Thursday, October 12, 2017

कई मामलों में अनूठी है गुरुग्राम की रैपिड मेट्रो

भारत के कई शहरों में मेट्रो रेल सेवा आरंभ हो चुकी है। पर महानगरों में कुछ रेल सेवाएं मेट्रो से थोड़ी अलग किस्म की भी हैं। जैसे मुंबई में मोनो रेल चलती है तो दिल्ली से सटे गुरुग्राम ( गुड़गांव) में रैपिड मेट्रो रेल सेवा चलती है। यह रैपिड रेल कई मामलों में अनूठी है। यह देश की एकमात्र निजी क्षेत्र में चलाई जाने वाली मेट्रो रेल सेवा है। गुरुग्राम में रैपिड मेट्रो दिल्ली मेट्रो के फीडर सिस्टम यानी सहयोगी की तरह काम करती है।


सिकंदरपुर में जुड़ती है दिल्ली मेट्रो से - गुरुग्राम की रैपिड रेल पूरी तरह एलिवेटेड ट्रैक पर चलनेवाली मेट्रो सेवा है। इससे आप मेट्रो के सिकंदरपुर स्टेशन से चलकर दिल्ली गुरुग्राम के बीच जा रही सड़क नेशनल हाईवे नंबर 8 तक पहुंच सकते हैं। वास्तव में यह दिल्ली के मेट्रो के नेटवर्क और गुड़गांव के साइबर सिटी के कुछ प्रमुख सेक्टरों को जोड़ने का काम करती है।

एक सर्किल में चलती रेल -  रैपिड मेट्रो वास्तव में एक सर्किल में चलती है। जहां से चलती है लौटकर वही पहुंच जाती है। कुल ट्रैक 11.7 किलोमीटर का है और कुल 11 स्टेशन हैं। ट्रैक चौड़ाई के लिहाज से स्टैंडर्ड गेज (1435 मिमी) के हैं। रैपिड मेट्रो गुरुग्राम के सेक्टर 55-56 स्टेशन से आरंभ होकर वहीं वापस आ जाती है। इसके रास्ते में साइबर सिटी, डीएलएफ फेज 2, डीएलएफ फेज 3, एनएच 8, गोल्फ कोर्स रोड के इलाके आते हैं। फिलहाल हर 4 मिनट के अंतर पर मेट्रो उपलब्ध रहती है। गुरुग्राम में रैपिड मेट्रो की शुरुआत 14 नवंबर 2013 में हुई। हालांकि दिल्ली एनसीआर में रहते हुए मुझे इसकी सवारी का मौका 2017 में मिला।

रैपिड मेट्रो का संचालन बाकी मेट्रो नेटवर्क से अलग है। यह निजी क्षेत्र की कंपनी के अधीन है। इसका संचालन इन्फ्रास्ट्रक्चर लिजिंग एंड फाइनेंसियल सर्विसेज लिमिटेड नामक कंपनी करती है। इसकी योजना साल 2008 में बनी थी।

रैपिड मेट्रो में कुल तीन डिब्बों का संयोजन है। अगर गति की बात करें तो यह दिल्ली मेट्रो की तुलना में काफी धीमी गति से चलती है। आमतौर पर यह 35 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलती है। हालांकि इसकी अधिकतम स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा है। पर गुरुग्राम के साइबर सिटी के तमाम बड़े दफ्तरों और शापिंग मॉल्स से कनेक्टिविटी प्रदान करने के कारण इससे सफर करने वालों की अच्छी संख्या है। आपको अगर गुरुग्राम के एंबिएन्स मॉल और लीला होटल जाना हो तो रैपिड मेट्रो के मौलश्री गार्डन उतरना चाहिए।

दिल्ली मेट्रो का कार्ड मान्य - किराया की बात करें तो रैपिड मेट्रो का सफर दिल्ली मेट्रो से महंगा है। इसका न्यूनतम किराया भी मेट्रो के न्यूनतम किराया से ज्यादा है। पर अच्छी बात है कि इसमें दिल्ली मेट्रो का स्मार्ट कार्ड मान्य है। आप दिल्ली मेट्रो से रैपिड मेट्रो में सिकंदर पुर में चढ़ते हैं तो अलग से कोई टोकन लेने की कोई जरूरत नहीं है। वहीं आप दिल्ली मेट्रो के स्मार्ट कार्ड को रैपिड मेट्रो के स्टेशनों पर रिचार्ज करा सकते हैं।


21 अगस्त 2017 को रैपिड मेट्रो में एक अनूठा प्रयोग किया गया है। इसमें हुए कार्यक्रम में ट्रेन के अंदर लोगों ने योगासन किया। इस दौरान इंदिरापुरम के प्रमोद बिष्ट ने 30 मिनट 14 सेकंड तक सुनील तोमर ने 17 मिनट तक और पूजा ने 15 मिनट सेकंड तक शरीर का संतुलन बनाकर पलैंक चैलेंज का बखूबी प्रदर्शन किया। http://rapidmetrogurgaon.com/home/ ) 
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