Saturday, December 8, 2012

रामेश्वरम के समंदर में आस्था की डुबकी

शाम का धुंधलका करीब आ चुका था। दिन भर रामेश्वरम शहर के मंदिर मंदिर घूम कर हमलोग थक चुके थे। रात में आगे की ट्रेन पकड़नी थी। पर अनादि को जैसे ही पता चला कि रामनाथ स्वामी के मंदिर के पीछे विशाल समंदर है तो वे समंदर में नहाने के लिए मचल उठे।

उनका तर्क था जब कोवलम में नहाया, कन्याकुमारी में समंदर संग अटखेलियां की तो यहां क्यों नहीं नहाएंगे। मुझे भी लगा इस पवित्र शहर में समंदर में डुबकी तो लगानी ही चाहिए। सो माधवी तो होटल चली गईं पर हमलोग तेजी से चल पड़े समंदर की ओर।

रामनाथ स्वामी मंदिर के पृष्ठ भाग में समंदर के किनारे खूबसूरत घाट बने हैं। यहां पर स्वामी टेउं राम जी द्वारा बनवाया गया विशाल घाट भी है। यहां उतरने के लिए सीढ़ियां बनी हैं। हालांकि घाटों पर थोड़ी फिसलन है इसलिए सावधानी बरतनी चाहिए। यहां स्नान करने का कुछ वैसा ही आनंद है जैसा हरिद्वार में हर की पौड़ी पर।

अंतहीन और विशाल नीला समुद्र। उसमें दूर नजर आ रहे हैं तैरते हुए जहाज। आसपास में सैकड़ो स्नान कर रहे श्रद्धालु और साथ में गहराते शाम का सुमधुर संगीत। वातावरण और भी आस्थामय हो उठता है। यहां समंदर में डुबकी लगाते यूं प्रतीत होता है मानो हमें ईश्वर का आशीर्वाद मिल रहा हो। जब समंदर में डुबकी लगाना शुरू किया तो निकलने की इच्छा नहीं हो रही थी। पर अंधेरा गहरा रहा था और हमारी आगे की ट्रेन भी थी इसलिए इस मनोरम वातावरण से निकलना मजबूरी थी।

रामेश्वरम आने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में समंदर में बने घाट पर डुबकी लगाने आते हैं। काफी लोग मंदिर में दर्शन से पू्र्व ही आकर स्नान करते हैं। पर आपको जब सुविधा हो यहां स्नान के लिए आएं।

सुबह हो या दोपहर या शाम सारे ही समय मुफीद हैं।  समंदर का नीला पानी आपका मनमोह लेता है। यहां बड़ी संख्या में साधु गण भी स्नान करते नजर आते हैं। दूर तक नीले समुद्र का विस्तार यहां से देखना काफी प्रिय लगता है। यहां घाटों पर सीढ़ियां बनी हैं पर लोहे की जंजीरें नहीं लगी हैं इसलि आप स्नान करते वक्त ज्यादा आगे यानी गहराई में नहीं जाएं तो बेहतर होगा।



 - विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com
(RAMESHWARAM, RAMNATH SWAMI TEMPLE, TAMILNADU, SEA BATH , SOUTH INDIA IN SEVENTEEN DAYS 41

3 comments:

  1. आपकी ब्लॉग पोस्ट को आज की ब्लॉग बुलेटिन प्रस्तुति स्वर्गीय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। सादर ... अभिनन्दन।।

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  2. रामेश्वर को आपकी नज़रों से जानना बहुत रोचक रहा ...

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    1. धन्यवाद, उम्मीद है रामेश्वरम की सारी पोस्ट पढ़ेंगे जो इसके आगे और पीछे हैं।

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