Saturday, September 23, 2017

संकट में हैं महाराजा...कब बहुरेंगे दिन – एयर इंडिया से पटना

कुछ दिन पूर्व मिली सूचना पर दिल्ली से अचानक ही पटना जा रहा हूं। पर इस बार पटना की तरफ पहली बार महाराजा के साथ। महाराजा मतलब एयर इंडिया। यूं हुआ कि एयर इंडिया ने दिल्ली से पटना की टिकट जुलाई 2017 में मात्र 2060 रुपये में आफर कर दी है। इतना तो राजधानी एक एसी 3 में भी लग रहा था सो महाराजा के साथ हो लिए। दिल्ली के टर्मिनल 3 पर महाराजा के साथ पटना के लिए 30 नंबर एयरब्रिज से सवार हुआ तो सहज गर्व हुआ महाराजा के साथ। पर आजकल खूब ये खबर चल रही है कि महाराजा भारी घाटे में है और सरकार इस सरकारी एयरलाइन कंपनी को पूरी तरह निजी हाथों में बेचने की तैयारी कर रही है। कई खरीददार भी आ गए हैं। एक बड़े दावेदार तो टाटा समूह वाले भी हैं जो भारत सरकार से पहले एयर इंडिया के मालिक हुआ करते थे।


पर सरकारी एयरलाइनर महाराजा यानी एयर इंडिया आखिर इतने बड़े कर्ज के बोझ तले कैसे डूबे हैं। सुनता हूं कि 52 हजार करोड़ से ज्यादा कर्ज है। हर साल घाटा भी बढ रहा है। वहीं पिछले दो दशक में आई निजी क्षेत्र की विमानन कंपनियां तेजी से अपना विस्तार कर रही हैं। इंडिगो सबसे बड़ी कंपनी बन चुकी है। जेट एयरवेज, स्पाइस जेट, गो एयर, एयर एशिया, एयर विस्तारा सभी अपना विस्तार कर रही हैं। इनके मुकाबले एयर इंडिया क्यों नहीं ठहर पा रही है।


जब आप अपनी यात्रा की योजना बनाते हुए हवाई टिकट खरीदने के लिए किसी वेबसाइट पर जाएंगे तो हमेशा निजी एयरलाइनर महाराजा से कम राशि पर टिकट दे रहे होते हैं
, ऐसे में इकोनोमी क्लास में सफर करने वाला आदमी एयर इंडिया की ओर क्यों जाना चाहेगा। पिछले कुछ सालों में एक दर्जन से ज्यादा हवाई सफर में मुझे हमेशा निजी एयरलाइनर प्रतिस्पर्धी मिले हैं। किफायती टिकट वहां से मिल गया है। पहली बार ऐसा हुआ है जब एयर इंडिया से किफायती टिकट मिला है। इससे पहले दिल्ली से पोर्ट ब्लेयर जाने और वहां से वापसी में भी एयर इंडिया से सफर का मौका मिला था। आमतौर पर पोर्ट ब्लेयर का किराया एयर इंडिया में प्रतिस्पर्धी रहता है। पर ज्यादातर रूट पर ऐसा नहीं होता।


आजकल एयर इंडिया को अश्वनी लोहानी का नेतृत्व मिला है। लोहानी ने भारतीय रेल में अपने कुशल प्रबंधन का परिचय दिया था। आजकल एयर इंडिया में भी वे अपनी ओर से पूरा बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं। जुलाई में वाशिंगटन के लिए सीधी उड़ान तो अगस्त में काशी से कोलंबो की सीधी उड़ान शुरू करा चुके हैं। पर एयर इंडिया को निजी एयरलाइनर के मुकाबले हमेशा प्रतिस्पर्धात्मक बनाए रखने की जरूरत है।

घरेलू उडानों में निःशुल्क खाना परोसने की नीति को पूरी तरह से खत्म करके टिकट की दरें कम की जा सकती हैं। जिन्हे खाना लेना हो वह निजी एयरलाइनर की तरह अलग से बुक कर सकते है। एयर इंडिया को भी लगातार देखते रहना होगा कि निजी एयरलाइनर किस रुट पर कितनी राशि में टिकट ऑफर कर रहे हैं, जिससे उड़ान भरने वालों को अपनी ओर आकर्षित किया जा सके।

खैर दिल्ली से पटना के सफर में महाराजा की ओर से खाने की प्लैटर में हमें आलू चाप, सैंडविच, गुलाब जामुन आदि परोसा गया। साथ में कॉफी या चाय। हालांकि खाने का स्वाद कुछ खास नहीं था। ऐसे खाने को बंद ही कर दिया जाए तो अच्छ हो। हाल में एयरइंडिया ने घरेलू विमानों में मांसाहारी खाना बंद कर दिया है। यह अच्छा कदम रहा। इससे अन्न की बरबादी कम हुई है। अब खाने को पूरी तरह वैकल्पिक बना देना ही ठीक रहेगा।


तो पटना के तक उड़ान भरने वाले एयर इंडिया के ए 320 विमान की उड़ान संख्या एआई 415 के हमारे पायलट हैं कैप्टन विक्रम यादव। नाम सुनकर गर्व होता है। कैप्टन विक्रम यादव ने विमान बड़े ही संतुलन से उड़ाया। बात में पता चला कि कैप्टन विक्रम यादव बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता लालू प्रसाद यादव के दामाद हैं। हम महज एक घंटे बाद पटना के आसमान पर थे। पटना का लोकनायक जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट। हालांकि रनवे भी छोटा है और लाउंज भी। मेरे बेटे अनादि कहते हैं पापा ये तो रेलवे स्टेशन से भी छोटा है। अब हैदराबाद बेंगुलुरु आदि के हवाई अड्डे भव्य बन चुके हैं। तो पटना के दिन कब बहुरेंगे।
-      ------ विद्युत प्रकाश मौर्य

(AIR INDIA, MAHARAJA, PATNA, CPT VIKRAM YADAV )