Wednesday, December 20, 2017

आसमान से गाय के कान जैसा दीखता है इसलिए नाम पड़ा – गोकर्ण

गोकर्ण कर्नाटक का एक अत्यंत सुंदर तटीय कस्बा है। भले ही अपने देश के सैलानी यहां कम पहुंचते हों पर इसका सौंदर्य विदेशी सैलानियों को सालों भर लुभाता है। अगर आसमान से देखें तो यह गाय के कान के जैसा नजर आता है। इसलिए इसे नाम मिला गोकर्ण।

उत्तर कन्नडा जिले में यह गंगावली और अघानशिनी नदियों के बीच स्थित है। सामने विशाल अरब सागर है। गोकर्ण में तीन प्रमुख समुद्र तट हैं। पहला महाबलेश्वर मंदिर का बीच, दूसरा कुदल बीच तीसरा ओम बीच। ये सब कुछ मिलकर गोकर्ण को एक सुंदर आयाम प्रदान करते हैं। गोकर्ण आने पर सबसे खास बात ये है कि आपको यहां पर ग्रामीण परिवेश का साक्षात्कार होता है। इसलिए यह देश के बाकी समुद्रतटीय पर्यटक स्थलों से काफी अलग है।
गंगावली नदी कर्नाटक के धारवाड़ जिले में मागोद फाल्स से निकलकर आती है और गोकर्ण के पास अरब सागर में मिल जाती है। गोकर्ण कस्बा इसी गंगावली नदी के किनारे है। इस नदी के प्रति स्थानीय लोगों में गंगा की तरह ही सम्मान है। अंकोला से गोकर्ण के बीच इस पर रेल पुल और सड़क पुल पड़ता है। दक्षिण भारत में महाबलीपुरम, हंपी, मैसूर आने वाले विदेशी सैलानियों में से बड़ी संख्या में लोग गोकर्ण आना पसंद करते हैं। हमने अपने पिछले हंपी प्रवास के दौरान देखा था कि हंपी से गोकर्ण के लिए रोज सीधी लग्जरी बस चलती है। एक बस दोपहर एक बजे गोवा से भी चलती है। बेंगलुरु और मैसूर से भी गोकर्ण के लिए सीधी बसें हैं।

गोकर्ण एक पौराणिक शहर है। कहा जाता है कि पाताल में तपस्या करते हुए भगवान रुद्र गोरूप धारिणी पृथ्वी के कर्णरन्ध्र से यहां प्रकट हुए, इसी से इस क्षेत्र का नाम गोकर्ण पड़ा। वहीं यह भी कहा जाता है कि रावण ने इस स्थल को खींचकर गाय के कान जैसे आकार का बना दिया, इसलिए शहर का नाम गोकर्ण पड़ा। कहानी जो भी हो पर दो तरफ नदी और सामने समंदर के बीच बसा यह इलाका अत्यंत मनोरम है।

मौसम की बात करें तो ये ठंडा प्रदेश नहीं है,पर यहां सालों भर सदाबहार मौसम रहता है। गरमी के दिनों में भी यहां सैलानी घूमने आते हैं। रात का मौसम खुशनुमा हो जाता है। प्रदूषण का स्तर काफी कम है। इसलिए विदेशी सैलानियों को ये काफी पसंद आता है। पर देशी सैलानियों की बात करें तो यहां धार्मिक यात्रा पर आने वाले लोग ज्यादा पहुंचते हैं। पर आप चाहें तो गोकर्ण में अवकाश लेकर कुछ दिन गुजराने का कार्यक्रम बना सकते हैं। स्थानीय स्तर पर तफरीह करने के लिए यहां बाइक रेंटल की सुविधा भी उपलब्ध है।

गोकर्ण में रहने के लिए बस स्टैंड के आसपास कई सस्ते होटल हैं। आप बस स्टैंड के आसपास कई सस्ते गेस्ट हाउस देख सकते हैं, जहां 500 रुपये प्रतिदिन या इससे अधिक में यहां ठहरा जा सकता है। ओम बीच और कुदल बीच के आसपास कई होमस्टे और रिजार्ट बने हुए हैं। इन्हें भी आनलाइन बुक किया जा सकता है। कुछ रिजार्ट समुद्र तट के काफी करीब हैं। काफी विदेशी सैलानी यहां रुकना पसंद करते हैं। यहां जाने के लिए अलग से आटोरिक्शा बुक करना पड़ सकता है। पर आप कम बजट में रुकना चाहते हैं तो बस स्टैंड के आसपास ही ठहरें।

-        विद्युत प्रकाश मौर्य 
 (GOKARNA, KARNATAKA, SEA BEACH, HOME STAY )