Thursday, June 30, 2016

चंबा शहर - यहां से वापसी का दिल नहीं करता


झुमार की हरी-भरी वादियों से लौटने के बाद आधा दिन का समय है हमारे पास। चंबा शहर तो पूरा घूम चुके हैं। तो क्या हुआ चंबा से अभी दिल नहीं भरा। अभी और घूमेंगे शहर।   चौगान मैदान के पास चंबा शहर का जिला एवं  सत्र न्यायालय का छोटा सा भवन है।  भले  ही चंबा  शहर आबादी में बड़ा न  हो पर जिले का भौगोलिक दायरा बहुत बड़ा है।


चौगान मैदान के किनारे रावी नदी के तट पर   पदयात्रियों के लिए सुंदर ट्रैक बना हुआ है। इस ट्रैक के साथ ही छोटे छोटे आरामगाह भी बने हुए हैं।  दोपहरिया में यहां  बैठना या आराम से लेट जाना बड़ा सुखकर लगता है।   बेतकल्लुफ होकर। दुनिया के सारे रंजोगम से दूर।


थोड़ी देर आराम करने के बाद अनादि की इच्छा बाजार में  घूमने की हुई तो हमलोग चल पड़े चंबा की गलियों में।  पहाड़ों के बाजार बड़े प्यारे लगते हैं।   यहां दूर-दूर से गांव के लोग खरीददारी करने आते हैं।  और शाम होने से  पहले अपने गांव की ओर लौट जाते हैं।  अगर आखिरी बस छूट जाए तो इसी शहर में रुकना पड़ेगा। 


तो ऐसे लोगों  के लिए चंबा में रहने के वास्ते सस्ते गेस्ट  हाउस भी हैं जो टूरिस्टों की   तुलना में उन्हे सस्ती दरों पर मिल जाते हैं। पर फिलहाल अनादि की इच्छा आइसक्रीम खाने की है। तो मैंने उनकी इच्छा पूरी करवा दी है। और वे  आइसक्रीम लेकर बड़े आह्लादित हैं।


चंबा शहर में घूमते हुए भी आपको प्रकृति के कई रूपों से साक्षात्कार का मौका मिलता है। जरा ऊपर की ओर नजर उठाएं तो हिमालय की पर्वतमाला नजर आती है। बर्फ से  ढकी हुई हिमालय की चोटियां नजर आती हैं। मौसम साफ होने पर मणि महेश के  यहां से दर्शन हो जाते हैं।  अब जरा नीचे की ओर नजर फेेरें। 


नीचे इरावती यानी रावी नदी अपनी मस्ती में  आगे बढ़ती नजर आती है।  इन नदियों की जलधाराएं और इन पर्वत श्रंखलाओं को  देखते हुए सारा दिन काटा जा सकता है। भला इससे अच्छी छुट्टियां और क्या हो सकती हैं।  मुझे लगता है वे लोग बड़े ही सौभाग्यशाली  हैं जिन्हें   हमेशा इन्ही वादियों में रहने का  मौका मिला हुआ है। 


तो अब घूमते हुए शाम हो गई है। तो अब वापसी अपने  होटल की ओर चलें।  चंबा के बस स्टैंड या चौगान मैदान से हमारा होटल पांच किलोमीटर की दूरी पर है।   पर जान के लिए अच्छा साधन है कि किसी  पठानकोट की तरफ जाने वाली बस  में बैठ जाएं और अपने होटल के पास उतर जाएं। 


चंबा में हमारे होटल के पास रावी नदी के तट पर भी  एक सुंदर  सा मंदिर समूह है। ये मंदिर नया बना हुआ है। मंदिर परिसर में विशाल शिव की प्रतिमा है।  मंदिर के दीवारों पर पानी का मोल समझाती हुई पंक्तियां लिखी हैं।   भले ही पहाड़ों पर पानी  की कमी नहीं पर यहां लोग पानी का मोल खूब समझते हैं। 
- विद्युत प्रकाश मौर्य -vidyutp@gmail.com 
( CHAMBA, HIMACHAL, MARKET, RAVI RIVER, IRAVATI ) 


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