Wednesday, October 25, 2017

चलो दिलदार चलो...बादलों के पार चलो...

गोवा यानी देश में  सैलानियों का सबसे लोकप्रिय पड़ाव। पर हमने गोवा जाने का कार्यक्रम कई सालों बाद बाद बनाया। देश के 33 राज्य घूमने के बाद। वैसे गोवा के मडगांव रेलवे स्टेशन पर हमारे कदम साल 2012 में केरल जाते हुए पड़े थे। पर इस बार गोवा में चार-पांच दिन गुजारने का इरादा था। आप गोवा के बारे में जैसी भी छवि रखते हों हमने अपने नजरिए से देखा। हमारी यात्रा 20 अक्तूबर की सुबह दिल्ली से शुरू हुई जेट एयर के विमान से वाया मुंबई। विमान का समय 10.30 बजे तय था पर उड़ान 15 मिनट की देरी से शुरू हुई। दो घंटे में हमलोग मुंबई के आसमान पर थे। 

पर यह क्या... विमान को उतरने में दिक्कत आने लगी। हमारा विमान घने बादलों के बीच था। कई बार नीचे आया फिर उपर गया। इस दौरान तेज झटके लगे। शायद विमान को उतरने का सिग्नल नहीं मिल पा रहा था। मुंबई में 19 सितंबर से ही बड़ी तेज बारिश हो रही है। सुबह चलते समय में माधवी को स्विटी ने फोन पर बताया था कि यहां काफी बारिश हो रही है। तो क्या विमान मुंबई में उतर नहीं पाएगा। तो क्या अहमदाबाद या फिर गोवा में जाकर उतरेगा। कई सवाल मन में उठने लगे। खैर आधे घंटे में लैंडिंग हो पाई। 9डब्लू 358 के कैप्टन सूरज चेरियन और को पायलट रमन्ना मुथु को धन्यवाद। पर हमने देखा रनवे पर घनघोर बारिश हो रही थी। 
मुंबई आसमान से ऐसी दिखाई दे रही है...

जब हमलोग मुंबई के छत्रपति शिवाजी विमान उड़ान तल के नवनिर्मित टी-2 के विशाल भवन के अंदर पहुंचे तो अंदर रोज से कई गुना ज्यादा भीड़ थी, और हर तरफ अफरातफरी का आलम दिखाई दे रहा था। इधर-उधर बिखरे अखबारों पर नजर पड़ी। मुंबई में तेज बारिश। सभी स्कूल कालेज आज बंद कर दिए गए हैं। पता चला मुंबई से उड़ान भरने वाली 70 फीसदी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो गई हैं। लोग परेशान परेशान इधर उधर घूम रहे हैं। गोवा की भी कई उड़ानें रद्द हैं। एक सज्जन टकराए उनकी इत्तेहाद एयर की फ्लाइट छूट गई है।

हमारी अगली उड़ान जेट कनेक्ट की 3.25 बजे (एस2-4384) की है। पता किया वह उड़ान रद्द तो नहीं है। सूचना पट्ट पर उसके समय पर होने की जानकारी आ रही है। पर जेट के ग्राउंड स्टाफ ने बताया कि विमान देर से ही उड़ेगा। आप 50 नंबर प्रस्थान द्वार के आसपास बैठ कर इंतजार करें। समय आने पर उड़ान की घोषणा होगी। दो घंटे इंतजार के बाद मेरे मोबाइल पर संदेश आया कि विमान 5.00 बजे उड़ेगा। प्रवेश 51 नंबर गेट से होगा। शाम 5 बजे प्रवेश आरंभ हुआ। 5.20 में विमान के द्वार बंद हो गए। पर कैप्टन प्रकृति यादव ने एलान किया कि एटीसी से क्लिरेंस मिलने में देरी हो रही है। इंतजार करना पड़ेगा। बंद विमान में आधे घंटे तक इंतजार। इस बीच बारिश तेज हो गई। फिर लगा शायद ये विमान रद्द न हो जाए। आधे घंटे बाद विमान ने रनवे पर सरकरना शुरु कर दिया। पर अगले आधे घंटे रनवे पर ही सरकता रहा। इधर से उधर।
मुंबई से गोवा के लिए उड़ान...

खैर एक घंटे बाद 6.20 में विमान आसमान में उड़ने लगा। पर ऊंचाई पर भी लगातार बादल दिखाई दे रहे थे। लगातार दूसरी उड़ान मुश्किलों में नजर आ रही थी। हमें साल 2014 का सितंबर महीने में ही कश्मीर में बाढ़ में फंसना याद आने लगा। इस उड़ान में नास्ता मिला पर चाय काफी नहीं। पर 40 मिनट की उड़ान के बाद हमलोग गोवा के डाबोलियम ( या दाबोली )  एयरपोर्ट पर थे। यहां भी बाहर बारिश हो रही है। पर जैसे विमान ने गोवा में जमीन को छुआ सारे यात्रियों ने पायलट के सम्मान में तालियां बजाई। धन्यवाद, कैप्टन प्रकृति यादव और सह पायलट अंशुमान रेड्डी को, हमें सुरक्षित गोवा में उतारने के लिए। इस उड़ान में क्रू प्रभारी यशवंत बहुत ही सुंदर हिंदी में उदघोषणा कर रहे थे। 

-        विद्युत प्रकाश मौर्य
( DELHI T-3, MUMBAI, TERMINAL-2, GOA, DABOLIM, JET AIRWAYS ) 
मुंबई के एयरपोर्ट पर भारी बारिश। 

(यात्रा मार्ग - दिल्ली- मुंबई- गोवा (नार्थ), गोवा साउथ, मडगांव-कारवार- अंकोला- गोकर्ण- मंगलुरू- कोचीन, मुन्नार. वापसी- मुन्नार- अलुवा- उडुपी- मुंबई- दिल्ली )