Monday, February 12, 2018

जारकोट – आईजोल शहर का दिल

आईजोल शहर देश के राज्यों की उन राजधानियों में शुमार है जो हिल स्टेशन हैं। जैसे शिमला, शिलांग, गंगटोक और कोहिमा। इन सभी राजधानियों का तापमान सालों भर शीतल रहता है। आईजोल समुद्र तल से 1132 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। मिजोरम की राजधानी की आबादी 2011 की जनगणना में 2 लाख 93 हजार थी। यह मिजोरम का सबसे बड़ा शहर है। शहर का विस्तार 457 वर्ग किलोमीटर में है।
हमारी सूमो चलते हुए जारकोट टैक्सी स्टैंड में आकर रुक जाती है। जारकोट आईजोल शहर का मुख्य इलाका है। यहां से विधानसभा राजभवन पास ही हैं। संयोग से मैंने जो होटल बुक किया है वह जारकोट में ही है। मैं अपने सूमो वाले से पूछता हूं वह सामने मुझे होटल का बोर्ड दिखा देता है। मैं टहलता हुआ होटल चीफ पहुंच जाता हूं। जारकोट टैक्सी स्टैंड से चांदमारी रोड पर स्थित होटल चीफ की बिल्डिंग पांच मंजिलों वाली है। रिसेप्शन पर नाम बताना काफी था। वे मुझे मेरे कमरे तक ले गए। मेरा कमरा पांचवी मंजिल पर है। लिफ्ट नहीं है। पर सबसे ऊपर की मंजिल से आईजोल शहर का अच्छा नजारा दिखाई देता है।

मेरे कमरे में अटैच टायलेट नहीं है। पर सबसे ऊपर की मंजिल पर चार कमरे हैं। इनके लिए तीन शौचालय और तीन स्नानागार अलग अलग बने हैं। संयोग से इन चारों कमरों में सिर्फ मैं ही निवास कर रहा हूं इसलिए सभी टायलेट,बाथरूम मेरे लिए ही हैं। कमरे में टीवी है। बाथरुम में गीजर भी है। कमरे से लगी बालकोनी है जिससे बाहर का नजारा देख सकते हैं। होटल ने टावेल और साबुन भी दिया है। यानी सबकुछ संतोषजनक है। होटल के स्वागत कक्ष वाले फ्लोर पर रेस्टोरेंट भी है। रात को वेज राइस आर्डर करके खाया। और कुछ इससे बेहतर नहीं दिखा। होटल के रेस्टोरेंट मेंबाहर से भी लोग खाने आ रहे हैं। मतलब रेस्टोरेंट चलता हुआ है।
होटल में अपना सामान जमा लेने के बाद मेरे पास थोड़ा समय है। मैं आसपास में घूमने वाली जगहों के बारे में पूछता हूं। होटल के गेट पर मेरी मुलाकात अजय यादव से होती है। वे दिल्ली के रहने वाले हैं, पर आईजोल में आकर एक हार्डवेयर फर्म में मार्केटिंग की नौकरी कर रहे हैं। वे मुझे आईजोल के बारे में कई जानकारियां देते हैं। उनके साथ ही टहलता हुआ मैं चांदमारी चौराहा तक जाता हूं। वहां एक सुंदर चर्च है। चर्च के बाहर रौनक है। पास में केएफसी का रेस्त्रां भी है। क्रिसमस गुजर चुका है, पर जगह जगह आईजोल में क्रिसमस ट्री सजे हुए हैं। दरअसल क्रिसमस से लेकर 3 जनवरी तक आईजोल में उत्सव मनाने का समय होता है। इसलिए जब मैं आईजोल पहुंचा हूं, सारा शहर उत्सव मनाने के मूड में है। सब जगह छुट्टी सा माहौल बना हुआ है।
आईजोल शहर में चांदमारी चर्च। 
थोड़ा घूमघाम कर अपने होटल वापस आ जाता हूं। खाने के बाद अपने कमरे में। पर इससे पहले रात की रोशनी में आईजोल शहर का नजारा देखना बड़ा सुखकर लग रहा है। क्यों ने इस झिलमिल रोशनी में छत पर कुछ सेल्फी ली जाए। तो चलो अब सो जाते हैं। आईजोल के बारे में कुछ और बातें कल करेंगे।
-    विद्युत प्रकाश मौर्य 
(AIZAWL, JARKAWT, MIZORAM)