Tuesday, February 7, 2017

मेरा नाम है चमेली, मालन अलबेली..चलके आई मैं अकेली बीकानेर से...

पापड़, भुजिया और दालमोट। मतलब बीकानेर। राजस्थान का बीकानेर शहर। बीकानेर कई बातों के लिए जाना जाता है। आपको वो गीत तो याद ही होगा न... मेरा नाम है चमेली , मैं हूं मालन अलबेली , चलके आई मैं अकेली बीकानेर से... ( फिल्म राजा और रंक ) पर बीकानेर सचमुच अलबेला शहर है। बीकानेर का फिल्मी कनेक्शन एक बार फिर बना जब धर्मेंद्र यहां से सांसद बने। हालांकि उनका सांसद के तौर पर यहां कार्यकाल अच्छा नहीं रहा, फिर उन्होंने राजनीति से ही तौबा कर ली।
शाम होते-होते बीकानेर पहुंच गया हूं। अगली ट्रेन रात 11.15 बजे है, इसलिए मेरे पास पांच घंटे का वक्त है तो थोड़ा सा शहर घूम लेते हैं। तो रेलवे स्टेशन से निकलकर पैदल पैदल करीब दो किलोमीटर की पदयात्रा कर शहर का मुआयना करता हूं। बीकानेर शहर में देखने के लिए जूनागढ़ पैलेस और लालगढ़ पैलेस जैसे बेहतरीन किले हैं।

बीकानेर शहर से पास में एक करणी माता का मंदिर है। इस मंदिर की बड़ी मान्यता है लोगों के बीच। एक चूहों वाला मंदिर भी है। पर ये सब फिर सही। पहले बात बीकानेर का रेलवे स्टेशन की तो यह काफी सुव्यवस्थित है। चौड़े-चौड़े प्लेटफार्म और खुला खुला स्टेशन। कुल छह प्लेटफार्म हैं यहां पर। पर खुला खुला परिसर होने के कारण ज्यादा भीड़ नहीं नजर आती। स्टेशन का मुख्य भवन राजस्थानी शैली में बना है जो रात की रोशनी में जगमगा रहा है।
बीकानेर रेलवे का नार्थ वेस्टर्न रेलवे का डिविजन भी है। मतलब यहां डीआरएम आफिस है। अक्सर डीआरएम आफिस से लगे रेलवे स्टेशन ज्यादा सजे संवरे दिखाई देते हैं। क्योंकि प्रशासन का अमला यहां मौजूद होने के कारण स्टेशन पर ज्यादा ध्यान रहता है। वैसे उत्तर पश्चिम रेलवे में बीकानेर डिविजन उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पुरस्कृत भी हो चुका है। रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही बीकानेर को देखकर किसी पुराने शहर की खुशबू आने लगती है। 

राव बीका सिंह ने बसाया था शहर - बीकानेर शहर की स्थापना राव बीका ने 1486 में की थी। राव बीका जोधपुर के संस्थापक राव जोधा के बेटे थे। पर आजकल बीकानेर आबादी में राजस्थान का चौथा बड़ा शहर बन चुका है। शहर की आबादी सात लाख के आसपास है। ब्रिटिश काल में बीकानेर एक प्रिंसले स्टेट था। 1949 में यह भारतीय गणतंत्र का हिस्सा बना।


शहर के बाजार में मुझे देसी घी की दुकानों में पुराने ढंग के सुंदर कंटेनर नजर आते हैं। बीकानेर का राज परिवार आज भी लालगढ़ पैलेस एक हिस्से में रहता है। हालांकि लालगढ़ पैलेस अब हेरिटेज होटल में तब्दील हो चुका है। आजादी के बाद बीकानेर राजघराने के महाराजा करणी सिंह राजनीति में सक्रिय रहे। वे 25 साल तक सांसद रहे। दिल्ली में उनके नाम पर करणी सिंह शूटिंग रेंज बना हुआ है। वैसे जाने माने कार्टूनिस्ट सुधीर तैलंग बीकानेर से आते हैं। 
- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 
( BIKANER RAJSTHAN, LALGARH, KARNI SINGH, SUDHIR TAILANG)   

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