौकीन हैं। बजाज या हीरो के बेसिक माडल यहां दिखाई नहीं देते। 70 हजार से लेकर 2 लाख तक के बीच के स्टाइलिश बाइक और स्कूटर रखने का चलन है यहां लोगों के बीच। स्कूटी में भी लोग यहां स्टाइलिश गाड़ी रखना चाहते हैं। एक्टिवा  की तुलना में यामहा की गाड़ियां ज्यादा दिखाई दे रही हैं। कई विदेशी माडल के बाइक भी आईजोल की सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य