Monday, January 16, 2017

गुवाहाटी शहर और रुपकुअंर ज्योति प्रसाद अगरवाला

गुवाहाटी की एक और सुबह। मैं होटल से निकलकर खिली-खिली धूप में टहलने निकल पड़ता हूं। थोड़ी देर सड़क पर टहलने के बाद  वापस होटल लौट आया।  इस बीच माधवी और वंश भी तैयार हो  चुके हैं।    सुबह के  नास्ते के लिए हमलोग   कामरूप फूड जंक्शन  पहुंचे हैं।

एमई रोड पर यह नया फूड प्लाजा खुला है। यहां हमने छोले भठूरे, पूरी सब्जी और मसाला डोसा खाया।    इसके बाद एक बार फिर  गुवाहाटी की सड़कों पर चहलकदमी।  सड़क के किनारे मछलियां  बिकती दिखाई दे रही हैं। पूर्वोत्तर के लोग बंगाल  की तरह ही मछलियां खाने के खूब शौकीन होते हैं।


हमें   10    बजे एयरपोर्ट जाना है तो मैं एयरपोर्ट जाने के रास्ता और तरीके पता लगाता हूं। पलटन बाजार यानी गुवाहाटी के रेलवे स्टेशन से गुवाहाटी का एयरपोर्ट  25 किलोमीटर के करीब  है। टैक्सी वाले 700 मांग रहे हैं, एसी के लिए और 600 नॉन एसी के लिए। पलटन बाजार से एयरपोर्ट एसी बस भी जाती है। यहां उलुबारी  में  उसका स्टैंड भी बना हुआ है। बस का किराया 200 रुपये के आसपास हैै। यह अकेले जाने वालों के लिए ठीक है।  


गुवाहाटी  से एयरपोर्ट जाते हुए हम  शहर के भीड़ भरे बाजार से होकर गुजर रहे हैं।  एक फ्लाईओवर आता है। इसका नाम रखा गया है  रुपकुअंर ज्योति प्रसाद अगरवाला के नाम पर।   उनका असम में बड़ा सम्मान है।  17 जून 1903 को ढिब्रूगढ़  में जन्में ज्योति प्रसाद अगरवाला  स्वतंत्रता सेनानी, साहित्यकार और फिल्म निर्माता थे।  उनका परिवार राजस्थान के मारवाड़ इलाके से आकर यहां बस गया था।  ज्योति प्रसाद अगरवाला ने 1935 में  प्रथम असमिया फिल्म ज्योमति कुंवारी बनाई थी।  उन्होंने फिल्म निर्माण की कला हिमांशु राय से सीखी थी।

इस महान सपूत का निधन 17 जनवरी 1951 में  कम आयु में ही हो  गया। पर  वे असम को काफी कुछ देकर गए।  गुवाहाटी की सड़क पर आगे चलते हुए   पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का दफ्तर नजर आता है।  ये रेलवे का महत्वपूर्ण जोन है जो कई राज्यों को अपनी सेवाएं देता है।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com
(ULUBARI , PALTAN BAZAR, JYOTI PRASAD AGRAWALA, JALUKBARI, GUWAHATI )


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