Monday, January 1, 2018

कोचीन में दौड़ी मेट्रो रेल और शानदार एयरपोर्ट

कोचीन शहर में के रॉस ट्रैवल्स की शानदार वातानूकुलित बस वाइटिला मोबलिटी हब से निकलकर कोचीन शहर को पार करती हुई अलुवा की ओर दौड़ रही है। बस में 40 सीटें है पर लोग आधे भी नहीं हैं। कंडक्टर का व्यवहार अच्छा है। बस फोर्ट कोच्चि से आरंभ होती है। वाइटिला मोबलिटी हब के बाद उसका अगला पड़ाव कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। अगर आप सीधे फ्लाइट से कोचीन पहुंचे हैं और मुन्नार जाना है तो इस बस को 11 बजे एयरपोर्ट से ही ले सकते हैं।
कोचीन की सड़क के साथ साथ मेट्रो रेल का नेटवर्क चल रहा है। कोचीन में मेट्रो रेल की सेवा हाल में आरंभ हुई है। 17 जून 2017 को इसका उदघाटन प्रधानमंत्री ने किया था। हमें रास्ते में मेट्रो के कई स्टेशन दिखाई दिए। एडापाली, कोचीन यूनीवर्सिटी, कालामसिरी आदि स्टेशन आए। बस अलुवा से गुजर रही है। अभी कोची मेट्रो 18 किलोमीटर के दायरे में दौड़ रही है। कुल 16 मेट्रो स्टेशन हैं। जल्द ही इसे अलुवा से आंगामाली के बीच जोडा जा रहा है। इससे मेट्रो ट्रेन से ही एयरपोर्ट जाना आसाना होगा।

रास्ते में हमें एक जगह शबरीमाला की दूरी 160 किलोमीटर लिखी मिलती है। एक जगह आथिरापल्ली झरने की दूरी 40 किलोमीटर लिखी मिलती है। अलुवा से आगे हमें होटल पेरियार नजर आता है। यह पेरियार नदी के किनारे स्थित है। होटल के बगल में मार्तण्ड वर्मा ब्रिज का बोर्ड नजर आता है। इसके बाद मुआतुमपुझा आता है।

कोचीन शहर में ही रुककर कलाडी, आथिरापल्ली, फोर्ट कोच्चि आदि भ्रमण किया जा सकता है। पेरियार केरल की बहुत सुंदर नदियों में से एक है। नदी के किनारे सुंदर नारियल के पेड़ नजर आते हैं। हमारा रास्ता पेरियार नदी के साथ साथ रास्ता चल रहा है। अब हम कालडी पहुंच गए हैं। मुझे कालडी आदि शंकराचार्य की जन्म भूमि एक किलोमीटर की दूरी बताने वाला बोर्ड नजर आता है।
कालडी के रास्ते में पेरियार नदी। 

हमारी बस कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट का चक्कर लगाने के बाद मट्टूर रोड पर आगे बढ़ती है। एक कस्बा आता है पेरुम्बावूर। सड़क के किनारे हमें लकड़ी के फर्नीचर के कई विशाल शो रुम नजर आते हैं। इन शोरुम में एक से बढ़कर एक लकड़ी के डिजाइनर फर्नीचर दिखाई दे रहे हैं। इससे पता चलता है कि यहां लकड़ी का काम बड़े पैमाने पर होता है।
कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट

अगला बड़ा बाजार आता है कोठामंगलम। कोठामंगलम तक प्लेन सड़के हैं। अभी घाट क्षेत्र आरंभ नहीं हुआ है। हमलोग एनएच 49 पर आगे बढ रहे हैं। अचानक कंडक्टर साहब हमलोगों को पालीथीन वितरित करने लगते हैं। बताते हैं कि आगे घाट का क्षेत्र शुरू होने वाला है। आगे थालाकोडे और नेरीमंगला नामक छोटे बाजार आते हैं।

घाट सेक्शन आरंभ होने के साथ ही माधवी और अनादि की तबीयत बिगड़ने लगती है। कुछ देर बाद वे उल्टी कर ही देते हैं। मैं खुद का संभाले रख पाया। तभी अचानक बायीं तरफ  चीयापारा वाटर फाल नजर आया। यह मुन्नार के रास्ते में सुंदर झरना है। वैसे तो आगे और भी झरने आते हैं। पर यह झरना सड़क के बिल्कुल किनारे है। बस धीमी होती है। विशाल स्क्रीन से हमें झरने का विहंगम नजारा दिखाई देता है। अपनी निजी टैक्सी से जाने वाले लोग यहां रुक जाते हैं फोटो के लिए।
- vidyutp@gmail.com
(KOCHIN, KALADI, ADI SHANKRACHARYA )