Wednesday, October 26, 2016

अरुणाचल का सुहाना हिल स्टेशन- जीरो

सुबह के 11 बजे हम होटल में चेक इन कर चुके थे। ये होटल हमने स्टेजिला डाट काम से बुक किया था। उन्होंने हमें डबल बेडरुम के नाम पर जो कमरा दिया है वह 4 बेड वाला है। विशाल कमरा दिल्ली के किसी दो कमरे के फ्लैट जितना बड़ा है। बिस्तर गद्दे आदि अच्छे हैं। होटल एक मार्केट कांप्लेक्स में बना है। ऊपर इस भवन में सेंट्रल बैंक की शाखा है। होटल में भोजनालय भी है।

अब बात पहले जीरो की करें। जीरो ही हम क्यों आए। अरुणाचल में कहीं जाना हो तो जीरो आना सहज है। तवांग या परशुराम कुंड वाले इलाके अपेक्षाकृत दूर हैं। जीरो एक ऐसा हिल स्टेशन है जहां रेल के बाद तीन घंटे की टैक्सी यात्रा करके सहज ढंग से पहुंचा जा सकता है। इटानगर से 115 किलोमीटर के दायरे में जीरो एक सुंदर हिल स्टेशन है, जहां बहुत कम सैलानी पहुंचते हैं। जीरो लोअर सुबानसिरी जिले का मुख्यालय है। जिला प्रशासन के सारे दफ्तर जीरो बाजार के हापोली इलाके में है।

वास्तव में हापोली ही जीरो का मुख्य बाजार है। यहीं डीसी दफ्तर, जिला न्यायालय और दूसरे सरकारी दफ्तर हैं। शहर की आबादी 13 हजार के आसपास है। यह 1700 मीटर यानी 5600 फीट की ऊंचाई पर है। तापमान सालों भर मनोरम रहता है। बारिश खूब होती है। वैसे आप यहां सालों भर पहुंच सकते हैं। सर्दियों में दिसंबर से फरवरी के बीच यहां बर्फबारी भी हो जाती है। असम के लखीमपुर शहर से जीरो की दूरी 100 किलोमीटर है। लखीमपुर से भी जीरो के लिए शेयरिंग सूमो सेवा मिलती रहती है।

जीरो को अरुणाचल का राइस बॉउल यानी धान का कटोरा कहा जाता है। जाहिर है कि यहां धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है। जीरो आपातानी और निसी दो जनजातीय लोगों के लिए जाना जाता है। पुरानी परंपरा में लिपटा शहर विश्व विरासत के शहरों की सूची में शामिल होने के लिए बड़ा दावेदार है।

जीरो में सन 2004 के बाद नया आकर्षण जुड़ा है 20 फीट का शिवलिंगम जिसे सिद्धेश्वर महादेव कहा जाता है। पुराने जीरो में आप धान के खेत, एयर स्ट्रिप देख सकते हैं। इसके अलावा जीरो में हाई एल्टीट्यूड फिश फार्म देखने जा सकते हैं। शहर के एक इलाके हिल टॉप में शिव, काली और मां गायत्री के सुंदर मंदिर बने हैं। बाकी हिल स्टेशनों से अलग जीरो का परिवेश ग्रामीण नजर आता है। सड़कों पर शिमला या ऊटी की तरह रौनक नहीं है, पर ग्रामीण परिवेश को करीब से देखने के लिए काफी अच्छी जगह है। लोगों का व्यवहार काफी भोला भाला है। कोई आपको यहां ठगी करने वाला नहीं मिलेगा। लौटते हुए आप ढेर सारी मधुर यादें लेकर जाएंगे। तो चलिए ना कुछ और करीब से महसूस करते हैं जीरो घाटी को हमारे साथ।
MG ROAD OF ZIRO, ARUNACHAL. 

जीरो में हर साल सितंबर महीने में एक हफ्ते चलने वाला जीरो म्युजिक फेस्टिवल का आयोजन होता है। इस दौरान यहां बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी जुटते हैं। हमारे पहुंचने से थोड़ा पहले ही यह संगीत का आयोजन संपन्न हुआ है। अब शहर नवरात्र मना रहा है।

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 ( ZIRO, HAPOLI, HOTEL CITY PALACE, RICE FIELD , ARUNCHAL )