Sunday, October 15, 2017

दिल्ली का लक्ष्मी नारायण बिड़ला मंदिर : बापू ने किया था उदघाटन



इस मंदिर का उदघाटन महात्मा गांधी ने किया था। पर एक शर्त पर कि जाति पाति के भेदभाव से उपर उठकर दलितों समेत सबके लिए ये मंदिर खुला रहेगा।  दरअसल उस कालखंड में कई मंदिर में दलितों के प्रवेश की अनुमति नहीं थी। कुछ साल पहले डॉक्टर आंबेडकर नासिक के कालाराम मंदिर में दलितों के प्रवेश के लिए बड़ा आंदोलन कर चुके थे। बिड़ला परिवार ने ये शर्त मानी तभी बापू मंदिर का उदघाटन करने आए। मंदिर में लगे शिलापट्ट पर इस आशय की घोषणा भी की गई  है।

मंदिर के शिलापट्ट पर लिखा गया है – मंदिर में श्रद्धाभाव और स्वच्छता से दर्शनार्थ आने वाले हिंदूमात्र ( हरिजनों सहित ) को बिना किसी ऊंच नीच के भेदभाव के समान अधिकार होगा।  हालांकि इस मतलब ये निकलता है कि ये मंदिर सिर्फ हिंदू मात्र के लिए खुला है। मतलब दूसरे मतावलंबियों के लिए नहीं।


दिल्ली का सबसे आकर्षक मंदिर - दिल्ली के दिल में स्थित ये मंदिर राजधानी का सबसे आकर्षक मंदिर है। मंदिर का प्रबंधन नौ सदस्यीय ट्रस्ट देखता है। इसमें तीन सदस्य बिड़ला परिवार से होते हैं। तीन सदस्य सनातन धर्म सभा पंजाब से और तीन सदस्य सनातन धर्म सभा दिल्ली से चुने जाते हैं।

दिल्ली के लक्ष्मी नारायण बिड़ला मंदिर का निर्माण राजा बलदेवदास बिड़ला के सौजन्य से कराया गया। इस मंदिर के बगल में इंद्रप्रस्थ वाटिका, धर्मशाला और बौद्ध मंदिर का निर्माण भी कराया गया है। मंदिर कुल नौ साल में बनकर तैयार हुआ।
मंदिर का शिलान्यास महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रेरणा से धौलपुर के नरेश उदय भान सिंह ने विक्रम संवत 1989 में रखी। इसका निर्माण विक्रम संवत 1995 में पूरा हुआ।  इसका उदघाटन चैत्र कृष्ण पक्ष त्रियोदशी को महात्मा गांधी के कर कमलों से संपन्न हुआ।  मंदिर के कोष में धौलपुर के राजा, अलवर के राजा और दरभंगा महाराज ने बड़ी राशि दान में दी।

मंदिर के खर्च के लिए स्थायी निधि का इंतजाम किया गया है। सन 1935 में दान में मिले 55 हजार के ब्याज का इस्तेमाल मंदिर के लिए होता है। इसके बाद भी समय समय पर बड़े उद्यमी मंदिर को दान देते रहते हैं।

मंदिर परिसर के पीछे आकर्षक उद्यान है। उद्यान में गुफाएं बनी हैं। यहां शाम गुजारना बेहतरीन अनुभव हो सकता है। यहां एक छोटी सी कैंटीन भी है। निजी वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। मंदिर परिसर में धार्मिक साहित्य और पूजन सामग्री की दुकान भी है। आप इस मंदिर में दर्शन के लिए कम से कम एक घंटे का समय रखें।


कैसे पहुंचे: लक्ष्मी नारायण बिड़ला मंदिर दिल्ली के मंदिर मार्ग पर स्थित है। निकटतम मेट्रो स्टेशन रामकृष्ण आश्रम मार्ग है। कनॉट प्लेस से मंदिर की दूरी एक किलोमीटर है। मंदिर सूर्योदय से लेकर रात्रि नौ बजे तक खुला रहता है। दिल्ली आने वाले सैलानी इस मंदिर को देखने जरूर पहुंचते हैं। दिल्ली घूमाने वाले टूरिस्ट पैकेज की सूची में भी अक्सर बिड़ला मंदिर शामिल रहता है। मंदिर के धर्मशाला में श्रद्धालुओं के निवास का भी इंतजाम है।

- विद्युत प्रकाश मौर्य vidyutp@gmail.com
(BIRLA TEMPLE DELHI, BAPU, UNTOUCHABLE)



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