Tuesday, November 28, 2017

कोलवा बीच पर मस्ती और फुटबॉल का मैच

कुछ लोगों को सारे समुद्र तट एक ही जैसे लगते हैं। पर हर समुद्र तट का अपना सौंदर्य होता है। कुछ लोग मुझसे ये सवाल पूछते हैं कि देश का सबसे खूबसूरत समुद्र तट कौन सा है। इस पर हर किसी का अपनी पसंद के हिसाब से अपना जवाब हो सकता है। पर गोवा के समुद्र तट में बात करें तो कोलवा काफी सुंदर लगा। इसलिए कि यहां कालांगुट जैसी भीड़भाड़ नहीं है। पर बिल्कुल सुनसान भी नहीं है। थोड़ा सा बाजार है, थोड़ी सी मस्ती का आलम है। सुबह हो या शाम थोड़ी-थोड़ी रौनक कोलवा में रहती है। अनादि को भी सारे बीच के बीच कोलवा काफी पसंद आया।
शाम को सूरज डूब रहा है और हमलोग कोलवा बीच पर पहुंच गए हैं। बीच के ठीक पहले पार्किंग और बस आटो स्टैंड है। समंदर में काफी लोग अटखेलियां करने में जुटे हैं। पर लोगों की सुरक्षा के लिए सी गार्ड के प्रशिक्षित जवान भी तैनात हैं लाइफ जैकेट के साथ। वे समंदर में लाल रंग की झंडियां लगा देते हैं। इससे आगे नहीं जाएं का निर्देश देते हुए। पर लोग हैं कि मानते नहीं। वे बार बार सिटी बजाकर आगाह करते हैं। मैं लाइफ गार्ड से बातचीत करता हूं। तैराकी के गहन परीक्षण के बाद उन्हें ये नौकरी मिली है। 12 से 15 हजार मासिक तनख्वाह मिलती है।

कोलवा बीच के साथ लगे हुए बेनालियम और दूसरे बीच हैं। तकरीबन 10 किलोमीटर तक आप समंदर के साथ चलते हुए जा सकते हैं। समुद्र का सौंदर्य निहारते हुए। यह आपको नार्थ गोवा से ज्यादा सुंदर प्रतीत होगा। कोलवा के होटल वाले भी अपने बीच को नार्थ से ज्यादा सुंदर बताते हैं।

सुबह सुबह जगने के बाद सूर्योदय देखने मैं एक बार फिर कोलवा बीच पर पहुंच जाता हूं। दो नजारे दिखाई देते हैं। बीच पर फुटबाल का मैच चल रहा है। गोल पोस्ट बना दिया गया है। वर्दी में दो टीमें बन गई हैं। पूरे नियम कायदे से फुटबाल मैच जारी है। बहुत दिनों बाद इस तरह मैच देखने का मौका मिला है। थोड़ी देर मैच का मजा लेने के बाद आगे बढ़ता हूं। मछुआरे नाव लेकर मछलियां पकड़ने में व्यस्त हैं। मछलियों के साथ देखता हूं कि कई जिंदा सांप भी पकड़ में आ गए हैं। कई ऐसे समुद्री जंतु आ गए हैं जिन्हें खाया नहीं जाता।

मछुआरे इन्हें फिर से जुटा कर समुद्र के अंदर फेंक आते हैं। एक जगह मछली पकड़ने वाली नाव को काम खत्म होने के बाद खींचकर समंदर के पानी से किनारे लगाया जा रहा है। ये प्रक्रिया बड़ी ही श्रम साध्य लग रही है। लकड़ी के फिसलन वाले प्लेटफार्म पर नाव को रखकर कई लोग मिलकर खींचकर किनारे ला रहे हैं। वे अपने गोवा की स्थानीय भाषा में जोश बढ़ाने के लिए कुछ गा भी रहे हैं। इन्ही गीतों से कभी रमैया वस्ता वैया लिखने की प्रेरणा मिली होगी।

कोलवा बीच पर समंदर के किनारे कुछ रिजार्ट दिखाई देते हैं जिसमें स्पा आदि का भी इंतजाम है। मुझे राह चलते एक एजेंट मिलता है पूछता है बॉडी मसाज कराना है क्या...मैं कोई उत्सुकता नहीं दिखाता। कुछ होटल बिल्कुल समंदर के किनारे भी बने हुए हैं। हर साल गोवा आने वाले हमारे कई साथी साउथ गोवा में ही रुकना चाहते हैं।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य
  (COLVA BEACH, SOUTH GOA, FISH AND FOOTBALL)