Friday, November 24, 2017

कालांगुट से कोलवा बीच - उत्तर से दक्षिण

नार्थ गोवा में कुछ दिन गुजारने के बाद हमलोग चल पड़े हैं अब साउथ गोवा की ओर। इस बार कालांगुट में डोसा प्लाजा में नास्ता करने के बाद हमने पणजी के लिए लोकल बस ली। बस में ज्यादा भीड़ नहीं है। बस में महिला कंडक्टर हैं। 15 किलोमीटर का किराया 20 रुपये सवारी। बस में आगे चालक के पास केबिन है जहां सामान रखने के लिए काफी जगह है। मतलब की गोवा की इन लोकल बसों में आप लगेज लेकर भी आराम से चल सकते हैं। बस कंडोलियम और उसके बाद गोवा के कई गांवों से होकर गुजरी। रास्ते में मालिम आया, जहां फिशरमैन मार्केट था।
पणजी बस स्टैंड से शटल बस-  मंडोवी नदी का पुल पार करने के बाद बस ने पणजी बस स्टैंड में उतार दिया। पणजी से हमें मडगांव के लिए शटल बस सेवा मिल गई। शटल की खास बात है कि यह रास्ते में कहीं नहीं रुकती। किराया है 40 रुपये प्रति सवारी। सारी सवारियां मडगांव की ही हैं। इसी तरह की शटल पणजी से वास्कोडिगामा के लिए भी चलती है। गोवा के सभी प्रमुख शहरों और गांव  के बीच बसों का अच्छा नेटवर्क है। आप बस से सफर करके टैक्सी का भारी भरकम खर्च बचा सकते हैं। कई जगह फेरी सेवाएं भी चलती हैं। पणजी बस स्टैंड से मुंबई और महाराष्ट्र के दूसरे शहरों के साथ ही कर्नाटक के भी बेलगाम समेत आसपास के शहरों के लिए बसें संचालित होती हैं। आपको याद होगा अमिताभ बच्चन की फिल्म बांबे टू गोवा में फिल्म की कहानी बस के सफर के साथ चलती है।


मडगांव की शटल बस भरने के बाद हरे भरे रास्तों से होकर चल पड़ी। दोपहर में भी मौसम सुहाना है। हरे भरे रास्ते अच्छे लग रहे हैं। 
रास्ते में बस कहीं रुकी नहीं। कोई उतरने चढ़ने वाला भी नहीं। एक घंटे में हमलोग मडगांव बस स्टैंड में पहुंच गए हैं। यहां से मडगांव रेलवे स्टेशन और कोलवा बीच के लिए स्थानीय बसें मिलती हैं और आटो रिक्शा भी। हम आटोरिक्शा पूछ रहे थे तभी हमें  कोलवा बीच के लिए लोकल बस का पता चल गया। यह प्राइवेट बस है। हमलोग इस बस में सवार हो गए। हमारा लगेज कंडक्टर महोदय ने पीछे लगेज बाक्स में डाल दिया। इसमें किराया लगा 20 रुपये प्रति सवारी। यानी 60 रुपये। हालांकि मडगांव बस स्टैंड से कोलवा बीच की दूरी 6 किलोमीटर है। इतनी दूरी का आटो रिक्शावाले 150 रुपये किराया मांगते हैं। मडगांव में आटोरिक्शा भी टैक्सी की तरह बने हैं। इनके दरवाजे बंद होते हैं। काश की ऐसे ही सुंदर आटोरिक्शा दिल्ली में भी चलाए जाते। हालांकि आटोरिक्शा का किराया कुछ ज्यादा है।
खैर हम बस में सवार हैं। बस मडगांव पूरे शहर का चक्कर काटने के बाद कोलवा बीच की ओर चल पड़ी। स्कूल से छुट्टी का समय है इसलिए बस में छात्र छात्राओं की भीड़ है। मैं एक छात्रा से पूछता हूं बस में किराया लगता है या फिर फ्री में सफर। उसने बताया, नहीं किराया तो लगता ही है। सभी लोग बस से उतरते समय कंडक्टर को इमानदारी से किराया दे रहे हैं।
गोवा में मडगांव से कोलवा की बस। 


बस के कंडक्टर महोदय ने हमें बता दिया था कि आप निश्चिंत रहें आपको आपके होटल के सामने उतार दिया जाएगा। और वाकई बस धीरे धीरे चल रही थी इसलिए थोड़ा समय तो लगा। पर बेनालियम के बाद हमलोग कोलवा पहुंच चुके हैं। कोलवा यानी अब हम उत्तर गोवा छोड़कर दक्षिण गोवा में आ चुके हैं। समुद्र तट से थोडा पहले ही हमें बस कंडक्टर ने उतरने को कहा। समाने हमें ला बेन रिजार्ट दिखाई दे रहा था। अब अगले कुछ दिन अपना ठिकाना यहीं पर होगा। कोलवा बीच के बस स्टैंड से हर 20 मिनट पर मडगांव बस स्टैंड के लिए एक बस चलती है। अगर आटोरिक्शा करेंगे तो किराया 150 रुपये है। 
-        विद्युत प्रकाश मौर्य
 ( CALANGUTE, MALIM, PANJI, MADGAON )