Monday, May 22, 2017

एहोल का खजुराहो है हुच्चमल्ली देवालय समूह





अदभुत अनूठे हुच्चमल्ली देवालय समूह की ओर  - एहोल के मुख्य मंदिर परिसर से निकलने के बाद हमलोग अगले मंदिर की ओर चलने वाले हैं। पर हमलोग मंदिर देखते देखते थक गए है। गरमी के मौसम में तो थोड़ी तरावट की भी जरूरत है। तो गन्ने का जूस बेहतर हो सकता है। हम तीनों ही गन्ने का जूस पीते हैं। मैं दही तो पहले ही पी चुका हूं। 

अब हमलोग तकरीबन एक फर्लांग आगे चलकर पहुंचे हैं हुच्चमल्ली देवालय समूह में। यह भी पत्थरों से निर्मित अनुपम अनुकृति है। हुच्चमल्ली एक शिव मंदिर समूह है। इसके गर्भ गृह और दरवाजों पर कई सुंदर कलाकृतियों का निर्माण दिखाई देता है। इसे 11वीं सदी में कल्याणी चालुक्य राजाओं द्वारा निर्मित बताया जाता है।


इस मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार लकड़ी का बना हुआ है। इसके मूल द्वार पर भी काफी सुंदर चित्रण किया गया है। मंदिर का गर्भ गृह साढ़े आठ फीट चौड़ा और करीब इतना ही ऊंचा बना हुआ है। इसके मध्य में शिवलिंगम स्थापित है। मंदिर के गर्भ गृह के ऊपर लहरदार शिखर है। इसमें शिव तांडव मुद्रा में दिखाई देते हैं।







इस मंदिर में मुख्यमंडप, रंग मंडप और गर्भ गृह देखा जा सकता है। इस मंदिर को उत्तम शिल्प विन्यास के लिए जाना जाता है। इसमें प्रेम मग्न मिथुन के अलावा, हाथी और गंगा यमुना आदि की आकृतियां बनाई गई हैं। गर्भ गृह के ऊपर रेखानगर शिखर है जिस पर ब्रह्मा और और सूर्य की मूर्तियां बनाई गई हैं।



प्रेम मग्न मिथुन मूर्तियां -  इस मंदिर के सभा मंडप में इंद्र, यम, कुबेर आदि के चित्र बनाए गए हैं। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस मंदिर में कुछ प्रेम मग्न मिथुन मूर्तियां भी बनाई गई हैं, बिल्कुल खजुराहो की तरह। यहां शिल्पकारों की अदभुत कल्पनाशीलता नजर आती है।



पर यह अति सुंदर मंदिर एहोल में भी एक कोने में उपेक्षित प्राय दिखाई देता है। देवालय के परिसर  में एक छोटा सा तालाब भी है। इस तालाब की दीवारों पर भी देव प्रतिमाएं उकेरी गई हैं। इसके साथ ही पंचतंत्र की कथाओं से संबंधित चित्र भी यहां दिखाई देते हैं। हुच्चीमल्ली मंदिर समूह में एक छोटा सा मंदिर भी है, पर अब वह नष्ट प्राय हो गया है।

हुच्चीमल्ली देवालय के पास ही एक पोखर भी  है। पोखर की दीवारों पर भी अनुपम कलाकृतियों का निर्माण किया गया है। पोखर के पास आप दिक्पाल, महिषासुर मर्दिनी, ब्रह्मा, विष्णु, लक्ष्मी, कार्तिकेय की प्रतिमाएं देख सकते हैं। यहां पर पंचतंत्र के कुछ कथानकों का भी चित्रण किया गया है। किरातअर्जुन प्रकरम के मनोरम चित्र भी यहां देखे जा सकते हैं।
- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 
( AHOLE, SHIVA TEMPLE, HUCHCHIMALI TEMPLE COMPLEX ) 



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