Friday, January 29, 2016

नाथुला मार्ग पर बाबा हरभजन सिंह का नया मंदिर


  पुराना बाबा मंदिर से लौटते हुए हमलोग नए बाबा मंदिर के पास भी रूकते हैं।   आपको यह भी पता होना चाहिए कि नाथुला  क्षेत्र में बाबा हरभजन  सिंह के दो समाधि मंदिर हैं।  नाथुला मार्ग पर  जहां से बाबा मंदिर के लिए रास्ता बदलता है वहां पर एक नया  बाबा मंदिर बना दिया गया है। यहां पर भी सैलानियों की थोडी चहल पहल बनी रहती है। 


यहां के सुंदर  सा प्रवेश द्वार बना है। एक विशाल बोर्ड पर फौजियों के लिए शपथ के वाक्य लिखे गए हैं।   बाबा हर भजन सिंह की नई समाधि बाद में बनी है।  आखिर क्यों बना  बाबा जी का एक और समाधि मंदिर। तो इसका जवाब है कि  अक्सर खराब मौसम के कारण पुरानी  और मूल समाधि तक वाहन नहीं जा पाते तो लोग नई समाधि से  ही बाबा के दर्शन करके लौट आते हैं।  पर ये मूल समाधि स्थल नहीं है।


 सिक्किम की तरफ सेना के जिन  वरिष्ठ अफसरों की पोस्टिंग होती है, वे बाबा मंंदिर में  अपनी श्रद्धा ज्ञापित करने जरूर पहुंचते हैं। इधर भारतीय सेना की ब्लैक कैट बटालियन की तैनाती रहती है।   नए बाबा मंदिर के पास   एक    सोवनियर का स्टाल भी बना हुआ है, जहां से आप अपनी सिक्किम यात्रा की यादगारी से जुड़ी कई चीजें खरीद कर ले जा सकते हैं। 


   वक्त गुजरने के साथ थोड़ी भूख भी लग गई है। तो नए बाबा मंदिर के सामने एक सुंदर सा कैफे बना हुआ है। यह कैफे 13 हजार फीट की ऊंचाई पर है। यहां पर खाने में मोमोज के अलावा कुछ और चीजें मिलती हैं।   अब इतनी ऊंचाई पर आए हैं तो खाने की हसरत क्यों न पूरी करें।

नया बाबा मंदिर - 13 हजार फीट की ऊंचाई पर कैफे में मोमोज का स्वाद 
तो मैंने भी कूपन लिया 30 रुपये में शाकाहारी मोमोज की प्लेट का और रेस्टोरेंट में बैठकर मोमोज का स्वाद लिया। हालांकि मैं आप तौर पर मोमोज खाना बिल्कुल पसंद नहीं करता। यह पूरी तरह मैदा से बनता है।  जहां तक मेरा मानना है इसे खाना  सेहत के लिए  हानिकारक हो सकता है।  पर इतनी ऊंचाई पर यादगारी के लिए  थोड़ा सा स्वाद। 
नए  बाबा मंदिर के पास इनसे भी मुलाकात हुई। 

समय तेजी से भागता जा रहा है। घड़ी की सूई डेढ़ बजा रही है। और अब हमारा नाथुला की वादियों से वापस लौटने का समय हो गया है। हमें हमारे चालक महोदय बार बार इसकी इत्तिला दे रहे हैं। सेना की ओर से सभी सैलानियों को वाहनों को  दोपहर के बाद यहां से वापस लौट जाने के निर्देश हैं। ऐसा यहां लगे साइन बोर्ड पर लिखा हुआ है। 


 बाबा हरभजन सिंह के मंदिर की इस यात्रा के दौरान हमारी टैक्सी में गंगटोक के रहने वाले राजेंद्र क्षेत्री साथ रहे। उन्होंने सिक्किम के बारे में कई जानकारियां दीं। वे यहां दूरदर्शन में कैमरामैन हैं। मौसम ने हमारा साथ  दिया और शाम ढलने से पहले हमलोग  गंगटोक पहुंच गए। ( सफर के सहयोगी - मीठू सिंह – 9749888509 होटल के मैनेजर, प्रमोद – 9475009042 ( ट्रेवेल एजेंट) प्रकाश क्षेत्री ( ड्राईवर) - 9564765076 ) 

- विद्युत प्रकाश मौर्य- vidyutp@gmail.com  
( NATHU-LA, SIKKIM, BABA HARBHAJAN SINGH SAMADHI MANDIR, KAPURTHALA PUNJAB ) 

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