Sunday, August 20, 2017

हरिद्वार से मसूरी की यात्रा- पैकेज टूर से

सुबह के तीन बजे हैं। टैक्सी हमें हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पास छोड़ देती है। हम विचार कर रहे हैं क्या करें अभी हर की पौड़ी की तरफ प्रस्थान करें या फिर थोड़ी देर यहीं बैठकर कर इंतजार करें। हम देख रहे हैं कि हरिद्वार रेलवे स्टेशन परिसर में और बाहर हर तरफ हजारों लोग सो रहे हैं। ये सभी लोग गंगा स्नान करने के लिए दूर-दूर से पहुंचे हैं। जून का महीना और शनिवार रविवार का दिन। इसलिए गंगा स्नान करने वालों की भीड़ कुछ ज्यादा ही है। तो  हमलोग भी स्टेशन के प्रतीक्षालय में अपने बैठने के लिए जगह बना लेते हैं। एक घंटा यहां गुजारने के दौरान दांतो की सफाई से भी निवृत हो लेते हैं।

हरिद्वार रेलवे स्टेशन का परिसर बड़ा जरूर है। पर यात्री सुविधाओं का अभी भी टोटा है। सवा चार बजे स्टेशन से निकलने के बाद एक दुकान पर बैठकर एक कप चाय। पैदल ही हर की पौड़ी की तरफ आगे बढ़ते हुए बंशी ट्रैवल्स का बोर्ड नजर आता है। सुबह सुबह हमलोग मसूरी के लिए जाने वाली बस में दो सीटें बुक कर लेते हैं। 280 रुपये प्रति सवारी। बस आठ बजे जाएगी। हमारे पास तीन घंटे का वक्त है। तो चलें गंगा नहाने। 

हरिद्वार के पंडा कैलाश भट्ट जी के साथ। 
सुबह 5 बजे हर की पौड़ी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ है। हम अपने पुराने परिचित पंडा कैलाश भट्ट का ढूंढते हैं। वे सात नंबर बूथ में बैठते हैं। वे हमारे दैनिक जागरण लुधियाना के दिनों के साथी कमलेश भट्ट के चचेरे भाई हैं। उनके पास बैग रखकर हमलोग गंगा मइया में डूबकी लगाने चल पड़ते हैं। इससे पहले अनादि ने 2010 में हरकी पौड़ी में गंगा में संक्षिप्त डूबकी लगाई थी। पर इस बार विस्तार से। गंगा स्नान के बाद थोड़ी सी पूजा। फिर पेट पूजा के लिए हरिद्वार की गलियों में एक बार फिर पंडित जी पूरी वाले की दुकान पर।


मसूरी यानी क्वीन ऑफ हिल्स. पहाड़ों की रानी। देहरादून से 40 किलोमीटर आगे मसूरी में लोग कुछ दिन गुजारने जाते हैं। पर मसूरी सिर्फ घूमने पर जाना हो तो एक सस्ता तरीका है। हरिद्वार से मसूरी का एक दिन का टूर पैकेज। रोज सुबह कुछ बसें आठ बजे निकलती हैं और मसूरी घूमा कर देर रात हरिद्वार वापस लौट आती हैं। इस पैकेज में मसूरी और रास्ते के कुछ विंदू तय हैं जिन्हे घूमाने का दावा ये बस सेवाएं करती हैं। ऐसी ही एक बस में हम सवार होने वाले हैं। ये बसें लालतरौं पुल के उस पार गड्ढा पार्किंग से चलती हैं।

यात्रा से पहले थोड़ी पेट पूजा 
वहां पहुंचने पर बस एजेंट ने कहा, अगर 50 रुपये और दें तो 2 बाई 2 बस मिलेगी। हम अब 330 रुपये प्रति सीट देकर 2 बाई 2 वाली बस में सवार हो जाते हैं।

हमारी बस चल पड़ती है पर हरिद्वार बाईपास पर भारी जाम लगा है। बस रास्ते में भीमगोडा और शांतिकुंज से भी कुछ सवारियां उठाती है। हमारे बस में उन्नाव का एक परिवार जिसमें अनादि के उम्र की कई लड़कियां हैं तो कुछ खाते पीते घर की सुर्ख लिपिस्टिक से लैस पंजाबी महिलाएं भी विराजमान हो चुकी हैं। मोतीचूर और राईवाला के जंगल को पार कर बस देहरादून की ओर चढ़ने लगी है। हल्की बारिश शुरू हो चुकी है। 1993 के बाद 2017 में मैं मसूरी की दूसरी यात्रा पर हूं। देहरादून से पहले हमारा पहला पड़ाव आ चुका है। फन वैली रिजार्ट।    

       - vidyutp@gmail.com 

(HARIDWAR, UTTRAKHAND, BUS TRIP TO MUSSORIE )