Tuesday, November 21, 2017

पूरे देश की खुशबू महसूस करें प्रगति मैदान में

सीआरपीएफ के पैवेलियन में...
भले ही देश के कोने कोने से घूम कर आ जाता हूं पर दिल्ली में हर साल नवंबर में लगने वाला व्यापार मेला कई कारणों से लुभाता है. सबसे खास बात है कि यहां एक ही जगह देश के सभी राज्यों की खुशबू को महसूस किया जा सकता है। जिन लोगों ने देश के तमाम हिस्सों को नहीं देखा हो वे भी यहां आकर कई राज्यों के खानपान और वहां की वस्तुओं की तिजारत कर सकते हैं।  हालांकि 2017 का व्यापार मेला थोड़ा उदास-उदास सा है। क्यों भला न हो ऐसा। आधा प्रगति मैदान टूट चुका है। देश के महान वास्तुविद राज रेवाल की डिजाइन किए गए शानदार हाल नेस्तनाबूद किए जा रहे हैं। इसकी जगह नया कन्वेंशन हाल बनेगा। इसलिए इस बार मेला आधे क्षेत्र में ही लगा है।
इस बार सिकुड़ गया मेला -
इस बार कई राज्यों के स्थायी पवेलियन टूट चुके हैं। उन राज्यों को अस्थायी हैंगरों में जगह दी गई है। इसलिए इस बार बड़े राज्यों के भी पैवेलियन भव्य नहीं दिखाई दे रहे हैं। सरकार ने मेले में आने वाले लोगों की संख्या भी सीमित कर रखी है। प्रगति मैदान के टिकट काउंटर बंद है। सिर्फ आनलाइन या दूर के मेट्रो स्टेशनों से ही प्रवेश टिकट खरीदा जा सकता है।

पर कपार्ट के सरस मेले में वही पुराना उत्साह और उमंग दिखाई दे रहा है। सरस मेला हर साल की तरह अपने पुराने स्थल पर ही लगा है। कपार्ट द्वारा लगाए जाने वाले इस मेले में  देश के 20 से ज्यादा राज्यों के शिल्पी अपने उत्पादों के साथ प्रस्तुत होते हैं। कपार्ट उन्हें निःशुल्क स्टाल मुहैया कराता है, इसलिए सरस मेले में आपको उत्पाद वाजिब दाम पर मिलते हैं। कई बार तो आप थोड़ा मोल भाव भी कर सकते हैं।
मुजफ्फरपुर (बिहार) की किसान चाची। 

किसान चाची और ओल का अचार -  मैं हर साल सरस मेले से बांस का अचार खरीदता हूं। बांस का अचार झारखंड, छत्तीसगढ़ या असम में मिल जाता है। बिहार के मुजफ्फरपुर से हर साल किसान चाची सरस मेले में अपने अचार के साथ आती हैं। पर इस बार वे हरी लीची का अचार लेकर नहीं आईं। पिछले साल उनसे लिया लीची का अचार काफी स्वाद भरा था। लीची नहीं तो क्या हुआ मैंने उनसे इस बार ओल (जीमीकंद) का अचार खरीदा।
किसान चाची बिहार में नारी सशक्तिकरण का चेहरा बनकर उभरी हैं। अपने अचार के बदलौत वे कौन बनेगा करोड़पति में अमिताभ बच्चन के साथ हॉटसीट पर भी जा चुकी हैं। तो वे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर चुकी हैं।

किसान चाची मतलब राजकुमारी देवी अब हाईटेक हो गई हैं। अपने अचार को ऑनलाइन भी बेच रही हैं। अपना वेबसाइट भी बना लिया है - www.kisanchachi.com  वे कहती हैं हमको गूगल पर किसानचाची टाईप करके ढूंढ लिजिएगा न। अमिताभ बच्चन के साथ वाला भी फोटो वीडियो सब मिल जाएगा। 


सरस मेले में बड़े भाई चिरंजीलाल कटारिया जी से मुलाकात हुई। 
हिमाचल के हमीरपुर से दीपा शर्मा इस बार नहीं आईं। वे कुरुक्षेत्र में चल रहे सरस मेले में पहुंच गई हैं। इस बार एक ही तारीख में दो जगह सरस मेला चल रहा है। चंबा हिमाचल से आई ममता शर्मा के स्टाल से अखरोट, मक्की का आर्गेनिक आटा खरीदा हमने। केरल और तमिलनाडु के स्टाल से आप कई किस्म के मसाले खरीद सकते हैं। केरल के विशुद्ध मसाले बिल्कुल वाजिब दाम पर इन स्टाल से खरीदा जा सकता है। कपार्ट में सीनियर अधिकारी और हमारे पुराने दिनों के अग्रज भाई चिरंजीलाल कटारिया के निर्देशन में प्रगति मैदान में कई सालों से सरस पैवेलियन का सफल संचालन किया जा रहा है।

बिहार का लिट्टी चोखा और राजस्थान का दाल बाटी चूरमा 
और मेले में चलते चलते भूख लग जाए तो फूड कोर्ट का रुख करें। एक ही परिसर में कई राज्यों के स्वाद का आनंद उठाइए। राजस्थान के दाल बाटी के मुकाबले में बिहार का लिट्टी चोखा भी मेले में खूब धूम मचा रहा है। मिस्टर लिट्टीवाला के स्टाल पर लिट्टी चोखा और अनरसा मिठाई का स्वाद भी लेना न भूलें।

 हालांकि प्रगति मैदान में अलग अलग राज्यों के व्यंजन थोड़े महंगे होते हैं, पर इसके पीछे कई कारण होते है। खास तौर पर स्टालों का महंगा आवंटन। पर इस बार फूड कोर्ट में दक्षिण भारतीय राज्यों के स्टाल पर भी उनके परंपरागत स्वाद का आनंद लिया जा सकता है। टहलते हुए आपको महाराष्ट्र के व्यंजनों का स्टाल और झारखंड के खास तरह के खानपान का मजा भी यहां मिल जाएगा। 
- विद्युत प्रकाश मौर्य 
( DELHI, IITF, PRAGATI MAIDAN, SARAS MELA, CAPART, KISAN CHACHI )