Sunday, December 31, 2017

मालाबार एक्सप्रेस से केरल की ओर...

मालाबार एक्सप्रेस सही समय पर मेंगलुरु सेंट्रल से प्लेटफार्म नंबर 2 से चल पड़ी। शाम 6.15 बजे खुली ट्रेन के एर्नाकुलम तक पहुंचने में कुल 36 स्टाप हैं। पर ट्रेन समय पर चल रही है। कासरगोड केरल में पडऩे वाला पहला रेलवे स्टेशन है। हमने रात नौ बजे के आसपास कन्नूर में ट्रेन से वेज बिरयानी ली। हालांकि यह बिरयानी अच्छी नहीं थी। पहली बार दक्षिण की किसी रेल में खराब खाना मिला। हालांकि इस रेल मार्ग पर दूसरी बार जा रहा हूं। साल 2012 में मंगला लक्षदीप से गुजरा था। पर कुछ स्टेशन जागते हुए गुजरे। कांजगाड के बार पन्नूर।
कन्नूर गुजरने के बाद एक स्टेशन का नाम देखते ही मैं चौंक पड़ा माहे। जी हां माहे जरूर कन्नूर के पास है, पर यह पुडुचेरी राज्य का हिस्सा है। कभी यह फ्रेंच कालोनी हुआ करता था। इसलिए इसे पुडुचेरी के साथ आजादी मिली और माहे आज भी पुडुचेरी का हिस्सा है। माहे एक समुद्र तटीय रेलवे स्टेशन और छोटा सा प्यारा सा शहर है। चारों तरप से केरल से घिरा हुआ माहे केरल में नहीं है, है ना कुछ अलग बात। आप चाहें तो माहे में उतरकर यहां के समुद्र तट देखने का आनंद उठा सकते हैं।

कालीकट आने पर नींद आ गई। पर जल्द ही नींद काफूर हो गई क्योंकि हमें 3.30 बजे ट्रेन से उतरना था। शोरानूर, त्रिशूर के बाद चालकुडी और अंगामाली आए। अंगामाली फार कालडी। कालडी यानी आदि शंकराचार्य का गांव। इसके बाद अलुवा। अलुवा अब तो कोचीन शहर का ही बाहरी इलाका हो गया है। और सुबह 3.30 बजे हमलोग एर्नाकुलम टाउन में उतर गए थे। एर्नाकुलम साउथ से तुलना करें तो छोटा रेलवे स्टेशन है एर्नाकुलम टाउन। यहां सिर्फ दो ही मुख्य प्लेटफार्म हैं। प्लेटफार्म नंबर दो काफी संकरा है। हमलोग चलकर एक नंबर पर आ गए हैं। यहां हाल में वातानूकुलित वेटिंग हाल बना है। इस्तेमाल के लिए शुल्क है 25 रुपये प्रति घंटा।


हमारी मुन्नार जाने वाली बस सुबह 10 बजे है तो हमारे पास अभी छह घंटे का वक्त है काटने के लिए। वह भी सुबह के 4 बजे का समय जब खूब अच्छी नींद आती है। तो हमने माधवी अनादि को प्लेटफार्म पर छोड़ दिया और आसपास में कोई होटल की तलाश में निकल गया। स्टेशन के बाहर दाहिनी तरफ गली में एक अच्छा होटल मिल गया। उन्होंने बताया कि 1200 रुपये का कमरा है लेकिन 5 घंटे के लिए 400 में दे दूंगा। सौदा बुरा नहीं था। मैं माधवी और वंश को बुला लाया और इस कमरे में हमलोग जाकर सो गए। होटल का नाम है सिल्वर स्पेस। एर्नाकुलम टाउन स्टेशन के पास रहने के लिए अच्छा होटल है।
सुबह नौ बजे हमलोग तैयार हुए। स्टेशन पर आकर प्रीपेड आटो रिक्शा बुक किया, वाइटिला मोबलिटी हब के लिए। सात किलोमीटर का किराया 100 रुपये।  
वाइटिला मोबलिटी हब यानी कोचीन शहर का प्राइवेट बस स्टैंड। पर यह बना काफी शानदार है। साफ सुथरा और विशाल। इसके प्लेटफार्म का नंबर हैं बे नंबर। हमारी बस बे नंबर 12 से आएगी। बस आपरेटर का मेरे मोबाइल पर फोन आ चुका है। वाइटिला मोबलिटी हब के अंदर बहुत ही साफ सुथरी कैंटीन बनी है। कई फूड स्टाल भी हैं। कैंटीन में ही हमलोग हल्का नास्ता लेते हैं। पहाड़ो की चढ़ाई है इसलिए ज्यादा खाना नहीं। पुराने अनुभव से सावधान हैं हमलोग। स्काटलैंड से आए 65 साल के पति पत्नी भी हमारी तरह केरॉस की बस का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें भी मुन्नार ही जाना है। उनसे बातों में वक्त गुजर रहा था तभी सफेद रंग की सुंदर सी बस आ गई। हम अपनी पहले चुनी हुई खिड़की वाली तीन अलग अलग सीटों पर जाकर पसर गए।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य
(MANGLURU, MALABAR EXPRESS, MAHE, COCHIN, ERNAKULAM TOWN )