Wednesday, May 6, 2015

भीमा नदी का उदगम स्थल है भीमाशंकर में


महाराष्ट्र के भीमा शंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर के  बगल  में  भीमा नदी का उद्गम स्थल है। इस नदी का  महादेव के  संबंध है। ऐसी मान्यता है कि     युद्ध के बाद थकान मिटाने के लिए शिवजी सहयाद्रि के उस ऊंचे स्थान पर विश्राम करने लगे। तब उस समय उनके शरीर से पानी का प्रवाह निकला जिससे भीमा नदी का उदगम हुआ।

भीमाशंकर- भीमा नदी का उदगम स्थल। 
मुख्य मंदिर के बगल में ही भीमा नदी का उदगम स्थल देखा जा सकता है। यहां पर भी एक छोटे से मंदिर का  निर्माण कराया गया है।  मंदिर के बंगल में एक कुंड है।  इस कुंड के नीचे  एक जलधारा नजर आती है। इसे ही नदी का उदगम स्थल माना जाता है।


महाराष्ट्र में ही आगे चलकर भीमा नदी बड़ा रूप ले लेती है।   इस नदी के तट पर महाराष्ट्र के पंढरपुर, सोलापुर जैसे शहर आते हैं।   भीमा नदी कर्नाटक के रायचूर जिले में तेलंगाना  राज्य की सीमा पर कृष्णा नदी में जाकर मिल जाती है। 


भीमा नदी की कुल लंबाई 861 किलोमीटर है।  इसका 70 फीसदी इलाका महाराष्ट्र से होकर गुजरता है। भले ही लंबाई की लिहाज से यह देश की बड़ी नदियों में शुमार न हो पर यह महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण नदी है।  हालांकि  देश की बाकी नदियों की तरह यह भी  आगे चलकर प्रदूषण का शिकार हो जाती है। 


पुणे शहर   के आसपास  से गुजरने वाली नदियां, मुला, मुथा,  इंद्रायणी और पावना सबका जल भीमा में समाहित होता है।  इस तरह  से यह जल संग्रहण के लिहाज से बड़ी नदी में तब्दील हो जाती है।  आगे  बढ़ते हुए भीमा का आकार बड़ा होता जाता है। 
सोलापुर और  पंढ़रपुर में इसका विस्तार दिखाई देता है।  महाराष्ट्र का प्रमुख तीर्थ स्थल  पंढरपुर भीमा नदी के  तट पर बसा है। यहां  नदी के तट पर खूब श्रद्धालु दिखाई देते हैं। पर यहां नदी  का जल काफी प्रदूषित हो चुका है।



मंदिर की विभूति - तो एक बार फिर चलते हैैं भीमाशंकर मंदिर परिसर की ओर।    मंदिर में अंखड धूूनी जलती रहती है। यहां  आने वाले भक्त  यहां से विभूति लेकर अपने साथ जाते हैं।  तो हमने भी थोड़ी सी विभूति प्राप्त कर ली है। 



प्रसाद में पेड़ा -    भीमाशंकर   मंदिर परिसर में प्रसाद के रुप में शुद्ध घी में बना हुआ पेड़ा मिलता है। कई दुकानों पर पेडा बनते हुए देखा जा सकता है।  यहां के पेड़े के स्वाद लाजवाब है।   आसपास के क्षेत्र में बेहतरीन  गुणवत्ता का दूध मिलने के कारण पेड़े की शुद्धता भी बनी रहती है। 
  और कुछ  खाना पीना हो तो मदिर परिसर के आसपास दुकाने  गुलजार रहती हैं। आप अपनी पसंद का कुछ खा पी सकते हैं।  हमें यहां भी मक्की दिखाई दे गई।   भुट्टे को उबाल कर या पकाकर खाने का  एक अलग स्वाद होता है।   इसका आनंद यहां भी लिया जा सकता है।


 
देश में कहां कहां हैं   12  ज्योतिर्लिंग - 

1. सोमनाथ ( गुजरात)
2. श्री मल्लिकार्जुन स्वामी ( करनूल, आंध्र प्रदेश)
3. महाकालेश्वर ( उज्जैन, मध्य प्रदेश )
4. ओंकारेश्वर (खंडवा, मध्य प्रदेश )
5. केदारनाथ (रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड )
6. भीमाशंकर (मंचर, पुणे, महाराष्ट्र)
7. काशी विश्वनाथ (वाराणसी, उत्तर प्रदेश)
8. त्र्यंबकेश्वर (नासिक, महाराष्ट्र)
9. वैद्यनाथ (देवघर, झारखंड)
10. नागेश्वर (द्वारका, गुजरात)
11. रामेश्वरम (रामनाथपुरम, तमिलनाडु)
12. घृष्णेश्वर मंदिर (औरंगाबाद, महाराष्ट्र)



- विद्युत प्रकाश मौर्य  - vidyutp@gmail.com

( JYOTIRLINGAM, TEMPLE, SHIVA, BHIMA SHANKAR, PUNE, BHIMA RIVER ) 

तो  बने  रहिए हमारे साथ - आगे चलेंगे  शिवनेरी फोर्ट , जहां छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। 


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