Monday, May 4, 2015

और चेन्नई एक्सप्रेस से हम पहुंचे पुणे


महाराष्ट्र के लोकप्रिय हिल स्टेशन माथेरन से एक बार फिर वापस हमलोग नेरल जंक्शन पहुंच चुके थे। अब आगे हमें जाना था कर्जत। वहां से पुणे। पर नेरल में वापसी में भी माधवी को यहां की गरमी बरदाश्त नहीं हुई। वे थोड़ी देर तक नासाज रहीं। 
गलत गाड़ी आ रही है... नेरल में हम रेलवे की उदघोषणा सुन रहे थे, जब किसी ऐसे एक्सप्रेस ट्रेन के आने का ऐलान होता जो नेरल में नहीं रुकती तो ऐसा ऐलान होता - प्लेटफार्म नंबर 2 पर एक गलत गाड़ी आ रही है, कृपया यात्रीगण पटरियों से दूर रहें। खैर एक लोकल ट्रेन लेकर हमलोग कर्जत पहुंच गए।


करजत से पुणे जाने के लिए सिंहगढ़ एक्सप्रेस शाम को 4 बजे के बाद थी। हम पुणे का टिकट खरीदने के बाद उसी ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। तभी चेन्नई एक्सप्रेस के आने की घोषणा हुई। पता चला कि ये ट्रेन पुणे में सिंहगढ़ एक्सप्रेस से पहले पहुंच जाएगी।
 हमने अनादि को कहा, इंजन के बाद जनरल डिब्बा आएगा। उस पर नजर रखो अगर उसमें बैठने लायक जगह हुई तो हम इसी ट्रेन में घुसने की कोशिश करेंगे। चेन्नई एक्सप्रेस में डीजल लोकोमोटिव लगा था। संयोग से जहां हम खड़े थे वहीं इंजन के बाद वाला डिब्बा आकर लगा।


 ट्रेन चेन्नई जा रही थी पर इसके जनरल डिब्बे में सम्मान जनक जगह थी। हम कर्जत में इस ट्रेन में सवार हो गए। खिड़की के पास वाली सीट पर जगह भी मिल गई। तब याद आया कि चेन्नई एक्सप्रेस नाम की फिल्म बन चुकी है और काफी लोकप्रिय हुई थी। तो क्या यह शाहरुख खान दीपिका पादुकोण वाली ही चेन्नई एक्सप्रेस है। अनादि ने कहा नहीं पापा सिर्फ नाम ही मिलता है।  ये फिल्मी ट्रेन नहीं ये तो असली चेन्नई एक्प्रेस है। 11027 अप चेन्नई एक्सप्रेस मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से दोपहर दो बजे डीजल लोको के पावर से चलती है। इसमें गुंतकल तक डीजल इंजन ही लगा रहता है। इसके आगे चेन्नई तक इसे इलेक्ट्रिक लोको लेकर जाता है।


चेन्नई एक्सप्रेस लोनावाला की पहाड़ी वादियों के बीच सिंह गर्जना करती हुई आगे बढती जाती है। खिड़की से सह्याद्रि की हरी भरी वादियां नजर आती हैं। पिंपरी चिंचवड के बाद ट्रेन पुणे शहर की सीमा में प्रवेश कर जाती है। तभी ट्रेन खड़की नामक स्टेशन पर रुक जाती है। ये पुणे का बाहरी इलाका है। ठहराव सिर्फ एक मिनट का है। मैं अपने दोस्त अभय को तुरंत फोन मिलाकर पूछता हूं...तुम्हारा घर खड़की से नजदीक है क्या..वह बताते हैं हां...अगर वहां ट्रेन रुके तो उतर जाइए। बस हम तुरंत ट्रेन से उतर जाते हैं। हमारा डिब्बा सबसे आगे है। स्टेशन के मुख्य भवन से भी काफी आगे। पर सामने 10 कदम पर सड़क नजर आती है और वहां खड़े दो आटो रिक्शा। हम सीधे डिब्बे से उतरकर सड़क पर। एक आटो रिक्शा हमें महज 10 मिनट में पुराने दिनों के साथी अभय के घर पहुंचा देता है जो बोपोडी में रहते हैं। हम समय से एक घंटे पहले घर पहुंच गए। थैंक्यू, चेन्नई एक्सप्रेस। 

अभय कुमार के साथ, शिवनेरी, शिवाजी के किले में । कभी हमलोग बीएचयू में साथ साथ थे.....

हमलोग दूसरी बार पुणे पहुंचे हैं। इससे पहले मुंबई से महबलेश्वर जाने के क्रम में 2013 में पुणे आना हुआ था। पर वह पुणे में कुछ घंटे का विराम था। इस बार तो पुणे और आसपास घूमने की योजना है। 
( CHENNAI EXPRESS, RAIL, MUMBAI, PUNE ) 

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