Tuesday, June 23, 2015

जार्ज पंचम के आगमन के लिए बिछाई गई रेलवे लाइन


बिहार के नरकटियागंज तक मीटर गेज रेल संपर्क तो जॉर्ज पंचम के आने से पहले से ही मौजूद था।  समस्तीपुर से नरकटिया गंज के बीच 1875 से 1907 के बीच मीटर गेज लाइन बिछाई जा चुकी थी। पर जब   1911   में जार्ज पंचम ने नेपाल की तराई में शिकार की योजना बनाई तो उनके पहुंचने के लिए नरकटिया गंज से भिखना ठोरी तक के लिए   35   किलोमीटर की लंबाई वाली मीटर गेज लाइन बिछाई गई। नरकटिया गंज  इस क्षेत्र का प्रमुख रेलवे जंक्शन है। यहां पर कुल छह प्लेटफार्म हैं।  किसी समय यह मीटर गेज का बड़ा रेलवे स्टेशन हुआ करता था। 




इसी रेल मार्ग से जार्ज पंचम 1911 की सर्दियों में भिखना ठोरी तक अपने दल बल के साथ पहुंचे थे। इस मार्ग पर कुल तीन रेलवे स्टेशन थे। यह संयोग रहा है कि  इस घटना के  छह साल बाद   1917   में महात्मा गांधी ने जब इस क्षेत्र में निलहे किसानों को लेकर आंदोलन की शुरुआत की तो अपना आश्रम इसी रेल मार्ग के पास भितिहरवा में बनाया।  हालांकि  बापू अपनी पहली यात्रा में रेल मार्ग से नहीं आए थे।


भितिहरवा इसी रेल मार्ग पर   16   किलोमीटर पर स्थित है। बाद में भितिहरवा आश्रम के नाम से इस रेल मार्ग पर एक हॉल्ट बनाया गया। लंबे समय से लोग इस रेल मार्ग को बड़ी लाइन में तब्दील करने की लगातार मांग कर रहे थे। अब उनके ये मांग पूरी होती हुई नजर आ रही है। हालांकि  कारोबार के लिहाज से ये रेलवे के लिए घाटे की लाइन है। पर इसका ऐतिहासिक महत्व ज्यादा है। 
 वाल्मिकी नगर से दो बार  लोकसभा का चुनाव लड़ चुके  वरिष्ठ पत्रकार मनोहर मनोज ने भी इस रेलवे लाइन को बड़ी लाइन में तब्दील करने और इसे हेरिटेज लाइन घोषित करने की मांग रखी थी।   यह नेपाल की सीमा तक जाने वाली एक  और रेलवे लाइन होगी।  वैसे ठोरी का नैसर्गिक सौंदर्य भी यहां आने वाले लोगों को आकर्षित करता है।  पर इस इलाके में पर्यटन के विकास पर ज्यादा ध्यान नहीं गया है। 


अंततः  समस्तीपुर रेलमंडल अंतर्गत नरकटियागंज- भिखना ठोरी रेल ट्रैक    पर 24 अप्रैल 2015 से रेल गाड़ियों का परिचालन बंद कर दिया गया है। रेलवे अब इस मार्ग को ब्रॉडगेज में बदलने जा रहा है। वास्तव में रेलवे के इतिहास में ये एक हेरिटेज लाइन है। इस लाइन से ब्रिटेन के महाराजा जार्ज पंचम और महात्मा गांधी की स्मृतियां जुड़ी हैं।   नरकटियागंज से एक लाइन नेपाल  के सीमांत  शहर रक्सौल के लिए जाती है।  यहां  से  रक्सौल की दूरी 42 किलोमीटर है।


नरकटियागंज भिखना ठोरी रेल मार्ग - 
कुल लंबाई - 35.7  किलोमीटर
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मार्ग के स्टेशन –-
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1 . नरकटियागंज ( NRKG)  -

2.   अमोलवा  - (12किमी पर)

3 . भितिहरवा आश्रम हाल्ट (BHWR) – (16 किमी पर)

4 . गवनहा  (   22  किमी पर)

5 . भिखना ठोरी ( BKF) ( 35.7  किमी पर)
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प्रोजेक्ट  अपडेट - साल 2020  तक इस रेलवे लाइन को आमान परिवर्तन के बाद शुरू नहीं किया जा सका था।   वन विभाग ने भिखना ठोरी तक रेलवे लाइन बिछाने में आपत्ति जताई।   ऐसी खबरें आई कि  नई  लाइन  गवनहा तक ही बनेगी।   ( दैनिक जागरण, 19 सितंबर 2020 ) 
- विद्युत प्रकाश मौर्य  ---- vidyutp@gmail.com
( NARKATIA GANJ BHIKHNA THORI RAIL MARG, METER GAUGE  )  
https://www.jagran.com/bihar/muzaffarpur-the-target-was-to-complete-gauge-conversion-work-on-this-railway-line-in-2017-itself-but-still-now-the-broad-gauge-train-has-not-started-running-20742854.html


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