Saturday, December 2, 2017

मडगांव नहीं मठग्राम नाम था कभी

नार्थ गोवा की तरह ही हमने साउथ गोवा में भी घूमने के लिए एक्टिवा किराये पर ले ली। वैसे यहां नार्थ की तुलना में एक्टिवा का किराया थोड़ा ज्यादा मांगा जा रहा था। यहां किराये पर एक्टिवा देने वाले लोग सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक का किराया 350 रुपये मांग रहे थे।पर मैंने दो दिन 24 घंटे एक्टिवा अपने साथ रखने की मांग की।
आखिर सौदा 600 रुपये में पट गया। स्कूटी दुकानदार का नाम है रंजय ( फोन नंबर - 9764503646  )  वैसे यहां हर स्कूटी वाले का मोबाइल नंबर स्कूटी या चाबी रिंग पर भी लिखा होता है। हमेशा अपने साथ स्कूटी रखने का फायदा है कि आप देर रात या सुबह सुबह भी कहीं भी स्कूटी उठाया और चलते बने। समय की कोई पाबंदी नहीं। कोलवा बीच पर ही एक दुकानदार मिले जिनकी गुमटी में छोटी सी दुकान है और कुछ स्कूटी भी किराये पर देते हैं। आधार कार्ड डीएल आदि की औपचारिकताओं के बाद एक्टिवा हमारी हुई।

हमने शाम को तय किया कि आज मडगांव बाजार घूमने चलते हैं। पर आधे रास्ते चलकर वापस मुड़ गए बेनालियम समुद्र तट की। स्कूटी का यही तो फायदा है जब मर्जी इरादा बदले तो रास्ता बदल लो। खाने पीने के लिए नए नए रेस्टोरेंट की तलाश में भी सुविधा रहती है।

अगले दिन सुबह नास्ते के बाद हमलोग घूमने निकल पड़े हैं। एक्टिवा मडगांव बाजार के अलग अलग रास्तों को नाप रही है। हमें तलाश है एक पेट्रोल पंप (गैसोलीन) की, जिससे कि एक्टिवा के लिए खुराक का इंतजाम हो सके। इसका निदान जल्द ही हो गया। वर्ना गोवा में बोतल जिंदाबाद।
 मडगांव गोवा का तीसरा बड़ा शहर है। इसे मरगाओ भी लिखते हैं। यह कोंकण रेल का रेलवे स्टेशन भी है। बाजार में भीड़भाड़ के कारण कई सड़के वनवे हो जाती हैं।

गोवा की व्यावसायिक और सांस्कृतिक राजधानी मडगांव 
मडगांव को गोवा का व्यावसायिक और सांस्कृतिक राजधानी माना जाता है। इसे पुर्तगाली में मरगाओ और कोंकणी में मडगांव नाम से पुकारते हैं। वैसे कहा जाता है कि संस्कृत में इसका नाम मठग्राम था। कहा जाता है कि कभी यहां नौ मठ और मंदिर हुआ करते थे। मंदिर के साथ लगे हुए मठ धार्मिक स्कूल की तरह कार्य करते थे। पर पुर्तगाली आक्रमण के बाद इन सभी मठों को नष्ट कर दिया गया। यहां चर्च का निर्माण होने लगा। 


साल 1675 में मडगांव का पहला चर्च बना। आज होली स्पिरिट चर्च शहर का मुख्य चर्च है और शहर की पहचान बन चुका है। मडगांव शहर में आप आज भी पुर्तगाली स्टाइल में बनी तमाम बिल्डिंग देख सकते हैं। इनमें ज्यादातर बिल्डिंग दो मंजिलों वाली हैं। पर अब यहां नई बहुमंजिली इमारतें भी बनने लगी हैं। चर्च स्ट्रीट के आसपास शहर का शापिंग इलाका है। हमेशा बारिश होने के कारण यहां रेनकोट और बारिश बचने वाले छाते जैकेट आदि खूब बिकते हैं।

अब दक्षिण गोवा जिले का मुख्यालय है मडगांव 
मडगांव शहर की आबादी 90 हजार के आसपास है। 1961 में गोवा की आजादी के बाद मडगांव को साउथ गोवा जिले का मुख्यालय बनाया गया। टाउन हाल, म्युनिसपल गार्डन शहर के बीचों बीच है। मडगांव से गुजरते हुए यहां हमें एक विशाल स्टेडियम भी नजर आता है।


आज आप मडगांव शहर में निकलें तो गांधी मार्केट मुख्य बाजार है जहां से आप शापिंग कर सकते हैं। इसके अलावा मडगांव से लगा इलाका फटोडा है जो स्थानीय लोगों का लोकप्रिय बाजार है।

एयरपोर्ट से मडगांव 27 किलोमीटर की दूरी पर है। पर मडगांव कोंकण रेलवे का लोकप्रिय रेलवे स्टेशन है। दक्षिण जाने वाली सभी ट्रेनें यहां रुकती हैं। इसलिए रेल कनेक्टविटी के लिहाज से यह गोवा का सबसे मुफीद शहर है। उत्तर दक्षिण कहीं से भी यहां पहुंचना आसान है।  
-        विद्युत प्रकाश मौर्य

(MADGAON, MARGAO, CHURCH ) 

  
गोवा का अति व्यस्त मडगांव रेलवे स्टेशन।