Sunday, May 24, 2015

बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन और स्टीम इंजन वाला रोड रोलर



मुंबई से हमारी वापसी की ट्रेन बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन से है। नांदेड़, औरंगाबाद, अजंता, एलोरा, नेरल, माथेरन, पुणे, भीमाशंकर, लोनावाला, मुंबई के बाद अब वापसी दिल्ली की ओर। हमने खार घर से बांद्रा पहुंचने के लिए ओला की कैब बुक कर ली है। कैब ने सही समय पर हमें बांद्रा टर्मिनस पहुंचा दिया। बांद्रा नया टर्मिनस बना है। यहां से कुछ गिनती की रेलगाड़ियां शुरू होती हैं। दरअसल सीएसटी, मुंबई सेंट्रल और कुर्ला टर्मिनस की भीड़ को कम करने के लिए बांद्रा नया टर्मिनस बनाया गया है। 

दिल्ली जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस इसी बांद्रा टर्मिनस बनकर चलती है। बांद्रा का टर्मिनस बांद्रा के लोकल रेलवे स्टेशन से एक किलोमीटर आगे है। टर्मिनस तक पहुंचने का रास्ता अच्छा नहीं बन पाया है। संकरे सड़क और स्लम वाले रास्ते से होकर यहां तक पहुंचना पड़ता है। पर रेलवे द्वारा बांद्रा टर्मिनस को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। 

बांद्रा टर्मनिस स्टेशन के बाहर रेलवे की ऐतिहासिक विरासत को रखा गया है। यह विरासत है स्टीम इंजन से चलने वाला रोड रोलर। रेलवे को भी जगह जगह अपने जद में सड़कों को बनाने के लिए रोड रोलर की जरूर पड़ती है। तो ये रोड रोलर बीबी एंड सीआईआर रेलवे की संपत्ति हुआ करता था। बीबी एंड सीआईआर मतलब बांबे एंड बरोदा सेंट्रल इंडिया रेलवे।

तो इस रोड रोलर का निर्माण 1948 में किया गया गया था। यह 1998 तक अपनी सेवाएं देता रहा। देश में सभी जगह स्टीम इंजनों की विदाई के साथ इसे भी विदाई दे दी गई।
टेल्को ने किया था निर्माण-  इस रोड रोलर का निर्माण टेल्को ने किया था। इसे जमशेदपुर प्लांट में निर्मित किया गया था। टेल्को लंबे समय रेलवे के लोकोमोटिव बनाती रही। इस रोड रोलर के निर्माण के लिए मार्शल एंड संस ( ब्रिटेन की कंपनी ) से तकनीकी सहायता ली गई थी। टेल्को ने इस तरह के कई रोड रोलर का निर्माण किया था। 
पश्चिम रेलवे ने इस तरह के चार स्टीम इंजन वाले रोड रोलर को खरीदा था अपने इस्तेमाल के लिए। दस टन वजन का यह रोड रोलर तकनीकी दृष्टि से बेहतरीन उत्पाद था। मेेकेनिकल इंजीनियरिंग का इसे मास्टर पीस नमूना माना जाता था। इसके इंजन का संतुलन गजब का था। गुजरात के वलसाड इलाके में रेलवे लाइन और उसके साथ सड़के बनाने में इसका खूब इस्तेमाल किया गया। पांच दशक तक इसने अपनी शानदार सेवाएं दी। इसके बाद यह 1998 में रिटायर हो गया। अब इसे बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाहर लाकर स्थापित कर दिया गया है। आते जाते लोग रेलवे के समृद्ध विरासत को देखते हैं। 
तो चलिए अब हम भी स्टेशन के अंदर चलते हैं। हमारी दिल्ली जाने वाली ट्रेन 12909 बांद्रा-हजरत निजामुद्दीन गरीब रथ प्लेटफार्म पर हमारा इंतजार कर रही है। शाम ढल रही है। पर गरमी बरकरार है। तो थोड़ा सा कोल्ड ड्रिंक ले लिया जाए। शाम 4.35 में सही समय पर ट्रेन चल पड़ी। अगले दिन सुबह 9.40 बजे अपने नियत समय पर ट्रेन दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर प्रवेश कर रही थी।  
- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 
( BANDRA TERMINUS, MUMBAI, STEAM ROAD ROLER , BB AND CIR)

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