Sunday, January 10, 2016

सोमलता के सुमधुर रागों से सजी शाम


खाने के बाद बाद संगीत की। इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस में दिन भर इतिहास पर चर्चा के बाद शाम की महफिल सज चुकी है। ये महफिल गीत संगीत की है। सोमलता रायचौधरी। बांग्ला की दिलकश आवाज वाली गायिका हैं। 40 से ज्यादा बांग्ला फिल्मों को अपनी सुरों से महका चुकी हैं। 28 दिसंबर की शाम इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस का सभागार सोमलता के नाम था। 

गौर बांग्ला यूनीवर्सिटी का परिसर बहुत बड़ा नहीं है पर उसे दुल्हन की तरह सजाया गया था। खाने पीने के बाद संगीत का आनंद हो वह भी लाइव तो क्या कहना। सोमलता ने दो घंटे में की गीत गाए। इनमें तीन गीत हिंदी के भी थे। उन्होंने जब पिया रे...पिया रे....गाया तो जाते हुए लोग रुक गए। 

वे गीतों के बीच में जा बातें बुनती हैं उसकी मिठास का कोई जवाब नहीं। हालांकि वे बांग्ला में बोल रही थीं, फिर भी बांग्ला न जानने वाले भी मुग्ध होकर उन्हें सुनते जा रहे थे। बंगाली श्रोताओं की सोमलता की फोटो लेने की होड़ देखकर लगा कि वे सुंदर छरहरी काया की सोमलता ( http://somlata.com/) बंगाल में कितनी लोकप्रिय हैं। सोमलता आचार्य चौधरी साल 2007 से फिल्मों में गा रही हैं। उनके कई सोलो अलबम भी आ चुके हैं। उनका ऑफिसियल बैंड भी है द एसेज नाम से । हालांकि नौ साल की उम्र से उन्होंने क्लासिक संगीत सीखना आरंभ कर दिया था। उनके पिता बांग्लादेश के मैमन सिंह में जमींदार घराने से आते हैं। मजे की बात वे मनोविज्ञान की अतिथि व्याख्याता भी हैं आशुतोष कालेज कोलकाता में।

मालदा टाउन के इस इतिहास कांग्रेस में तीन दिन के प्रवास में खूब मजा आया। कई पुराने और नए दोस्तों से मिलना हुआ। कई प्रसिद्ध इतिहासकारों से मुलाकात और चर्चा का भी मौका मिला। आखिरी दिन सुबह सुबह मैं न्यू जलपाईगुडी के लिए रवाना हो गया। दो दिन तक होटल में मेरे साथ गोरखपुर के प्रोफेसर ओंकारनाथ उपाध्याय थे। उनसे विदा लेकर सुबह सुबह स्टेशन की ओर चल पडा।

- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 
 (  SOMLATA BANGLA SINGER, MALDA TOWN, GAUR MALDA UNIVERSITY) 

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