Tuesday, July 4, 2017

कोलार बंगारपेट के बीच चलती थी रेल बस

मुझे कोलार से बंगारपेट जाते हुए सड़क मार्ग के समानांतर रेलवे लाइन भी चल रही है। इस रेलवे लाइन को देखकर कुछ याद आता है।  जी हां याद आ गई रेल बस की। मतबल रेल की पटरी पर चलने वाली एक कोच वाली बस।किसी जमाने में बंगारपेट जंक्शन से कोलार के बीच रेल बस सेवा का संचालन होता था।
2016 में बंद हुई रेल बस सेवा -  पर मैं 2017 के मार्च में बेंगलुरु के अखबार में पढ़ रहा हूं कि कोलार से बंगारपेट रेल बस का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है।  सितंबर 2016 में 72 सीटों पर वाली इस सिंगल कोच रेल बस का संचालन कोलार बंगारपेट मार्ग पर बंद कर दिया गया। दरअसल इस मार्ग पर आठ डिब्बों वाली डीएमयू ट्रेन का संचालन होने लगा।



साल 1997 में हुई थी शुरुआत - 1997 से इस रेल बस का संचालन किया जा रहा था। इसके पहले कोलार बंगारपेट रेल मार्ग मीटर गेज था। आमान परिवर्तन के बाद इस पर रेल बस इसलिए भी चलाई गई, क्योंकि इस पटरियां लगतार घर्षण के कारण जंग से बची रहें। यह रेल बस 17 किलोमीटर की दूरी 30 मिनट में तय करती थी। यह रेल बस सुबह बंगारपेट से कोलार के लिए चलती थी। दोपहर में फिर कोलार से चलकर बंगारपेट वापस आ जाती थी।

बीईएमएल ने किया था निर्माण- साल 1997 में इस रेल बस का निर्माण भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड, मैसूर (बीईएमएल) ने किया था। इसका इंजन अशोक लीलैंड ने बनाया था। यह काफी हद तक किसी बस के इंजन की तरह ही था। सितंबर 2016 में इसे बंद कर दिया गया। कोलार बंगारपेट लाइन पर डीएमयू सेवा शुरू होने के बाद इस मार्ग पर रेल बस सेवा को बंद करने का फैसला लिया गया।
इस रेल बस में एक समय मे 60 से 70 लोग सफर कर सकते थे। यह दक्षिण भारत की संभवतः एकमात्र रेल बस थी। दूसरी रेल बस उत्तर भारत में मथुरा और वृंदावन के बीच चलाई जाती है।

यशवंतपुर से नीलमंगला के बीच चलने लगी -  कोलार बंगारपेट लाइन पर रेल बस बंद होने के बाद रेलवे ने इसको नए मार्ग पर चलाने का फैसला लिया। काफी सोच विचार के बाद इस रेल बस को यशवंतपुर नीलमंगला रेल मार्ग पर भेज दिया गया। पर यहां इसे ज्यादा सवारियां नहीं मिलीं। जल्द ही इस रेल बस लोकप्रियता बिल्कुल गिर गई। 22 किलोमीटर के इसके सफर में रोज 10 पैसेंजर भी इसमें सफर पर नहीं जाते थे।
और आखिरी सफर खत्म हुआ -  सवारी की कमी के कारण मार्च 2017 में कर्नाटक की एकमात्र रेल बस सेवा को पूरी तरह बंद कर दिया गया। इस तरह यह रेल बस सेवा इतिहास के पन्नों में समा गई। अब यह रेल बस बेंगलुरु कैंट रेलवे स्टेशन के यार्ड में आराम फरमा रहा है। हालांकि रेल बस तकनीकी तौर पर दुरुस्त है और अभी चल सकने की स्थिति में है।

दुनिया के कई देशों में रेल बस संचालन में रही हैं। जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस, इटली, ब्रिटेन आदि के नाम प्रमुख हैं। रेल बस ऐसे मार्गों पर चलती रही हैं जहां ट्रैफिक काफी कम है। पर अब ज्यादातर जगह रेल बस को हटाकर उनकी जगह डीएमयू या फिर ईएमयू कोच का इस्तेमाल में लाया जाने लगा है। 

-        विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 
( KOLAR, BANAGRPET, RAIL BUS SERVICE, KGF, SILK, MILK, GOLD ) 

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