Saturday, November 18, 2017

एशिया की विशालतम चर्च है सी-कैथेड्रल

बॉम बेसेलिका चर्च के दर्शन के बाद हमारी अगली मंजिल है सी कैथेड्रल। पर थोड़ा रुकिए भूख लग गई है अनादि को और हमें भी। तो दोपहर में पेट पूजा के लिए ओल्ड गोवा में बॉम बेसेलिका के सामने एक ही विकल्प नजर आता है। विशाल रेस्टोरेंट है रत्न सागर। वेज एंड नॉन वेज, बार एंड रेस्टोरेंट। तो वहीं हमलोग दक्षिण भारतीय शाकाहारी व्यंजन का आनंद लेेते हैं। इसके बाद चल पड़ते हैं सी कैथेड्रल की ओर।
ओल्ड गोवा में बॉम बेसेलिका के ठीक सामने सड़क के उस पर सफेद रंग का विशाल चर्च है। इसका नाम सी कैथड्रल है। सी कैथड्रल मतलब प्रधान गिरिजिघर। इसे एशिया का सबसे बड़ा चर्च माना जाता है। ओल्ड गोवा में स्थित सी कैथड्रल नामक यह चर्च कैथरीन ऑफ एलेक्जेन्ड्रिया को समर्पित है। इस चर्च की लंबाई है 250 फीट और चौड़ाई 181 फीट है। वहीं सामने के हिस्से की उंचार्इ है 115 फीट है।

सी कैथड्रल की वास्तु शैली पुर्तगाली और मैनुइलार्इन है। बाहरी हिस्सा टस्कन का है और भीतरी हिस्सा कोरिनथियन शैली में बना है। इस चर्च को पुर्तगालियों ने मुसलमानों की सेना पर अपनी विजय के बाद बनवाया था। इस चर्च का निर्माण कार्य साल 1562 में डोम सीबेसिटआयो के शासन काल में शुरू हुआ। पर यह बनकर साल 1619 में तैयार हुआ। साल 1640 में इसे धर्मार्थ समर्पित किया गया। देखा जाए तो इसका निर्माण तकरीबन 80 साल तक चलता रहा।

पर इस चर्च का एक टावर वर्ष 1776 में गिर गया, लेकिन इसका दोबारा निर्माण नहीं कराया जा सका।
सी कैथेड्रल में कई पुरानी पेंटिंग्स हैं, जो निहारने लायक हैं। यहां कुल छह मुख्य पैनल है, जिस पर सेंट कैथरीन के जीवन की घटनाओं का चित्र देखे जा सकते हैं। इसमें बनी सोने के परतयुक्त सूची संत के आत्मबलिदान को दिखाती है। चर्च के मध्य भाग में संत पाल और संत पीटर की लकड़ी की बनीं मूर्तियां भी हैं। चर्च का बाहरी परिसर विशाल और हरा भरा है।

सेंट फ्रांसिस असीसी चर्च गोवा। 
सेंट आगस्टीन चर्च - ओल्ड गोवा में बना 46 मीटर ऊंचा यह सेंट आगस्टीन चर्च अपने आप में अनोखा है।  इस चर्च का निर्माण सन 1602 में किया गया था। 1842 में उपेक्षा के कारण चर्च का बड़ा हिस्सा ढह गया। 1931 में इसका एक और हिस्सा गिर गया।

सेंट फ्रांसिस असीसी चर्च - 

सेंट फ्रांसिस असीसी चर्च का निर्माण 1517 में हुआ। इसके बाद इसका दो बार पुनर्निर्माण भी हुआ। पहली बार 1521 में तो दूसरी बार 1661 में। यह चर्च सी केथेड्रल के ठीक पीछे उसी परिसर में स्थित है। इसका निर्माण लेटेराइट पत्थरों से किया गया है। इसमें चूने के पत्थरों का भी इस्तेमाल किया गया है।

इस गिरिजाघर का मुख्य द्वार पश्चिम दिशा की ओर है। अंदर मुख्य वेदी के साथ पूजा सामग्री घर और गायन कक्ष बने हैं। मुख्य वेदी में सेंट फ्रांसिस की आवक्ष प्रतिमा और बड़ा क्रॉस हैं। तीन प्रमुख वेदियां बरोक्यू और कोरिंथियन शैली को प्रदर्शित करती हैं। 

यहां लकड़ी के बने आधार चित्र भी हैं जो सेंट फ्रांसिस के जीवन काल को दर्शाते हैं। इसके साथ एक विशाल मठ भी बनाया गया था, जिसे अब भारत सरकार के पुरातत्व संग्रहालय का रुप दे दिया गया है।


गोवा का सबसे प्राचीन संत कैथरीन चैपल ( 1510 ) 
सबसे प्राचीन - संत कैथरीन चैपल (प्रार्थनालय )
संत कैथरीन प्रार्थनालाय गोवा का सबसे पुराना चैपल है। इसे साल 1510 में अफांसो डी अलबाबुर्क ने संत कैथरीन दिवस के मौके पर बनवाया। यह गोवा में पुर्तगालियों के प्रवेश के स्मृति में निर्मित कराया गया था। बाद में इसका विस्तार राज्यपाल जार्ज केब्रल ने 1550 में कराया। हालांकि बाद में इसका हालात दयनीय हो गई थी, फिर 1952 में इसका पुनर्निर्माण कराया गया।

इसके अग्रभाग में दो बुर्ज बने हैं। जबकि भीतरी भाग में एक समान्य वेदी निर्मित है। यह पुरातत्व संग्रहालय के ठीक बगल में स्थित है। इसके आसपास पुर्तगाली इतिहास से जुड़ी तमाम सामग्री खुले आसमान में रखी दिखाई देती है।

इतिहास की दास्तां सुनाता - ओल्ड गोवा का संग्रहालय
जब आप ओल्ड गोवा में हैं तो पुरातत्व संग्रहालय देखने का वक्त जरूर निकालें। यह संग्रहालय सी केथेड्रल परिसर में ही सेंट फ्रांसिस आसिसी चर्च के बगल में है। यहां आप गोवा के अलग अलग कालखंड का इतिहास देख सकते हैं। साथ ही इसके सामुद्रिक दीर्घा में मैरीटाइम इतिहास से भी रुबरू हो सकते हैं। संग्रहालय में प्रवेश का टिकट 15 रुपये का है। बच्चों के लिए निःशुल्क प्रवेश है। अंदर पेयजल और शौचालय का भी बेहतर इंतजाम है। यहां पुस्तक और चित्र बिक्री काउंटर भी है। मैं यहां ओल्ड गोवा पर एक पुस्तक खरीद लेता हूं। अनादि घूमते घूमते थक गए थे, पर मैं उन्हें जबरदस्ती संग्रहालय देखने के लिए अंदर भेजता हूं। 
- विद्युत प्रकाश मौर्य
गोवा - ओल्ड गोवा में पुर्तगालियों द्वारा लगाई गई बारुद बनाने की फैक्ट्री के अवशेष। आप देख सकते हैं कि बारुद बनाने में इस्तेमाल होने वाली चक्की के पत्थर यहां खुले आसमान में प्रदर्शित किए गए हैं। 
(OLD GOA, SE CATHEDRAL, CHURCH OF ST FRANCIS ASSISI, CHAPEL OF ST CATHERINE )
गोवा के संत कैथरीन चेपल का सामने से नजारा।