Wednesday, November 23, 2016

विशाल ब्रह्मपुत्र नदी नहीं ये है नद


गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे घूमते हुए नदी का अनंत विस्तार देखते हुए अनादि ने ब्रह्मपुत्र के बारे में जानने की इच्छा प्रकट की। मैंने उन्हें बताया कि ब्रह्मपुत्र गंगा से भी लंबी नदी है। इसकी चौड़ाई भी काफी है। असम में औसतन आठ किलोमीर चौड़ी है। कहीं कहीं तो 30 किलोमीटर तक चौड़ी है। असम के लोगों को हर साल बारिश के दिनों में ब्रह्मपुत्र का कहर भी झेलना पड़ता है।

नदी नहीं नद - मेरे पिताजी बचपन में बताया करते थे कि ब्रह्मपुत्र और सोन नदी नहीं नद हैं। आपको गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी का जितना विस्तार दिखाई देता है उससे कहीं ज्यादा जोरहाट में नजर आता है। वास्तव में यह नदी नहीं नद है। ब्रह्मपुत्र का शाब्दिक अर्थ है ब्रह्मा का पुत्र, इसलिए यह पुलिंग है। बाकी सब नदियां आमतौर पर स्त्रीलिंग होती हैं। पर सोन, दामोदर और ब्रह्मपुत्र इसके अपवाद हैं। यह नदी बांग्लादेश की सीमा में बहती गंगा की उप नदी ‘पद्मा’ के साथ मिल जाती है। आगे पद्मा बंगाल की खाड़ी में मिलती है। ब्रह्रमपुत्र नदी तीन देशों चीन (तिब्बत), भारत और बांग्लादेश से होकर बहती है। 
ब्रह्मपुत्र नदी पर गुवाहाटी शहर के पास सरायघाट पुल 

मानसरोवर झील के पास से उदगम - ब्रह्मपुत्र का उद्गम हिमालय के उत्तर में चीन के तिब्बत के पुरंग जिले में स्थित मानसरोवर झील के निकट होता है। वहां पर उसे यरलुंग और सांगपो कहा जाता है। तिब्बत में बहते हुए यह नदी भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य में प्रवेश करती है। अरुणाचल में ब्रह्मपुत्र को दिहांग भी कहते हैं। यह ढोला सादिया के पास असम में प्रवेश करती है। असम में धुबड़ी के बाद यह बांग्लादेश में प्रवेश कर जाती है। ब्रह्मपुत्र को बांग्लादेश में जमुना कहा जाता है। इस तरह ब्रह्मपुत्र नदी को कई नामों से जाना जाता है। 

2900 किलोमीटर का सफर - ब्रह्मपुत्र नदी की लंबाई अपने उद्गम स्थल तिब्बत के महान हिमनद से लेकर पद्मा नदी में मिलने तक लगभग 2900 किलोमीटर है। इस सफर के दौरान वह 1625 किलोमीटर का सफर तिब्बत में तय करती है। इसके बाद भारत में 918 किलोमीटर की दूरी तय करती है। यह बांग्लादेश में 360 किलोमीटर की लंबाई तक बहती है। तो लंबाई में यह गंगा से बड़ी है। गंगा की कुल लंबाई 2525 किलोमीटर है। 
असम के ढिब्रूगढ़ में ब्रह्मपुत्र के किनारे नृत्य करते कलाकार। 
कई सहायक नदियां - भारत में मुख्य रूप से चार नदी प्रणालियां है (अपवाह तंत्र) हैं। उत्तरी भारत में सिंधु, उत्तरी-मध्य भारत में गंगा और उत्तर-पूर्व भारत में ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली है। ब्रह्मपुत्र नदी दुनिया में सबसे बड़ी नदी घाटियों में से एक है। अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड , मेघालय, भूटान, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पहाड़ों से निकली अन्य अनेक नदियां और उनकी उप-नदियां भी इसमें समाहित हो जाती है। इस नदी की पांच प्रमुख उपनदियां हैं। ये हैं सुवनश्री, तीस्ता, तोरसा, लोहित और बराक। 

गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र के किनारे कुछ देर चहलकदमी के बाद हमलोग शहर की ओर बढ़ चले पर गुवाहाटी के बाद जोरहाट में माजुली जाते समय एक बार फिर हमारा ब्रह्मपुत्र नदी से साक्षात्कार होता है। यहां पर तो इसका विस्तार किसी समंदर जैसा दिखाई देता है। दूर तक अनंत जलराशि किनारे का पता ही नहीं चलता।

नदी में क्रूज सेवा का आनंद -  गुवाहाटी में शाम को आप ब्रह्मपुत्र नदी पर क्रूज में सफर का आनंद ले सकते हैं। अलफ्रेस्को ग्रैंड समेत कुछ कंपनियां क्रूज सेवा का संचालन करती हैं। फैंसी बाजार के पास नदी के घाट पर शुरू होने वाले इस क्रूज का सफर एक से डेढ़ घंटे का होता है। नदी में चलते क्रूज पर संगीत और खाना पीना होता है। इसका अनुभव यादगार रहता है। कुछ कंपनियां गुवाहाटी से जोरहाट के बीच ब्रह्मपुत्र नदी से होकर जलयान सेवा का भी संचालन करती हैं।
सबसे लंबा नदी पुल - साल 2017 में ब्रह्मपुत्र की मुख्य सहायक नदी लोहित पर विशाल ढोला सादिया पुल का उदघाटन हुआ। कुल 9.15 किलोमीटर का ये देश का सबसे लंबा पुल है। यह पुल अरुणाचल प्रदेश और असम के तिनसुकिया वाले हिस्से को जोड़ता है। इस पुल का नाम भूपेन हजारिका सेतु दिया गया है।

गीतों में ब्रह्मपुत्र -  ब्रह्मपुत्र पर असमिया रचनाकारों ने कई गीत रचे हैं। यह उनका प्रमुख पात्र रहा है। असम के विख्यात गायक रचनाकार डॉक्टर भूपेन हजारिका के गीत की पंक्तियों में महाबाहु ब्रह्मपुत्र की गहराई को महसूस किया जा सकता है - महाबाहु ब्रह्मपुत्र, महामिलनर तीर्थ कोतो जुग धरि, आइसे प्रकासी समन्वयर तीर्थ (ओ महाबाहु ब्रह्मपुत्र, महामिलन का तीर्थ, कितने युगों से व्यक्त करते रहे समन्वय का अर्थ...) 

- विद्युत प्रकाश मौर्य - Email : vidyutp@gmail.com
( BRAHAMPUTRA,  ASSAM, RIVER, WATER, LOHIT, TSANGPO, ARUNACHAL, TIBBAT )
गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे खड़ा स्टीमर। 

No comments:

Post a Comment