Sunday, October 29, 2017

गोवा एयरपोर्ट – यहां रात में विमान नहीं उतरते

हमलोग शाम के 7 बजे गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट पर उतर रहे हैं। विमान में यह ऐलान किया जाता है कि गोवा नौ सेना का एयरपोर्ट है, यहां फोटोग्राफी की इजाजत नहीं है। हालांकि एयरपोर्ट पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। एयरब्रिज से उतर कर तेजी से लांउंज में पहुंच गए हमलोग। हैंगर से सामान प्राप्त करने में थोड़ा वक्त लग गया। इस बीच हमने एयरपोर्ट के आगमन टर्मिनल का मुआयना किया।

गोवा का एयरपोर्ट डाबोलिम में है। अगर मानचित्र में देखें तो यह गोवा के लगभग बीच में है। यह गोवा के वास्कोडिगामा शहर से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर है। यह हवाईअड्डा पूरी तरह से नौसेना के अधीन है। यहां पर व्यावसायिक उड़ानें सिर्फ दिन में ही टेकऑफ या लैंडिंग करती हैं। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से यहां के लिए रोज कई उड़ानें हैं। हालांकि यह एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यहां से दुबई समेत कुछ अन्य शहरों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी हैं।
गोवा में पहुंच के लिहाज से यह साउथ गोवा के मडगांव से 23 किलोमीटर और राजधानी पणजी से 30 किलोमीटर की दूरी पर है। साल 2013 में इसके नए आधुनिक टर्मिनल का उदघाटन हुआ। आजकल रोज यहां 130 से 140 विमान उड़ान भरते हैं। सैलानियों के नियमित आमद के लिहाज से अब यह छोटा पड़ रहा है इसलिए अब गोवा में मोपा में दूसरे एयरपोर्ट का भी निर्माण कार्य चल रहा है।

प्रीपेड टैक्सी और बस – अगर आप गोवा एयरपोर्ट से शहर जाने के लिए बाहर निकले हैं तो आपके लिए सबसे सस्ता साधन बस हो सकता है। बाहर निकल कर दाहिनी तरफ जाएं तो वास्कोडिगामा शहर के लिए बसें मिलती रहती हैं। अगर टैक्सी लेनी है तो एयरपोर्ट के अंदर ही प्रीपेड काउंटर है। यहां से अलग अलग शहरों के लिए टैक्सी की दरें तय हैं। प्रीपेड वाले आपको एक रसीद देते हैं और टैक्सी का नंबर एलाट कर देते हैं। 

गोवा के सबसे लोकप्रिय बीच कालंगुट के लिए टैक्सी किराया 1150 रुपये है। दूरी कोई 40 किलोमीटर है। जबकि पणजी शहर और मडगांव आदि के लिए 800 से 900 के बीच किराया है। देखा जाए तो गोवा में टैक्सी का किराया थोड़ा महंगा है। ज्यादातर जगहों का किराया फिक्स है। यहां पर ओला उबर जैसी सेवाएं नहीं चलतीं। अगर आप टैक्सीवालों से सीधे बात करते हैं तो भी वे ज्यादा किराया मांगते हैं। वे किराया मोलभाव करके कम भी नहीं करते। इसलिए गोवा घूमने का सस्ता तरीका यहां की बसे हैं। बसों में ज्यादा भीड़ नहीं होती। कई जगह पर तो वे टैक्सी से भी जल्दी पहुंचा देती हैं। एयरपोर्ट से पणजी और कालांगुट आदि के लिए शटल बस सेवा भी आरंभ की गई है पर उनका समय तय है। 

खैर हमारे टैक्सी वाले नाम गणेश है। वे एयरपोर्ट से हमें कालंगुट के लिए ले चलते हैं। वास्को शहर पीछे छूट गया। गोवा की सर्पीली सड़कों पर वे काफी तेज ड्राईव कर रहे हैं। पणजी शहर में मंडोवी नदी का पुल पार करने के बाद वे हमें पोरोवोरीम के रास्ते ले जाते हैं। रास्ते में बाइपास फ्लाइओवर का निर्माण होता दिखाई दे रहा है। कारण गोवा की राजधानी पणजी में वाहनों की भीड़ बढ़ रही है। हमलोग सालीगांव से कालंगुट के लिए मुड़ते हैं। यहां सड़क के बीचों बीच बने सेंट एंथोनी चेपल के पास ही एक गली में हमारा होटल ओसबोर्न होलीडे रिजार्ट है। टैक्सी वाले लोगों से रास्ता पूछते हुए हमें होटल के प्रवेश द्वार तक छोड़ देते हैं। हम उन्हें बिल देकर चेक इन के लिए रिसेप्शन की ओर बढ़ जाते हैं।
- विद्युत प्रकाश मौर्य
(GOA, AIRPORT, CALANGUTE, TAXI, BUS ) 
 
गोवा का कालंगुट स्थित सेंट एंथोनी चेपल। ( प्रार्थना गृह )