Saturday, October 22, 2016

कभी था नेफा अब अरुणाचल प्रदेश

उत्तर पूर्व का राज्य अरुणाचल प्रदेश का अर्थ हिन्दी में उगते सूर्य का पर्वत है। अरुणाचल प्रदेश भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र का एक जादुईरहस्‍यमय और अत्यंत मनमोहक राज्य है।  यहां की मनोरम पहाडियां और घाटियां हमेशा ही सैलानियों को अपनी ओर आमंत्रित करती हैं।

अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में क्षेत्रफल के लिहाज से देखा जाए तो सबसे बड़ा राज्य है। इसकी राजधानी इटानगर है। अरुणाचल की सीमा असम, नागालैंड के अलावा , भूटान, तिब्बत, म्यानमार और चीन से लगती है। सबसे लंबी सीमा साझेदारी चीन के साथ है। राज्य में कुल 16 जिले हैं। कभी अरुणाचल का नाम नेफा, नार्थ इस्ट फ्रंटियर एजेंसी हुआ करता था। 


साल 1972  तक नेफा नामक राज्य यानी नार्थ इस्ट फ्रंटियर एजेंसी अस्तित्व में था। 1972 में अरुणाचल प्रदेश नाम दिया गया और यह एक केंद्र शासित राज्य बना। हालांकि राजधानी शिलांग में ही रही। 1974 में इसकी राजधानी इटानगर में बनाई गई। और पीछे जाएं तो 1914 में ब्रिटिश शासन ने असम के कुछ जनजातीय हिस्सों को नार्थ इस्ट फ्रंटियर ट्रैक्ट्स नाम से अलग शासकीय क्षेत्र बनाया।  आजादी के बाद नेफ्ट के कई हिस्से असम में चले गए पर 1951 में कई हिस्सों को लेकर नेफा का गठन किया गया। दो दशक तक यह क्षेत्र नेफा नाम से जाना जाता था। कई गीतों में इस राज्य का नाम नेफा आया है।

24वां राज्य बना अरुणाचल -  प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शासन काल में 20 फरवरी 1987 को यह भारतीय संघ का 24वां राज्य बनाया गया। गेंगाग अपांग 1980 में पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। वे 22 सालों तक अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उनके नाम राज्य में सबसे लंबा शासन करने का रिकार्ड है। इसके अलावा पीके थुंगन, दोरजी खांडू राज्य की कमान संभाल चुके हैं।   हाल में काफी राजनीतिक उतार-चढ़ाव देखने वाले राज्य  अरुणाचल प्रदेश   में जुलाई 2016 में पेमा खांडु ने मुख्‍यमंत्री की कमान संभाली। वे पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू के बेटे हैं।

अरुणाचल प्रदेश 27.06 डिग्री उत्‍तरी अक्षांश और 93.37 डिग्री पूर्वी देशान्‍तर के बीच स्थित है। इस प्रदेश का इतिहास काफी पुराना है  अरुणाचल में मिले निओलिथिक काल के उपकरणों से पता चलता है कि यहां 11 हजार साल पहले भी आबादी रहती थी। अरुणाचल प्रदेश का इतिहास   परंपराओं और कल्पित कथाओं से समृद्ध है। राज्य का लिखित इतिहास केवल 16वीं शताब्दी के बाद ही उपलब्ध है। यह वह काल है, जब असम पर अहोम राजाओं ने शासन प्रारंभ किया था।

सबसे बड़ा जनजातीय राज्य-  अरुणाचल    प्रदेश की आबादी में 63 फीसदी से ज्यादा लोग जनजतीय समुदाय के हैं। यहां 19 प्रमुख जनजातियां और 85 अन्य जनजातियां हैं। इनमें से अधिकांश या तो तिब्बती-बर्मी या ताई-बर्मी मूल के हैं। राज्य में 'कामेंग', 'सुबनसिरी', 'सिआंग', 'लोहित' और 'तिरप' आदि प्रमुख नदियां है जो राज्य में अलग-अलग घाटियों का निर्माण करती हैं। 

अरुणाचल में पर्यटन के लिहाज से महत्‍वपूर्ण स्‍थल : तवांग, दीरांग, बोमडिला,  इटानगर, जीरो, मलीनिथान, लिकाबाली, पासीघाट, एलोंग, तेजू, मिआओ, रोइंग, दापोरिजो नामदाफा, भीष्‍मकनगर, परशुराम कुंड और खोंसा।
- विद्युत प्रकाश मौर्य  - vidyutp@gmail.com 
    ARUNACHAL PRADESH, TOURIST INNER LINE PERMIT,  NEFA   )  



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