Thursday, November 26, 2015

हां, इतना बड़ा माखन कान्हा ने खाया...KRISHNA BUTTER BALL

अजूबा है कृष्णा बटर बॉल - अगर आप महाबलीपुरम में हैं तो कृष्णा बटर बॉल देखना न भूलें। वह दूर से ही देखकर एक अचरज जैसा लगता है। इसका रिश्ता जोड़ा जाता है नटवर नागर कान्हा से। कन्हैया ने कहा था... मैया मोरी मैंने ही माखन खायो। बार बार जसोदा के पूछने पर आखिर कान्हा को मानना ही पड़ा था कि माखन उन्होंने ही खाया। लेकिन आखिर कान्हा का माखन कितना बड़ा था। इसका जवाब मिलता है महाबलीपुरम में आकर। महाबलीपुरम के बस स्टैंड के पीछे की तरफ पहाड़ियों पर एक गोल सा पत्थर दिखाई देता है।

ये तकरीबन गोल दिखाई देने वाला पत्थर पहाड पर कैसे टिका हुआ है उसे देखकर कर अचरज होता है। दूर से देखकर तो ऐसा ही लगता है कि यह कभी भी लुढक जाएगा। पर यह अपनी जगह पर मजबूती से टिका हुआ है। इसे नाम दिया गया है कृष्णा बटर बॉल। यानी कान्हा का माखन।
इसे देख मेरे बेटे अनादि पूछ बैठते हैं क्या कान्हा जी इतना बड़ा माखन खाते थे। मैं कहता हूं वे भगवान थे उनकी हर लीला निराली है। हो सकता है वे इतने बड़े बड़े माखन खाते ही हों। उसका एक नमूना छोड़ गए हैं। पर ये भी कम अचरज की बात नहीं है कि यहां ढलान वाले पहाड़ पर ये गोल पत्थर कैसे टिका हुआ है।

बड़ी कोशिशें हुई, कोई इसे हिला नहीं सका -  कहा जाता है कि इतिहास में कई बार कृष्णा बटर बाल का राज जानने की कोशिश की गई। इसके लिए कुछ लोगों ने अलग अलग जुगत लगाकर इसे हिलाने की कोशिश की। एक बार तो 1908 में तत्कालीन गवर्नर आर्थर हैवलॉक ने सात हाथियों को लाकर  भी इस कृष्णा बटर बॉल को हिलाने की पूरी कोशिश करवाई। पर सात हाथी मिलकर भी इसे अपनी जगह से एक इंच भी इधर से उधर नहीं कर सके। कोशिश तो इससे पहले भी बहुत की गई थी। पल्लव राजा नरसिंह वर्मन ने भी अपने स्थान से इधर उधर करने की पूरी कोशिश करवाई थी।


तो ये है वंडर ऑफ इंडिया में से एक। महाबलीपुरम की तरफ आएं तो इसे जरूर देखें। हां आप चाहें तो एक कोशिश आप भी कर सकते हैं। इसे हिलाकर भी देख सकते हैं। पर आपको सफलता नहीं मिलेगी।

कुछ ऐसा है बटर बॉल - इस ग्रेनाइट पत्थर की ऊंचाई 6 मीटर और चौड़ाई 5 मीटर है। अनुमान लगाया जाता है कि इसका वजन 250 टन के आसपास होगा। पर यह महज 4 फीट के आधार पर टिका हुआ है। वह भी जहां यह टिका है वहां समतल पहाड़ नहीं है बल्कि ढालुआं है। यह 45 डिग्री के ढलान पर तना हुआ खड़ा है। तो है ना अचरज वाली बात।
दूर से देखने में यह भले ही गोल नजर आता है पर थोड़ा नजदीक जाएं तो अंडाकार नजर आता है। पर और करीब जाकर देखें तो यह कटे हुए नारियल सा भी नजर आता है। मतलब जिधर से भी देखिए कुछ अलग नजर आता है।

कैसे पहुंचे  बहुत आसान है जी, महाबलीपुरम बस स्टैंड से कृष्णा बटर बाल की दूरी आधा किलोमीटर है। स्थानीय लोगों से रास्ता पूछकर पैदल पैदल ही पहुंचा जा सकता है। आप चाहें तो पूरे महाबलीपुरम घूमने का पैकेज तय कर किसी आटो रिक्शा से भी यहां पहुंच सकते हैं।
-       विद्युत प्रकाश मौर्य 
( KRISHNA BUTTER BALL, MAHABALIPURAM, TAMILNADU )